Bengal SIR: ऐसे वोटर को जांच के लिए बुलाएगा चुनाव आयोग, जान लें काम की बात

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विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया (Photo: PTI)

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Bengal SIR: विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पश्चिम बंगाल में जारी है. इस बीच चुनाव आयोग कुछ मतदाताओं को बुलाने की तैयारी कर रहा है. जानें आयोग की ओर से क्या दी गई जानकारी.

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Bengal SIR: पश्चिम बंगाल में Special Intensive Revision (SIR) का काम चल रहा है. इस बीच खबर है कि चुनाव आयोग उन वोटर को बुलाने जा रहा है जिनकी जानकारी 2002 की मतदाता सूची से मेल नहीं खा रही है. इसके अलावा जिन मतदाताओं के माता-पिता की उम्र में 15 साल या उससे ज्यादा का अंतर पाया गया है, उन्हें भी आयोग सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा. यह प्रक्रिया मतदाता सूची की चल रही विशेष जांच (SIR) के तहत की जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक, इन मामलों की सुनवाई अगले सप्ताह से शुरू होगी.

एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, जिन मतदाताओं के नामांकन फार्म में गलतियां हैं या जिनके माता-पिता की उम्र में संदिग्ध अंतर पाया गया है, उन्हें जांच के लिए बुलाया जाएगा. इसका मकसद मतदाता सूची को सही और पूरी तरह अद्यतन रखना है.

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सूची के प्रकाशन से पहले पार्टियों को मृत मतदाताओं की सूची मिलेगी

इस बीच, निर्वाचन आयोग (ईसी) ने बुधवार को कहा कि जिन 12 राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया जारी है, वहां मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होने से पहले राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ-स्तरीय एजेंट को मृत, स्थानांतरित और अनुपस्थित मतदाताओं की सूची उपलब्ध कराई जाएगी. नौ राज्यों और तीन केंद्र-शासित प्रदेशों की मसौदा मतदाता सूची 16 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी.

यह भी पढ़ें : West Bengal SIR: समस्या क्या है? यह पूछते हुए स्पेशल ऑब्जर्वर ने बीएलओ को लगाई फटकार

बिहार में एसआईआर के दौरान भी इसी तरह की प्रक्रिया देखने को मिली

निर्वाचन आयोग ने कहा कि इन 12 राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) से बूथ-वार अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं की सूची बूथ-स्तरीय एजेंट (बीएलए) के साथ साझा करने के लिए कहा गया है. ये वे मतदाता हैं, जिनसे बूथ-स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) तीन प्रयासों के बावजूद संपर्क स्थापित नहीं कर सके. निर्वाचन आयोग ने बिहार में एसआईआर के दौरान भी इसी तरह की प्रक्रिया अपनाई थी.

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