Chhattisgarh New Assembly Building: पीएम मोदी ने छत्तीसगढ़ के नये विधानसभा भवन का किया उद्घाटन, जानें क्या है खासियत

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new building of Chhattisgarh Legislative Assembly

छत्तीसगढ़ का नया विधानसभा भवन

Chhattisgarh New Assembly Building: छत्तीसगढ़ राज्य शनिवार को 25 साल का हो गया. हर साल छत्तीसगढ़ 1 नवंबर को अपना स्थापना दिवस मनाता है. आज का दिन राज्य के लिए बेहद खास भी है. क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नये विधानसभा भवन के रूप में राज्य को बड़ा तोहफा दिया है.

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Chhattisgarh New Assembly Building: छत्तीसगढ़ विधानसभा का इतिहास काफी रोचक है. राज्य निर्माण के दौरान रायपुर के एक निजी विद्यालय के सभागार को विधानसभा बनाया गया था. अब जब राज्य ने अपना 25 वर्ष पूरा कर लिया तो उसे नये भवन की सौगात मिल गई है. पीएम मोदी ने शनिवार को नये भवन का उद्घाटन किया.

51 एकड़ में फैला है नया विधानसभा भवन

छत्तीसगढ़ का नया विधानसभा भवन 51 एकड़ में फैला है. इसे 324 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है. नया विधानसभा भवन सिर्फ एक इमारत नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और प्रगतिशील भावना का प्रतीक है.

बिजली नहीं रहने पर भी रौशनी से जगमगाता रहेगा नया विधानसभा

नए विधानसभा भवन के वास्तुविद संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि विधानसभा भवन का निर्माण वर्तमान और भविष्य की सुविधाओं को ध्यान में रखकर किया गया है. कभी यहां दिन में बिजली बंद होने पर अंधेरा नहीं होगा तथा प्राकृतिक रौशनी यहां हमेशा रहेगी.

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नये विधानसभा भवन का अवलोकन करते पीएम मोदी

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण

पीएम मोदी ने इस दौरान विधानसभा के नए भवन में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण भी किया. नया रायपुर, अटल नगर में मंत्रालय के करीब निर्मित विधानसभा भवन अपनी शानदार, आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल इमारत के लिए जाना जाएगा.

नये भवन के किसी भी कोने से सदन की कार्यवाही को देखा जा सकता है

सदन में बने गलियारों का निर्माण करने के दौरान ध्यान रखा गया है कि उनके किसी भी कोने से सदन की कार्यवाही को देखा जा सकता है और यदि सदन का विस्तार करने की भविष्य में जरूरत होगी तो बगैर किसी तोड़फोड़ के आसानी से इसका विस्तार किया जा सकेगा.

विधानसभा भवन की छत में धान की बालियों और पत्तियों को उकेरा गया है

‘धान का कटोरा’ के नाम से विख्यात छत्तीसगढ़ में विधानसभा भवन की छत पर धान की बालियों और पत्तियों को उकेरा गया है. यहां के ज्यादातर दरवाजे और फर्नीचर बस्तर के काष्ठ शिल्पियों द्वारा बनाए गए हैं. विधानसभा का नया भवन आधुनिकता और परंपरा का संगम है.

विधानसभा भवन में क्या-क्या है?

विधानसभा भवन को तीन हिस्सों में बनाया गया है. ‘विंग-ए’ में विधानसभा का सचिवालय है, ‘विंग-बी’ में सदन, सेंट्रल हॉल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष का कार्यालय है. ‘विंग-सी’ में सभी मंत्रियों के कार्यालय बने हुए हैं.

नये विधानसभा भवन में दो सरोवर बनाए गए हैं

नये विधानसभा परिसर में सौर संयंत्र के साथ ही वर्षा जल के संचयन के लिए दो सरोवर भी बनाए जा रहे हैं.

आधुनिक ऑडिटोरियम और सेंट्रल हॉल भी बनाया गया

विधानसभा भवन में 500 दर्शक क्षमता का आधुनिक ऑडिटोरियम और 100 लोगों के बैठने की क्षमता वाला सेंट्रल हॉल भी है. पूरे भवन की वास्तुकला को आधुनिक और पारंपरिक शैलियों का मिला-जुला रूप दिया गया है.

2000 में नये राज्य के रूप में छत्तीसगढ़ आया अस्तित्व में

छत्तीसगढ़ के एक नवंबर, 2000 को अस्तित्व में आने के साथ ही राज्य विधानसभा का भी गठन हुआ. छत्तीसगढ़ की प्रथम विधान सभा में 91 सदस्य थे, जिनमें से 90 जनता द्वारा निर्वाचित तथा एक नामांकित सदस्य (एंग्लो इंडियन समुदाय) थे. छत्तीसगढ़ विधानसभा का पहला सत्र रायपुर के राजकुमार कॉलेज (एक निजी स्कूल) के जशपुर हॉल में हुआ था. बाद में विधानसभा को राजधानी के बाहरी इलाके में रायपुर-बलौदाबाजार मार्ग पर एक नयी बनी सरकारी भवन में स्थानांतरित कर दिया गया था.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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