भुवनेश्वर राजधानी ट्रेन को कल से मिलेगा नया ‘तेजस कोच’, जानें इसकी खासियत

दो दिवसीय ओडिशा दौरे पर पहुंचे केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, यह गर्व की बात है कि प्रतिष्ठित भुवनेश्वर राजधानी ट्रेन को कल से एक नया ‘तेजस’ रेक’ मिलेगा. यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना पीएम मोदी का दृष्टिकोण है.
भुवनेश्वर राजधानी ट्रेन को कल यानी सोमवार से नया तेजस कोच मिलने वाला है. इसकी शुरुआत केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव करेंगे. तेजस कोच मिलने से यात्रियों को बड़ी सुविधाएं भी मिलेंगीं.
अश्विनी वैष्णव तेजस कोच मिलने पर जतायी खुशी, बताया पीएम मोदी का विजन
दो दिवसीय ओडिशा दौरे पर पहुंचे केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, यह गर्व की बात है कि प्रतिष्ठित भुवनेश्वर राजधानी ट्रेन को कल से एक नया ‘तेजस’ रेक’ मिलेगा. यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना पीएम मोदी का दृष्टिकोण है.
तेजस राजधानी एक्सप्रेस की खासियत
मालूम हो भुवनेश्वर राजधानी ट्रेन को तेजस कोच मिलने से यात्रियों को कई सुविधाएं मिलेंगे. यह आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा. नयी तेजस एक्सप्रेस ट्रेन 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है. ट्रेन में इलेक्ट्रो-न्यूमैटिक असिस्टेड ब्रेक, स्वचालित प्रवेश द्वार और बायो-टॉयलेट की सुविधा होगी. यात्री सूचना प्रणाली और डिजिटल गंतव्य बोर्ड और इलेक्ट्रॉनिक यात्री आरक्षण चार्ट भी लगा होगा. साथ ही वाई-फाई की सुविधा भी कोच में दी जाएगी. मोबाइल-लैपटॉप चार्जिंग प्वाइंट की सुविधा भी कोच में दी जाएगी.
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कटक रेलवे स्टेशन बनेगा सिटी सेंटर
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ओडिशा दौरे में कहा कि कटक रेलवे स्टेशन का पुररुद्धार किया जाएगा. उन्होंने कहा, यह एक बड़ा दृष्टिकोण है और रेलवे स्टेशन यात्रियों के संपूर्ण अनुभव को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं कि शहर स्टेशन के दोनों तरफ बढ़ गया है, तो दोनों तरफ एंट्री होनी चाहिए और स्टेशन शहर को जोड़ने वाला होना चाहिए. यह स्टेशन कटक के लिए एक सिटी सेंटर होगा. उन्होंने कहा, मैं सोमवार को भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन का दौरा और निरीक्षण करूंगा.
#WATCH | Odisha: Union Railway Minister Ashwini Vaishnaw says, "This is a big vision & railway station plays an important role in transforming the entire experience of passengers…Just like PM Modi said a station should connect two states…This station will be a city centre for… pic.twitter.com/wLV2o4Uo67
— ANI (@ANI) August 13, 2023
वंदे भारत ट्रेन में 50 छात्र कर पायेंगे सफर, देना होगा परीक्षा
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, जब छात्रों ने वंदे भारत का वीडियो देखा, तो उनके मन में वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रा करने की इच्छा हुई. उन्होंने कहा, एक प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी और उनमें से 50 छात्रों का चयन किया जाएगा. सफल छात्र वंदे भारत ट्रेन में सफर का आनंद उठा पायेंगे.
स्टेशन के पुनर्विकास कार्य के नाम पर रेल किराये में कोई बढ़ोतरी नहीं: अश्विनी वैष्णव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश भर में 508 स्टेशन के पुनर्विकास कार्य की आधारशिला रखे जाने के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को कहा कि स्टेशन को पुनर्विकसित करने की परियोजना के नाम पर किराये में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है. वैष्णव ने कहा कि पुनर्विकास परियोजना के लिए आवश्यक लगभग 25,000 करोड़ रुपये वर्तमान बजट के माध्यम से आवंटित किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों के यात्रियों के लिए निर्बाध यात्रा की सुविधा प्रदान करना है. वैष्णव ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी आम लोगों के जीवन को ऊपर उठाने के लिए काम कर रहे हैं. स्टेशन पुनर्विकास का उद्देश्य भी यही है. हम चाहते हैं कि उन पर कोई बोझ डाले बिना विश्वस्तरीय स्टेशन हों. हमने स्टेशन पुनर्विकास के नाम पर किराया नहीं बढ़ाया है या कोई शुल्क नहीं लगाया है.
1300 स्टेशन को ‘अमृत भारत स्टेशन’ के रूप में किया जाएगा पुनर्विकसित
रेलवे ने देश के लगभग 1,300 प्रमुख स्टेशन को ‘अमृत भारत स्टेशन’ के रूप में पुनर्विकसित करने की योजना बनाई है। रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने 508 अमृत भारत स्टेशन की आधारशिला रखी. उत्तर प्रदेश और राजस्थान में लगभग 4,000 करोड़ रुपये की लागत से ऐसे 55-55 स्टेशन विकसित किए जाएंगे, मध्य प्रदेश में लगभग 1,000 करोड़ रुपये की लागत से 34 स्टेशन तथा महाराष्ट्र में 1,500 करोड़ रुपये की लागत से 44 स्टेशन विकसित किए जाएंगे. इसके अलावा, तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल सहित कई राज्यों के रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किया जाएगा.
रेलवे स्टेशन पुनर्विकास परियोजना के लिए 9,000 इंजीनियरों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
वैष्णव ने कहा कि रेलवे स्टेशन पुनर्विकास परियोजना का हिस्सा बनने के लिए लगभग 9,000 इंजीनियरों को प्रशिक्षण दे रहा है, ताकि उन्हें परियोजना की बारीकियों से अवगत कराया जा सके, जिसमें अनुबंध दस्तावेजों, वास्तुकला, डिजाइन और सुरक्षा का विश्लेषण शामिल है. उन्होंने कहा, इस परियोजना के लिए किसी भी राज्य के साथ कोई भेदभाव नहीं किया गया है. अगले दो वर्षों में हम कार्य में समुचित प्रगति देख सकेंगे. हम समतामूलक विकास में विश्वास रखते हैं. प्रधानमंत्री ने हमेशा कहा है कि हम परियोजना की आधारशिला रखेंगे और हम इसका उद्घाटन भी करेंगे, इससे पता चलता है कि हमें किस गति से परियोजना को पूरा करने की आवश्यकता है.
केंद्र केरल में रेल नेटवर्क के विकास के लिए प्रतिबद्ध
केंद्र केरल में रेल नेटवर्क के विकास के लिए प्रतिबद्ध है. वैष्णव ने कहा, मैं आपको एक उदाहरण दूंगा…केरल के राजनीतिक वर्ग ने एक पूरी तरह से काल्पनिक कथा गढ़ी कि वंदे भारत ट्रेन राज्य को नहीं दी जाएगी. लेकिन आप देखिए, वंदे भारत हर उस राज्य को दी गई है, जहां ब्रॉडगेज नेटवर्क (बड़ी लाइन) का विद्युतीकरण हुआ है. हमारा मानना है कि पूरे देश को एक साथ विकास करना चाहिए, लेकिन हमें राज्य सरकारों के सहयोग की आवश्यकता है. इससे पहले, पुनर्विकास कार्य की आधारशिला रखने के बाद एक समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में, देश में बिछाई गई रेल पटरी की लंबाई दक्षिण अफ्रीका, यूक्रेन, पोलैंड, ब्रिटेन और स्वीडन में संयुक्त रेलवे नेटवर्क से अधिक है.
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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