Atul Subhash Suicide Case: निकिता सिंघानिया के चाचा को कैसे मिली जमानत? वकील ने दिया ये तर्क
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 17 Dec 2024 9:25 AM
अतुल सुभाष खुदकुशी केस
Bengaluru Suicide Case: अतुल सुभाष ने पिछले दिनों बेंगलुरु में आत्महत्या कर ली. सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी पत्नी निकिता सिंघानिया और उसके परिजन पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. मामले में चाचा को भी आरोपी बनाया गया था, जिन्हें इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिल गई है.
Bengaluru Suicide Case: बहुचर्चित इंजीनियर अतुल सुभाष सुसाइड केस में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आरोपित पत्नी निकिता सिंघानिया के चाचा सुशील सिंघानिया को राहत दी है. उन्हें सोमवार को अग्रिम जमानत दी गई. न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव ने यह आदेश अतुल सुसाइड मामले में निकिता सिंघानिया और अन्य आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद दिया. उनकी ओर से वरिष्ठ वकील मनीष तिवारी ने तर्क दिया कि मृतक की पत्नी, सास और साले को बेंगलुरु पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. अग्रिम जमानत अर्जी केवल सुशील सिंघानिया के लिए है.
किस शर्त पर निशा सिंघनिया के चाचा को मिली जमानत?
वकील की ओर से यह तर्क दिया गया कि कथित सुसाइड नोट और एक वीडियो के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी की गई. ये इंटरनेट पर वायरल हैं. चाचा मीडिया ट्रायल का सामना कर रहे हैं. उनकी बुढ़ापे और पुरानी बीमारी होने को लेकर तर्क दिया गया. उनके वकील ने कहा कि सुसाइड के लिए उकसाने का कोई सवाल ही नहीं उठता है. दोनों पक्षों के वकीलों को सुनने के बाद, कोर्ट ने कहा, ”तर्क पर विचार करते हुए, कोर्ट की राय है कि आवेदक सुशील सिंघानिया को, पूर्व-गिरफ्तारी (ट्रांजिट) अग्रिम जमानत का विशेषाधिकार है.” हाई कोर्ट ने सुशील सिंघानिया की अग्रिम जमानत सशर्त मंजूर करते हुए कहा कि यदि उनको गिरफ्तार किया जाता है, तो उन्हें 50 हजार रुपये के मुचलके और दो जमानतदारों के प्रस्तुत होने पर मजिस्ट्रेट/कोर्ट द्वारा संतुष्ट होने पर रिहा कर दिया जाएगा.
अतुल सुभाष सुसाइड केस की जांच जारी
अतुल सुभाष 9 दिसंबर को कर्नाटक के बेंगलुरु में अपने अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे. उन्होंने 24 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा था. इसमें उन्होंने अपनी अलग रह रही पत्नी और उसके परिवार पर दहेज उत्पीड़न के लिए कानूनी मामलों के माध्यम से उत्पीड़न का आरोप लगाया था. उन्होंने 90 मिनट का एक वीडियो भी बनाया, जिसमें पूरी बात बताई. बेंगलुरु पुलिस ने आरोपी पत्नी, उसकी मां, भाई और चाचा के खिलाफ बीएनएस की कई धाराओं के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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