ePaper

10 जून के बाद राज्यसभा में मजबूत होगी भाजपा या सीटें होंगी कम, जानिए बहुमत के क्या हैं जादुई आंकड़े

Updated at : 13 May 2022 3:05 PM (IST)
विज्ञापन
10 जून के बाद राज्यसभा में मजबूत होगी भाजपा या सीटें होंगी कम, जानिए बहुमत के क्या हैं जादुई आंकड़े

राज्यसभा में वर्ष 1988 में कांग्रेस के पास 108 सदस्य थे. उसके बाद 1990 में हुए द्विवार्षिक चुनावों के बाद उसके सदस्यों की संख्या गिरकर 99 हो गई और 2012-13 के बीच यह संख्या 72 पहुंच गई और अब राज्यसभा में कांग्रेस सदस्यों की संख्या 29 है.

विज्ञापन

नई दिल्ली : निर्वाचन आयोग ने भारत के 15 राज्यों की 57 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है. इन 57 सीटों पर 10 जून को चुनाव होंगे. इससे पहले मार्च के आखिर में छह राज्यों की 13 राज्यसभा सीटों के लिए हुए द्विवार्षिक चुनाव में पूर्वोत्तर के तीन राज्य असम, त्रिपुरा और नगालैंड की तीन राज्यसभा सीटों पर जीत हासिल करने के बाद 1988 के बाद भाजपा उच्च सदन पहली बार किसी पार्टी को 100 से अधिक सीट लाने वाली पार्टी बनी थी. पूर्वोत्तर की तीन सीटों के साथ राज्यसभा में उसके सदस्यों की संख्या 101 हो गई. लेकिन, सवाल यह भी उठ रहा है कि आगामी 10 जून को 15 राज्यों के 57 सीटों के लिए होने वाले चुनाव के बाद राज्यसभा में भाजपा को बहुमत हासिल हो सकेगा या उसकी सीटें पहले के मुकाबले कम हो जाएगी? आइए, जानते हैं कि राज्यसभा में बहुमत के जादुई आंकड़े क्या हैं.

आंध्र, राजस्थान और झारखंड में भाजपा को लग सकता है झटका

मीडिया की रिपोर्ट की मानें, तो 10 जून को राज्यसभा 57 सीटों के लिए चुनाव होने के बाद उच्च सदन में अकाली दल का प्रतिनिधित्व समाप्त होने के आसार दिखाई दे रहे हैं, तो हाल ही में 100 सदस्यों के आंकड़े को पार करने वाली भाजपा के सदस्यों की संख्या कम हो सकती है. आशंका यह जाहिर की जा रही है कि भाजपा को आंध्र प्रदेश, झारखंड और राजस्थान में झटका लग सकता है. इसके साथ ही, आंध्र प्रदेश से भाजपा के तीन सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है. हालांकि, भाजपा को उम्मीद है कि वह इस नुकसान की भरपाई उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से कर लेगी. उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 11 सीटों के लिए चुनाव होने हैं, जिसमें से करीब 8 सीटें भाजपा के खाते में आने की उम्मीद है. वहीं, उत्तराखंड से एक सीट मिल सकती है.

क्या है बहुमत का जादुई आंकड़ा

बता दें कि 245 सदस्यों वाली राज्यसभा में बहुमत के लिए जादुई आंकड़ा 123 है. 245 सदस्यीय राज्यसभा में फिलहाल भाजपा के 95 सदस्य हैं, जबकि कांग्रेस के 29 सदस्य हैं. उत्तर प्रदेश के 11 सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जबकि महाराष्ट्र और तमिलनाडु के छह-छह सदस्य इस अवधि में रिटायर हो रहे हैं. इसके अलावा, राज्यसभा के जिन दूसरे राज्यों के सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें बिहार से पांच, आंध्र प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक से चार-चार हैं, जबकि मध्य प्रदेश और ओड़िशा से तीन-तीन सदस्य हैं. रिटायर होने वाले सदस्यों में तेलंगाना, छत्तीसगढ़, पंजाब, झारखंड और हरियाणा से दो-दो सदस्य हैं, जबकि एक सदस्य उत्तराखंड से है.

Also Read: झारखंड राज्यसभा चुनाव: सत्ता पक्ष की राह है आसान लेकिन आपस में हो सकती है तनातनी

1988 में कांग्रेस थी मजबूत

बताते चलें कि राज्यसभा में वर्ष 1988 में कांग्रेस के पास 108 सदस्य थे. उसके बाद 1990 में हुए द्विवार्षिक चुनावों के बाद उसके सदस्यों की संख्या गिरकर 99 हो गई और 2012-13 के बीच यह संख्या 72 पहुंच गई और अब राज्यसभा में कांग्रेस सदस्यों की संख्या 29 है. वहीं, वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को जब प्रचंड जीत मिली थी, उस वक्त उच्च सदन राज्यसभा में उसके सदस्यों की संख्या 55 थी. उसके बाद इन सात साल में धीरे-धीरे भाजपा ने बढ़त बनाई और उसके सदस्यों की संख्या 95 तक पहुंच गई.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola