Aravalli Hills Controversy: 19 जिलों में कांग्रेस छेड़ेगी आंदोलन, कहा- खनन के नाम पर सरकार बना रही लूट की योजना

Published by : Pritish Sahay Updated At : 23 Dec 2025 8:21 PM

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Aravalli Hills Controversy: 19 जिलों में कांग्रेस छेड़ेगी आंदोलन

Aravalli Hills Controversy: अरावली पर्वतमाला पर खनन के खिलाफ कांग्रेस ने आंदोलन का ऐलान किया है. पार्टी ने कहा कि खनन के नाम पर अरावली की करीब 90 फीसदी जमीन को बर्बाद करने की तैयारी की जा रही है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि अरावली को बचाने के लिए हम 19 जिलों में आंदोलन करेंगे.

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Aravalli Hills Controversy: अरावली की पहाड़ियों और पर्वतमाला की परिभाषा में कथित बदलाव किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने राजस्थान के 19 जिलों में आंदोलन करने की घोषणा की है. पार्टी ने आरोप लगाया है कि खनन के नाम पर अरावली की करीब 90 फीसदी जमीन को बर्बाद करने की तैयारी की जा रही है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मंगलवार को इस मुद्दे को लेकर मीडिया से बात की. दोनों नेताओं ने केंद्र में केंद्र सरकार और राज्य सरकार पर अरावली में प्रस्तावित खनन की सीमा के बारे में जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया.

खनन के लिए कंपनियों से लिए गए पैसे

कांग्रेस नेता डोटासरा ने आरोप लगाया कि अरावली रेंज में खनन की अनुमति देने के लिए कई कंपनियों से पैसे लिए गए हैं. उन्होंने कहा- बीजेपी के शासनकाल में अधिकारियों और खनन माफिया के बीच बड़ा गठजोड़ और साझेदारी है. सरकार संगठित गिरोह की तरह देश की खनिज संपदा को लूट रही है. अरावली का मुद्दा इसी साजिश का हिस्सा है. उन्होने दावा किया कि केंद्र की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई एक रिपोर्ट से पता चलता है कि खनन के नाम पर अरावली की करीब 90 फीसदी जमीन को बर्बाद करने की तैयारी की जा रही है. डोटासरा ने कहा- सरकार कह रही है कि खनन केवल 0.19 फीसदी वन क्षेत्र में होगा, लेकिन सच्चाई यह है कि लगभग 68000 एकड़ जमीन खनन माफिया के हवाले करने की उन्होंने तैयारी कर ली है.

सरकार कर रही ‘अवैध खनन’ कॉरिडोर की बात- कांग्रेस

बीजेपी पर तीखा हमला करते हुए डोटासरा ने कहा कि पार्टी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में अरावली पर्वतमाला की रक्षा के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने का वादा किया था, लेकिन अब वह अवैध खनन कॉरिडोर की बात कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया- जिस तरह चुनावी बॉण्ड के जरिए चंदा लिया गया, उसी तरह अब खनन माफिया से भी चंदा लिया जा रहा है. डोटासरा ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और राजस्थान के वन मंत्री संजय शर्मा की भूमिका पर भी सवाल उठाया.

कांग्रेस शुरू कर रही है अरवली बचाओ आंदोलन

डोटासरा ने कहा- भारतीय जनता पार्टी की सरकार जब से केंद्र में बनी है, संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग, उनकी स्वायत्तता को खत्म करना और केवल और केवल माफिया के हित के लिए काम करना… यही इनकी नीति रही है. विरोध प्रदर्शनों की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज्य के 19 जिलों में “अरावली बचाओ” आंदोलन शुरू करेगी. उन्होंने कहा- यह सिर्फ़ कांग्रेस का आंदोलन नहीं है, यह जनता का आंदोलन है. विरोध प्रदर्शन बूथ से लेकर ब्लॉक स्तर तक होंगे और तब तक जारी रहेंगे जब तक केंद्र अपना फैसला वापस नहीं ले लेता.

सीएम शर्मा के बयान पर नेता प्रतिपक्ष ने कसा तंज

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के इस आश्वासन पर तंज कसा कि अरावली को कोई नुकसान नहीं होगा. जूली ने सवाल किया कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि अरावली को कुछ नहीं होगा, लेकिन क्या उन्होंने ऊपर वालों से इजाजत ली है? पहली बार उन्होंने बिना कोई गलती किए बात की है, लेकिन असल में वह करेंगे क्या? जूली ने कहा 0.19 फीसदी का मतलब भी 68,000 एकड़ होता है. जब दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए वाहनों पर रोक लगाई जा रही है तो अरावली के साथ ऐसा बर्ताव क्यों किया जा रहा है, जो रेगिस्तान बनने और प्रदूषण को रोकती हैं.

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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