चीता उदय की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलासा, नहीं काम कर रहे थे ये दो अंग, कूनो में दी गई अंतिम विदाई

Published by : Pritish Sahay Updated At : 25 Apr 2023 12:47 PM

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चीता 'उदय' की शनिवार को सेहत बिल्कुल ठीक थी. रविवार को उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई. वो सिर झुकाकर सुस्त और अस्वस्थ हालत में था. हालांकि चिकित्सकों की टीम ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसे नहीं बचाया जा सका. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि उसके दो अंगों ने काम करना बंद कर दिया था.

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भारत में प्रोजेक्ट चीता को एक के बाद एक झटका लगा है. पहले मादा चीता साशा की मौत हो गई. इसके बाद नर चीता उदय ने दम तोड़ दिया. एक महीने के अंतराल में प्रोजेक्ट चीता तो दो-दो झटके लग गये. सबसे बड़ी बात की चीता उदय की मौत अचानक हो गई, उसकी मौत से एक दिन पहले हुई हेल्थ चेकअप में वो पूरी तरह स्वस्थ था. वहीं, चीता उदय की मौत के बाद उनकी मौत के कारण को खोजा गया तो पता चला कि उसकी मौत हृदय एवं फेफड़ों के काम बंद करने के कारण हुई.

क्या है ‘उदय’ की पोस्टमॉर्टन की रिपोर्ट: मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान दक्षिण अफ्रीका से लाये गये चीता ‘उदय’ की मौत की शुरूआती जांच में सामने आया है कि हृदय और फेफड़ों के काम बंद करने के कारण उसकी मौत हुई. हालांकि पूरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अभी नहीं आई है लेकि जो जांच अभी हुई है उसके मुताबिक, कार्डियोपल्मोनरी फेलियर के कारण उदय की मौत हुई है. वहीं, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चीता उदय के मौत की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपी जाएगी.

अचानक सुस्त हो गया था उदय: गौरतलब है कि चीता ‘उदय’ की शनिवार को सेहत बिल्कुल ठीक थी. रविवार को उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई. वहीं, ‘उदय’ की मौत मामले में मध्य प्रदेश के मुख्य वन संरक्षक जेएस चौहान ने बताया कि चीता उदय 23 अप्रैल को सिर झुकाकर सुस्त और अस्वस्थ हालत में बैठा था. जब वन्य कर्मी उसके समीप गये तो वो उठकर लड़खड़ाते हुए चलने लगा था. उसकी बीमार पड़ने की सूचना वन्य प्राणी चिकित्सकों को दी गयी, जिसके बाद वहां पहुंची टीम न हर तरीके से उसकी इलाज किया.

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एक महीने में दो-दो चीतों की मौत: बता दें, केएनपी में करीब एक महीने में इस तरह की यह दूसरी घटना हुई. इससे पहले नामीबिया से केएनपी में लाये गये आठ चीतों में से ‘साशा’ नाम के एक मादा चीते की 27 मार्च को गुर्दे की बीमारी के कारण मौत हो गई थी. इस प्रकार नामीबिया एवं दक्षिण अफ्रीका से केएनपी में लाये गये कुल 20 चीतों की संख्या अब घट कर 18 हो गई है. हालांकि, सियाया नाम के एक अन्य चीता ने हाल ही में केएनपी में चार शावकों को जन्म दिया.

भाषा इनपुट के साथ

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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