TV चैनलों के प्रसारण के लिए सरकार की नयी गाइडलाइन, 30 मिनट तक राष्ट्रीय हित की सामग्री दिखाना जरूरी

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 09 Nov 2022 4:38 PM

विज्ञापन

सूचना एवं प्रसारण सचिव अपूर्व चंद्रा ने कहा कि भारत में सैटेलाइट टेलीविजन चैनल के अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग के लिए दिशानिर्देश, 2022 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी प्रदान कर दी है. 2011 में टीवी चैनलों के लिए अपलिंकिंग और डाउनलिंकिग के लिए एक गाइडलाइन जारी किया गया था.

विज्ञापन

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने भारतीय टीवी चैनलों को अपलिंक और डाउनलिंक करने के दिशानिर्देशों को अपनी मंजूरी दे दी है. अब भारतीय टेलीपोर्ट विदेशी चैनलों को अपलिंक कर सकते हैं.

2011 में जारी किया गया था अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग के लिए गाइडलाइन

गौरतलब है कि 2011 में टीवी चैनलों के लिए अपलिंकिंग और डाउनलिंकिग के लिए एक गाइडलाइन जारी किया गया था. जिसमें संशोधन की प्रक्रिया फिलहाल चल रही थी. सूचना एवं प्रसारण सचिव अपूर्व चंद्रा ने कहा कि भारत में सैटेलाइट टेलीविजन चैनल के अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग के लिए दिशानिर्देश, 2022 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी प्रदान कर दी है.

Also Read: गुजरात चुनाव 2022: ‘आ गुजरात, में बनव्यु छे’, पीएम नरेंद्र मोदी ने यूं ही नहीं कही ये बात

टेलीविजन चैनल को हर दिन राष्ट्रीय और सार्वजनिक हित से जुड़ी सामग्री प्रसारित करना होगा

सरकार की नयी गाइडलाइन के अलुसार टेलीविजन चैनल के लिए हर दिन 30 मिनट के लिए राष्ट्रीय और सार्वजनिक हित से जुड़ी सामग्री प्रसारित करना अनिवार्य है.

11 साल बाद जारी की गयी नया गाइडलाइन

सूचना और प्रसारण सचिव अपूर्व चंद्र ने कहा, हमने 11 साल बाद नये गाउडलाइन जारी किया हैं. सचिव अपूर्व चंद्र ने कहा, चैनलों को राष्ट्रीय हित या राष्ट्रीय महत्व की चीजों के लिए 30 मिनट का स्लॉट दिया जाना जरूरी होगा. इसके अलावा महिला सशक्तिकरण और कृषि सहित 7-8 विषय दी गयी हैं.

ये हैं नयी गाइडलाइन के प्रमुख बिंदु

कैबिनेट की ओर से जो मंजूरी दी गयी है, उसमें अनुसार कार्यक्रमों के सीधा प्रसारण के लिए अब अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी.

सीधा प्रसारण किए जाने वाले कार्यक्रमों का पूर्व पंजीकरण जरूरी होगा.

दिशानिर्देशों के अनुसार एक से अधिक टेलीपोर्ट या उपग्रह की सुविधाओं का उपयोग कर किसी चैनल को अपलिंक किया जा सकता है.

मौजूदा नियमों के तहत सिर्फ एक ही टेलीपोर्ट या उपग्रह के जरिए चैनल को अपलिंक किया जा सकता है.

दिशानिर्देशों को 11 साल के बाद संशोधित किया गया है.

समाचार एजेंसी को वर्तमान में एक साल की तुलना में 5 साल की अवधि के लिए अनुमति मिल सकती है.

विज्ञापन
ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola