Atul Subhash Suicide Case: तो आज जिंदा होता मेरा बेटा, 2021 की बात याद कर फूट-फूटकर रोये अतुल के पिता

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 15 Dec 2024 8:21 PM

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Atul Subhash's father

Atul Subhash Suicide Case: AI इंजीनियर अतुल सुभाष सुसाइड केस में पुलिस लगातार जांच कर रही है. इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है. अतुल के पिता ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर संतोष जताया है, लेकिन उन्हें 2021 की बात का हमेशा मलाल रह जाएगा. तीन साल पहले ही बात को याद कर सुभाष के पिता फूट-फूटकर रोने लगे.

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Atul Subhash Suicide Case: अतुल सुभाष के पिता ने मीडिया से बात करते हुए 2021 की घटना को याद किया. रोते हुए मृतक के पिता ने पवन मोदी ने कहा, काश तीन साल पहले समझौता हो जाता तो उनका बेटा आज जिंदा होगा.

2021 में अतुल सुभाष और उसकी पत्नी के बीच क्या होना था समझौता?

मृतक अतुल के पिता पवन मोदी ने बताया, पंकज ज्योति, जो पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, उनके घर पर 2021 में एक समझौता हुआ था, जिसमें उनकी बहू निकिता, उसकी मां और उसके परिवार के लोग जमा हुए थे. जिसमें उन्होंने शादी तोड़‍ने की बात कही थी और उसके बदले 20 लाख रुपये की मांग की थी. जिसका लिस्ट आज भी अतुल के पिता पवन के पास है. पवन मोदी ने बताया, “बहू निकिता की मां ने उस समय कहा था कि बेटी की शादी कहीं और कराना है. उस समय अतुल को लेकर काफी कुछ भला-बुरा कहा था. जब मैं उसपर कुछ कहना चाहा तो मुझे चुप करा दिया गया. बहू की कहीं और शादी कराने की बात पर मैंने कहा था कि ठीक है इससे दोनों परिवार खुश रहेंगे. लेकिन उसी बीच शादी तोड़ने के बदले 20 लाख रुपये की मांग की और हाथ में लिस्ट थमा दिया गया.” “पैसे की मांग पर अतुल ने कहा था कि आप पैसे दे देंगे, तब भी निकिता तलाक नहीं देगी, क्योंकि वो पैसों की भूखी है.”

पवन कुमार मोदी ने पोते की कस्टडी के लिए लगाई गुहार

मृतक अतुल सुभाष के पिता ने अपने पोते की कस्टडी के लिए गुहार लगाई है. पिता पवन कुमार मोदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और अन्य से अपने पोते की कस्टडी सुनिश्चित करने की अपील की है. पवन कुमार ने एएनआई से कहा, “हमें नहीं पता कि उसने हमारे पोते को कहां रखा है. क्या उसे मार दिया गया है या वह जीवित है? हम उसके बारे में कुछ नहीं जानते. मैं चाहता हूं कि मेरा पोता हमारे साथ रहे. मैं आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस का शुक्रिया अदा करता हूं. मुझे अभी भी न्याय नहीं मिला है क्योंकि मेरे खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. मेरे पोते के नाम पर भरण-पोषण के लिए मेरे खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया गया है. हम पीएम मोदी, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, बिहार के सीएम नीतीश कुमार, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और अन्य नेताओं से अपील करते हैं कि वे सुनिश्चित करें कि मेरा पोता मेरे पास आए. एक दादा के लिए, उसका पोता उसके बेटे से ज्यादा मायने रखता है. पूरा समाज, लोग मेरे समर्थन में खड़े हैं.”

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अतुल की पत्नी निकिता सिंघानिया समेत तीन गिरफ्तार

अतुल सुभाष सुसाइड केस में पुलिस ने आरोपी निकिता सिंघानिया को हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार किया. इसके अलावा निशा सिंघानिया और अनुराग सिंघानिया को इलाहाबाद से गिरफ्तार किया गया.

अतुल सुभाष ने 24 पन्नों का छोड़ा था सुसाइड नोट

अतुल सुभाष ने सोमवार 9 दिसंबर को अपने बेंगलुरु स्थित अपार्टमेंट में आत्महत्या कर ली थी. उसने 24 पन्नों का एक सुसाइड नोट छोड़ा था. जिसमें अपनी पत्नी और उसके रिश्तेदारों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया. अपने सुसाइड नोट में उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक जज ने मामले को रफा-दफा करने के लिए 5 लाख रुपये की मांग की थी.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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