Caste Census: देश में दो चरणों में होगी जातीय जनगणना, तय हुई तारीख, इन राज्यों से होगी शुरुआत

Published by : Pritish Sahay Updated At : 04 Jun 2025 9:25 PM

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Caste Census

Caste Census: भारत में अगले साल जातीय जनगणना की शुरूआत होगी. यह जनगणना देशभर में दो फेज में कराई जाएगी. पहाड़ी राज्यों जैसे लद्दाख, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 1 अक्टूबर 2026 से जनगणना शुरू होगी. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी.

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Caste Census: अगले साल देश में जातीय जनगणना की शुरुआत होगी. पूरे देश में जातीय जनगणना दो चरणों में पूरी होगी. जिसमें विभिन्न जातियों की भी गिनती कराई जाएगी. गृह मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, जातियों की गणना के साथ-साथ दो चरणों में जनसंख्या जनगणना-2027 आयोजित करने का फैसला किया गया है. जनसंख्या जनगणना-2027 एक मार्च 2027 को शुरू होगी.

पहाड़ी राज्यों में पहले होगी जनगणना

गृह मंत्रालय के मुताबिक केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर और हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों के गैर-समकालिक बर्फीले क्षेत्रों के लिए 1 मार्च 2026 को दिन के 12 बजे से शुरू होगी. उपरोक्त संदर्भ तिथियों के साथ जनसंख्या जनगणना आयोजित करने के इरादे की अधिसूचना जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 3 के प्रावधान के अनुसार 16.6.2025 को आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित की जाएगी.”

https://twitter.com/ANI/status/1930240978792632426

दो चरणों में पूरी होगी जनगणना

गृह मंत्रालय ने अपनी विज्ञप्ति में बताया “जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 3 के प्रावधान के अनुसार उपरोक्त संदर्भ तिथियों के साथ जनगणना कराने के आशय की अधिसूचना 16 जून 2025 को आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित की जाएगी. भारत की जनगणना, जनगणना अधिनियम 1948 और जनगणना नियम 1990 के प्रावधानों के अंतर्गत की जाती है. भारत की पिछली जनगणना 2011 में दो चरणों में की गई थी. पहला चरण एक अप्रैल से 30 सितंबर 2020 के बीच चला था जिसमें मकानों की गिनती की गई थी और दूसरा चरण नौ फरवरी से 28 फरवरी 2011 के बीच तक चला था जिसमें लोगों की गिनती की गई थी.

कोरोना के कारण टल गई थी जनगणना

गृह मंत्रालय ने बताया कि जनगणना 2021 को भी इसी तरह दो चरणों में आयोजित करने का प्रस्ताव था. पहला चरण अप्रैल-सितंबर 2020 के दौरान और दूसरा चरण फरवरी 2021 में आयोजित किया जाना था. 2021 में आयोजित की जाने वाली जनगणना के पहले चरण की सभी तैयारियां पूरी हो गई थीं और एक अप्रैल, 2020 से कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में क्षेत्रीय कार्य शुरू होने वाला था. हालांकि, देश भर में कोविड-19 महामारी के प्रकोप के कारण जनगणना का काम स्थगित करना पड़ा.

कांग्रेस ने साधा निशाना

कांग्रेस ने जातिगत जनगणना साल 2026 और 2027 में दो चरणों में कराए जाने के फैसले को लेकर बुधवार को आरोप लगाया कि मोदी सरकार सिर्फ सुर्खियां बटोरने में लगी है. डेडलाइन पूरा करने में नहीं. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया “वास्तव में 2021 में होने वाली जनगणना को लेकर अगले 23 महीनों की देरी करने का कोई कारण नहीं है. मोदी सरकार केवल हेडलाइन बटोरने में सक्षम है, डेडलाइन पूरा करने में नहीं.”

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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