TV चैनलों के प्रसारण के लिए सरकार की नयी गाइडलाइन, 30 मिनट तक राष्ट्रीय हित की सामग्री दिखाना जरूरी

सूचना एवं प्रसारण सचिव अपूर्व चंद्रा ने कहा कि भारत में सैटेलाइट टेलीविजन चैनल के अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग के लिए दिशानिर्देश, 2022 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी प्रदान कर दी है. 2011 में टीवी चैनलों के लिए अपलिंकिंग और डाउनलिंकिग के लिए एक गाइडलाइन जारी किया गया था.
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने भारतीय टीवी चैनलों को अपलिंक और डाउनलिंक करने के दिशानिर्देशों को अपनी मंजूरी दे दी है. अब भारतीय टेलीपोर्ट विदेशी चैनलों को अपलिंक कर सकते हैं.
2011 में जारी किया गया था अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग के लिए गाइडलाइन
गौरतलब है कि 2011 में टीवी चैनलों के लिए अपलिंकिंग और डाउनलिंकिग के लिए एक गाइडलाइन जारी किया गया था. जिसमें संशोधन की प्रक्रिया फिलहाल चल रही थी. सूचना एवं प्रसारण सचिव अपूर्व चंद्रा ने कहा कि भारत में सैटेलाइट टेलीविजन चैनल के अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग के लिए दिशानिर्देश, 2022 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी प्रदान कर दी है.
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Cabinet approves guidelines for uplinking, downlinking in TV channels
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— ANI Digital (@ani_digital) November 9, 2022
टेलीविजन चैनल को हर दिन राष्ट्रीय और सार्वजनिक हित से जुड़ी सामग्री प्रसारित करना होगा
सरकार की नयी गाइडलाइन के अलुसार टेलीविजन चैनल के लिए हर दिन 30 मिनट के लिए राष्ट्रीय और सार्वजनिक हित से जुड़ी सामग्री प्रसारित करना अनिवार्य है.
11 साल बाद जारी की गयी नया गाइडलाइन
सूचना और प्रसारण सचिव अपूर्व चंद्र ने कहा, हमने 11 साल बाद नये गाउडलाइन जारी किया हैं. सचिव अपूर्व चंद्र ने कहा, चैनलों को राष्ट्रीय हित या राष्ट्रीय महत्व की चीजों के लिए 30 मिनट का स्लॉट दिया जाना जरूरी होगा. इसके अलावा महिला सशक्तिकरण और कृषि सहित 7-8 विषय दी गयी हैं.
ये हैं नयी गाइडलाइन के प्रमुख बिंदु
कैबिनेट की ओर से जो मंजूरी दी गयी है, उसमें अनुसार कार्यक्रमों के सीधा प्रसारण के लिए अब अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी.
सीधा प्रसारण किए जाने वाले कार्यक्रमों का पूर्व पंजीकरण जरूरी होगा.
दिशानिर्देशों के अनुसार एक से अधिक टेलीपोर्ट या उपग्रह की सुविधाओं का उपयोग कर किसी चैनल को अपलिंक किया जा सकता है.
मौजूदा नियमों के तहत सिर्फ एक ही टेलीपोर्ट या उपग्रह के जरिए चैनल को अपलिंक किया जा सकता है.
दिशानिर्देशों को 11 साल के बाद संशोधित किया गया है.
समाचार एजेंसी को वर्तमान में एक साल की तुलना में 5 साल की अवधि के लिए अनुमति मिल सकती है.
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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