I love Muhammad : आई लव मोदी कहना आसान, लेकिन आई लव मोहम्मद से दिक्कत, भड़के ओवैसी, देखें Video
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 03 Oct 2025 7:51 AM
असदुद्दीन ओवैसी
I love Muhammad : बरेली में तनाव के बीच असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि "आई लव मोहम्मद" कहने पर आपत्ति क्यों होती है, जबकि "आई लव मोदी" कहना आसान है. साथ ही उन्होंने लोगों से कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की.
I love Muhammad विवाद पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भड़क गए हैं. उन्होंने गुरुवार को कहा कि भारत में “आई लव मोदी” कहना आसान है, लेकिन “आई लव मोहम्मद” कहना मुश्किल हो गया है. उनका यह बयान उस समय आया है जब उत्तर प्रदेश के बरेली में “आई लव मोहम्मद” पोस्टर विवाद के बाद पिछले हफ्ते हिंसक प्रदर्शन के कारण हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. दशहरा और शुक्रवार की नमाज को देखते हुए बरेली मंडल के चार जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं. गुरुवार को सड़कों पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई ताकि किसी भी तरह की अशांति को रोका जा सके और हालात कंट्रोल में बने रहें.
#WATCH | Hyderabad, Telangana: AIMIM chief Asaduddin Owaisi said, "A case is going on for the Sambhal mosque. Our mosques are being snatched away. In this country, one can say 'I love Modi' but not 'I love Mohammad'. Where are you taking this nation? If someone says 'I love… pic.twitter.com/jXyBW5C3tL
— ANI (@ANI) October 3, 2025
“आई लव मोहम्मद” कहने पर आपत्ति क्यों ? ओवैसी का सवाल
बरेली में जारी तनाव के बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल उठाया कि भारत में “आई लव मोहम्मद” कहने पर आपत्ति क्यों की जाती है, जबकि “आई लव मोदी” कहना आसान है. हैदराबाद में दिए भाषण में उन्होंने कहा, “इस देश में अगर कोई ‘आई लव मोदी’ कहता है तो मीडिया भी खुश हो जाता है, लेकिन अगर कोई ‘आई लव मोहम्मद’ कहता है तो उसे समस्या के रुप में दिखाया जाता है. मैं मुसलमान हूं तो मोहम्मद की वजह से हूं.”
हमारी मस्जिदें छीनी जा रही हैं : ओवैसी
ओवैसी ने कहा, “संभल मस्जिद के लिए एक मामला चल रहा है. हमारी मस्जिदें छीनी जा रही हैं. मैं मुसलमान हूं तो मोहम्मद की वजह से हूं. पैगंबर मोहम्मद के अलावा कोई मोहम्मद का नाम नहीं था. अगर आप उनके पोस्टर लगाते हैं, तो उन्हें सम्मान देना होगा. मैं सरकार से पूछना चाहता हूं कि इतने सारे कानून क्यों बनाए जा रहे हैं और क्या हो रहा है?”
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वीडियो क्लिप ओवैसी ने दिखाए
ओवैसी ने कुछ वीडियो क्लिप का हवाला दिया, जिसमें पुलिस द्वारा लोगों पर लाठीचार्ज किए जाने और कुछ दुकानदारों द्वारा फूल बरसाने की बातें दिखाई गईं. उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस केवल सत्ता में बैठे लोगों के प्रति जवाबदेह है, आम जनता के प्रति नहीं.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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