Bangladesh Electricity Supply: हमारा झारखंड कर रहा है बांग्लादेश को रौशन

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 10 Sep 2024 11:45 AM

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Bangladesh Electricity Crisis

Bangladesh Electricity Crisis: अदाणी समूह ने पड़ोसी देश बांग्लादेश को टेंशन दे दी है. वर्तमान अंतरिम सरकार से विद्युत आपूर्ति का भुगतान करने को कहा गया है. जानें भारत के किस राज्य से जाती है बिजली

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Bangladesh Electricity Supply:अदाणी समूह ने बांग्लादेश की वर्तमान अंतरिम सरकार से बिजली बकाया राशि का भुगतान करने को कहा है. अदाणी पावर लिमिटेड का पड़ोसी देश पर 800 मिलियन डॉलर से अधिक बकाया है जिसका शीघ्र भुगतान करने का आग्रह किया गया है. मनी कंट्रोल ने इस संबंध में खबर प्रकाशित की है. इस बीच सवाल उठता है कि आखिर किस राज्य से बिजली की आपूर्ति वहां की जा रही है. तो आइए जानते हैं.

2 बिलियन डॉलर की कुल परियोजना लागत के साथ, झारखंड के गोड्डा बिजली परियोजना भारत की पहली चालू की गई अंतरराष्ट्रीय बिजली परियोजना है, जहां उत्पादित बिजली का 100 प्रतिशत दूसरे देश को आपूर्ति किया जाता है. इस संयंत्र ने जून 2023 में बिजली पैदा की और तब से बांग्लादेश को बिजली यहां से दी जा रही है.

कहां से जाती है बांग्लादेश को बिजली?

झारखंड में अदाणी पावर के 1,600 मेगावाट गोड्डा संयंत्र का देश की बिजली वितरण कंपनी बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड (बीपीडीबी, BPDB) के साथ 100 प्रतिशत आपूर्ति अनुबंध है. इसका औसत मासिक बिल 90 से 100 मिलियन डॉलर होता है. कंपनी ने संयंत्र से 1,496 मेगावाट (MW) की आपूर्ति के लिए समझौता किया है. यह समझौता अपदस्थ शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल के दौरान नवंबर 2017 में बीपीडीबी के साथ 25 साल का किया गया है. यह बांग्लादेश की अधिकतम बिजली मांग का करीब यह 10 प्रतिशत है.

बांग्लादेश के पास कितना है विदेशी मुद्रा भंडार?

ट्रेडिंग इकोनॉमिक डॉट कॉम की एक रिपोर्ट पिछले दिनों आई थी. इसके अनुसार, मई 2024 में बांग्लादेश का विदेशी मुद्रा भंडार 24197.20 मिलियन डॉलर था, जो जून 2024 में बढ़ गया और 26815.20 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया. विदेशी मुद्रा भंडार 2008 से 2024 तक औसतन 24916.34 मिलियन डॉलर रहा, जो अगस्त 2021 में 48060.00 मिलियन डॉलर के ऑल-टाईम हाई से बहुत कम है. साल 2008 में जून का ऐसा महीना था, जब बांग्लादेश के विदेशी मुद्रा भंडार 7470.90 मिलियन डॉलर के रिकॉर्ड निम्नतम स्तर पर पहुंचा था.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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