Ayodhya Babri Case : आडवाणी, जोशी, उमा भारती सहित सभी 32 आरोपी बरी, पढ़िए कोर्ट के फैसले की 10 बड़ी बातें
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 30 Sep 2020 1:03 PM
अयोध्या विवादित ढांचा विध्वंस, Live Update : 28 साल पुराने केस यानी 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में जो बाबरी ढांचा गिराया गया वह पूर्व नियोजित नहीं था. सभी 32 आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया है.
Babri Masjid Ka Faisla : 6 दिसंबर 1992 (babri masjid demolition date) को अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिराए जाने के मामले में आज सीबीआई कोर्ट ने 28 साल बाद फैसला सुनाया. शुरुआती रिपोर्ट जो सामने आ रही है उसके मुताबिक सभी 32 लोगों को आरोप मुक्त कर दिया गया है. कोर्ट ने ये भी कमेंट किया है कि अयोध्या में जो ढांचा गिराया गया वह किसी षड्यंत्र के तहत नहीं किया गया था.
1. विश्व हिंदू परिषद और संघ का मस्जिद गिराने का कोई इरादा नहीं था
2. अराजक तत्वों ने मौके का फायदा उठाकर इसको गिराया था, पत्थरबाजी की थी
3. साक्ष्य के अभाव में सभी आरोपियों को माननीय कोर्ट ने बरी कर दिया
4. जो फोटो और वीडियो बतौर साक्ष्य सीबीआई ने कोर्ट में पेश किया था वह प्रमाणिक नहीं माना गया
5. 28 साल बाद 2300 पन्नों का फैसला सीबीआई कोर्ट ने सुनाया.
6. कोर्ट ने माना कि आडवाणी, उमा भारती, मुरली मनोहर जोशी, विनय कटियार सहित इन राजनेताओं ने भीड़ को समझाने की कोशिश की थी न कि भीड़ को भड़काया था.
7. अदालत ने कहा— 6 दिसंबर 1992 को जो हुआ वो अचानक हुआ. कुछ भी षड्यंत्र या पूर्व नियोजित नहीं था. जो भी फोटो, वीडियो बतौर साक्ष्य पेश किया गया वह पर्याप्त नहीं था.
8. सीबीआई कोर्ट के जज एसके यादव ने 28 साल पुराने केस पर फैसला सुनाते हुए कहा कि बाबरी मस्जिद को गिराने की घटना पूर्व नियोजित नहीं थी.
9. कोर्ट ने ये भी कहा कि इन 32 लोगों ने तो भीड़ से बार बार अपील भी की थी कि मस्जिद को न गिराया जाए. लेकिन जो हुआ वह आकस्मात हुआ.
10. बाबरी मस्जिद ममाले के पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि वो अब इस मामले को और तूल नहीं देना चाहते.
लालकुष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार, साघ्वी ऋतंभरा, महंत नृत्य गोपाल दास, डॉ राम विलास वेदांती, चंपत राय, महंत धर्मदास, सतीश प्रधान, पवन कुमार पांडेय, लल्लू सिंह, प्रकाश शर्मा, विजय बहादुर सिंह, संतोष दूबे, गांधी यादव, रामजी गुप्ता, ब्रज भूषण शरण सिंह, कमलेश त्रिपाठी, रामचंद्र खत्री, जय भगवान गोयल, ओम प्रकाश पांडेय, अमर नाथ गोयल, जयभान सिंह पवैया, महाराज स्वामी साक्षी, विनय कुमार राय, नवीन भाई शुक्ला, आरएन श्रीवास्तव, आचार्य धमेंद्र देव, सुधीर कुमार कक्कड़ व धर्मेंद्र सिंह गुर्जर.
अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने जाने के मामले में 49 लोगों को आरोपी बनाया गया था. 28 साल की जांच प्रक्रिया में 17 लोगों की मौत हो चुकी है. 32 लोगों में से भी आज 26 लोग कोर्ट परिसर में फैसला सुनने के लिए मौजूद है. सीबीआई की इस पूरी जांच में 800 पन्ने का दस्तावेज तैयार है. सीबीआई ने इस मामले में 351 गवाह और तकरीबन 600 से ज्यादा दस्तावेजों को बतौर साक्ष्य रखा गया है. खबरें ये भी आ रही हैं कि आज का फैसला भी करीब दो हजार पन्ने का आने की संभावना है.
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