Bangladesh Violence Hindu : हिंदुओं पर हमलों की खबरें बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई, कांग्रेस के बड़े नेता का बयान

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 12 Jan 2025 8:34 AM

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बांग्लादेश हिंसा की तस्वीर (File Photo)

Bangladesh Violence Hindu : बांग्लादेश ने शेख हसीना को प्रत्यर्पित करने की मांग की है. इस बीच कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर का बयान सामने आया है. उन्होंने हसीना और हिंदुओं पर हुए हमलों पर बात की.

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बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को क्या भारत वापस भेजेगा? यह सवाल अभी भी बना हुआ है. इस बीच, पूर्व राजनयिक, पूर्व केन्द्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना जब तक चाहें भारत में उन्हें रहने दिया जाना चाहिए. उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री पिछले महीने ढाका गए. वहां उन्होंने अधिकारियों के साथ बातचीत की.

कांग्रेस नेता ने कहा कि यह सच है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमले किए जा रहे हैं, लेकिन ऐसा ज्यादातर इसलिए हो रहा है क्योंकि वे शेख हसीना के समर्थक हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हिंदुओं पर हमलों की खबरें सच हैं, लेकिन बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई, क्योंकि अधिकतर संघर्ष राजनीतिक मतभेदों को सुलझाने के लिए होते हैं.’’

बांग्लादेश से बातचीत लगातार होनी चाहिए

16वें एपीजे कोलकाता साहित्य महोत्सव के अवसर पर मणिशंकर अय्यर ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि बातचीत लगातार होनी चाहिए. भारत को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के साथ मंत्रिस्तरीय संपर्क स्थापित करने की की जरूरत है. जब उनसे सवाल किया गया कि बांग्लादेश ने हसीना को प्रत्यर्पित करने की मांग की है. इसका जवाब देते हुए अय्यर ने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि हम इस बात से कभी असहमत नहीं होंगे कि शेख हसीना ने हमारे लिए बहुत अच्छा काम किया है. मुझे खुशी है कि उन्हें भारत में शरण दी गई. मुझे लगता है कि जब तक वह चाहें, हमें उनका मेजबान बने रहना चाहिए, भले ही यह उनके पूरे जीवन के लिए क्यों न हो.’’

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अगस्त 2024 से भारत में हैं शेख हसीना

बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना साल 2024 के अगस्त के महीने से भारत में हैं. 77 वर्षीय नेता छात्रों के नेतृत्व में हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बाद देश छोड़कर भारत चली आई थीं. इसी के साथ उनकी 16 साल की सरकार गिर गई थी. इसके बाद वहां अंतरिम सरकार का गठन हुआ.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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