Bengaluru Suicide Case: 2021 से शुरू हुआ था अतुल सुभाष और निकिता का विवाद, पिता ने बताई सच्चाई, कहा- वो बढ़ाते गये डिमांड

Published by : Pritish Sahay Updated At : 12 Dec 2024 6:12 PM

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Atul Subhash Suicide Case

Bengaluru Suicide Case: अतुल सुभाष की खुदकुशी मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. उनके पिता ने बताया है कि कैसे अतुल और निकिता के विवाद की शुरुआत हुई. इसके साथ ही उन्होंने न्याय की मांग की है. उन्होंने सीएम नीतीश कुमार से भी गुहार लगाई है.

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Bengaluru Suicide Case: अतुल सुभाष की खुदकुशी का दुख पूरे देश को है. अतुल के सुसाइड नोट और वीडियो ने पूरे देश को झकझोर दिया है. कई लोग सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग कर रहे हैं. इस बीच अतुल के पिता पवन कुमार मोदी ने बताया कि अतुल और निकिता के बीच विवाद अचानक से बढ़ता चला गया. उन्होंने कहा कि इस विवाद की शुरुआत साल 2021 में हुई थी. जनवरी से निकिता ने अतुल के खिलाफ मामले दर्ज करना शुरू कर दिया था.

परिवार को टूटने से बचाने में लगा था अतुल

अतुल की पत्नी निकिता साल 2021 में अतुल के पास से अपने मायके वापस आ गई थी. इसके बाद से उसने अतुल पर केस करने शुरू कर दिये थे. अतुल के पिता ने कहा कि वो अपने घर को टूटने से बचाने में लगा था. पवन मोदी ने कहा कि ‘मेरे बेटे ने सोचा था कि उनका 1 साल का बेटा है अगर बात आगे बढ़ती है तो वो अपने मामा के घर पर ही बड़ा होगा इसलिए वह चुप रहा.

पूरे परिवार पर निकिता ने कर दिया था केस

इस बीच जनवरी में निकिता ने अतुल के पूरे परिवार पर केस दर्ज कर दिया. हालांकि बाद में उसने केस वापस ले लिया था. वहीं इसके बाद दोनों के बीच विवाद लगातार बढ़ता गया. पीड़ित परिवार का कहना है कि दोनों के रिश्तों में तल्खी का सबसे बड़ा कारण निकिता की मां हैं. हुए हैं.

कोरोना में अतुल की सास घर आई और मेरा बेटा बर्बाद हो गया- पवन मोदी

अतुल के पिता पवन मोदी ने कहा कि जब निकिता को कोरोना हुआ था तो उसने सोचा की मेरी मां को डायबिटीज है इसलिए उसने निकिता की मां को बुला लिया. उसके बाद से ही पूरे घर का माहौल बदल गया. अतुल और निकिता के रिश्ते में कड़वाहट बढ़ती गई. बात तलाक तक पहुंच गई थी.

निकिता की मां ने अतुल से मांगे थे पैसे

अतुल के पिता ने बताया कि निकिता की मांग ने अतुल से घर खरीदने के पैसे मांगे थे. पहली बार तो अतुल ने पैसे दे दिए, लेकिन जब दूसरी बार फिर उसने भारी भरकम रकम मांगी को अतुल ने अपने पिता से पूछने की बात कही. इसके बाद उसकी सास का व्यवहार अतुल के प्रति काफी खराब होने लगा.

शुरुआत में निकिता ने नहीं की थी पैसों की डिमांड

अतुल के पिता ने बताया कि निकिता ने शुरुआत में पैसों की डिमांड नहीं की थी. तलाक के मुद्दे तक उसने कोई पैसा नहीं लिया था. इसके बाद पैसे की बात शुरू हुई. दरअसल, जब वे मध्यस्थता के लिए आगे बढ़े तो यह 20,000 रुपये से शुरू से हुआ और फिर 40,000 रुपये तक पहुंच गया. अतुल के पिता ने बताया कि फिर न्यायाधीश ने कहा कि यदि अतुल समझौता चाहता है तो उसे 5 लाख रुपये देने होंगे.

‘बहुत करप्शन है… सच्चाई की राह पर हूं लड़ूंगा’- बोले अतुल के पिता

अतुल के पिता ने कहा कि जब 5 लाख रुपये मध्यस्थता के लिए 5 लाख रुपये की मांग की गई तो अतुल ने कहा था कि ‘पापा, बहुत करप्शन है, लेकिन मैं सच्चाई की राह पर हूं लड़ूंगा, हार नहीं मानूंगा. अतुल के पिता ने कहा कि उनके बेटे ने सुसाइड नोट में जज और पेशकार के नाम का भी जिक्र किया है.

अंदर से टूट चुका था अतुल- पवन मोदी

अतुल के पिता ने कहा कि उनका बेटा अंदर से टूट चुका था, हालांकि वो अपना दुख किसी को नहीं बताता था. अतुल के पिता ने सीएम नीतीश कुमार से अपील की है कि अगर हमारा दर्द महसूस करते हैं हमारी मदद करें. मैं अपने पोते से कभी नहीं मिला क्योंकि न तो मैं कभी बेंगलुरु गया और न ही निकिता यहां आई है.

व्यवस्था पर सवाल

अतुल के पिता ने कहा कि हम बहुत तकलीफ में हैं. अतुल की मां बार-बार बेहोश हो जाती है. मैं मजबूत होने की कोशिश कर रहा हूं और आपसे बात कर रहा हूं. मैं अपना दर्द छुपा रहा हूं. उन्होंने कहा कि अगर यह कोई महिला होती जो बिना सुसाइड नोट या वीडियो के आत्महत्या कर लेती, तो मेरा पूरा परिवार आज जेल में होता. पवन मोदी ने कहा कि हम न्याय चाहते हैं. हम न्याय की मांग करते हैं.

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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