BRICS Summit: पीएम मोदी ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए साउथ अफ्रीका रवाना, शी से होगा आमना-सामना

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 22 Aug 2023 10:11 AM

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत से रवाना हो गये हैं. उनके दौरे में सबकी नजर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात पर है. हालांकि दोनों के बीच मुलाकात होगी या नहीं, इसको लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण अफ्रीका के शहर में 22 से 24 अगस्त तक आयोजित होने वाले 15वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंने के लिए रवाना हो गये हैं. उनकी यह यात्रा दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति साइरिल रामफोसा के निमंत्रण पर हो रही है.

साउथ अफ्रीका रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने किया ट्वीट

मैं दक्षिण अफ्रीका की अध्यक्षता में जोहान्सबर्ग में आयोजित होने वाले 15वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा के निमंत्रण पर 22-24 अगस्त 2023 तक दक्षिण अफ्रीका गणराज्य का दौरा कर रहा हूं. मैं जोहान्सबर्ग में मौजूद कुछ नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने का भी उत्सुक हूं. ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस के निमंत्रण पर मैं 25 अगस्त 2023 को दक्षिण अफ्रीका से एथेंस, ग्रीस की यात्रा करूंगा. इस प्राचीन भूमि की यह मेरी पहली यात्रा होगी. मुझे 40 साल बाद ग्रीस की यात्रा करने वाला पहला भारतीय प्रधानमंत्री होने का सम्मान मिला है.

ब्रिक्स में शी और पीएम मोदी के बीच होगा आमना-सामना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत से रवाना हो गये हैं. उनके दौरे में सबकी नजर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात पर है. हालांकि दोनों के बीच मुलाकात होगी या नहीं, इसको लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच बैठक की संभावना के बारे में पूछे गए सवालों का कोई सीधा जवाब नहीं दिया.

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कोविड-19 के बाद पहली बार हो रही ब्रिक्स देशों की आमने-सामने बैठक

कोविड-19 के बाद ब्रिक्स (ब्राजील-रूस-भारत-चीन-दक्षिण अफ्रीका) नेताओं की पहली भौतिक उपस्थिति में होने वाली बैठक (इन पर्सन समिट) होगी.

क्या है ब्रिक्स

ब्रिक्स दुनिया की पांच सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था वाले देशों का एक समूह है. ब्रिक्स के अंग्रेजी अक्षर B R I C S का हर अक्षर एक देश का प्रतिनिधित्व करता है. जिसमें B- ब्राजील, R- रूस, I- भारत, C- चीन और S- दक्षिण अफ्रीका.

पूर्वी लद्दाख में सीमा पर गतिरोध के बाद नहीं हुई और मोदी और जिनपिंग के बीच बैठक

अगर ब्रिक्स में पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक होती है तो मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में सीमा पर गतिरोध के बाद यह इनके बीच पहली बैठक होगी. मोदी और शी का पिछले वर्ष नवंबर में बाली में जी-20 शिखर बैठक में थोड़ी देर के लिए आमना सामना हुआ था.

भारत और चीन के बीच तीन साल से जारी है गतिरोध

भारतीय और चीनी सैनिक पूर्वी लद्दाख में गतिरोध के कुछ बिंदुओं पर तीन साल से अधिक समय से टकराव की स्थिति में हैं. हालांकि दोनों पक्षों ने व्यापक राजनयिक और सैन्य वार्ता के बाद कई क्षेत्रों से सैनिकों की वापसी पूरी कर ली है. भारत और चीन ने 19वें भारत-चीन कोर कमांडर-स्तरीय बैठक 13-14 अगस्त को भारतीय सीमा पर चुशुल-मोल्डो सीमा बैठक बिंदु पर आयोजित की थी. संयुक्त बयान में कहा गया था, दोनों पक्षों ने पश्चिमी क्षेत्र में एलएसी पर शेष मुद्दों के समाधान पर सकारात्मक, रचनात्मक और गहन चर्चा की.

अजीत डोभाल भी जोहानिसबर्ग में चीन के राजनयिक से कर चुके हैं मुलाकात

24 जुलाई को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने चीन के वरिष्ठ राजनयिक वांग यी से जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स की एक बैठक से इतर मुलाकात की थी. बैठक के संबंध में अपने बयान में विदेश मंत्रालय ने कहा था कि डोभाल ने यह अवगत कराया कि 2020 से भारत-चीन सीमा के पश्चिमी क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर स्थिति से सामरिक विश्वास का क्षरण हुआ है तथा संबंध कमजोर हुए हैं.

विदेश मंत्री एस जयशंकर कर चुके हैं चीन के राजनयिक से मुलाकात

इसके अलावा विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पिछले महीने जकार्ता में पूर्वी एशियाई शिखर बैठक से इतर चीनी राजनयिक वांग यी से बातचीत की थी. भारत लगातार कहता रहा है कि जब तक सीमावर्ती इलाकों में शांति कायम नहीं होती, चीन के साथ उसके संबंध सामान्य नहीं हो सकते. पैंगोंग झील क्षेत्र में हिंसक झड़प के बाद पांच मई, 2020 को पूर्वी लद्दाख सीमा पर गतिरोध शुरू हो गया था. गलवान घाटी में जून 2020 में हुई झड़प के बाद दोनों देशों के संबंध काफी प्रभावित हुए.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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