Amit Shah vs Rahul Gandhi: घुसपैठिए तय नहीं कर सकते कौन होगा CM-PM? चुनाव सुधार पर लोकसभा में घमासान, भिड़े अमित शाह और राहुल गांधी
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 10 Dec 2025 6:14 PM
अमित शाह और राहुल गांधी, फोटो PTI
Amit Shah vs Rahul Gandhi: लोकसभा में बुधवार को चुनाव सुधार पर जोरदार बहस हुई. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच एसआईआर के मुद्दे पर भिड़ंत हुई. अमित शाह जब भाषण दे रहे थे, तब बीच में ही राहुल गांधी ने उन्हें रोक दिया. उसके बाद शाह भी तमतमा गए और वोट चोरी के आरोप पर पलटवार करते हुए बताया देश में पहली वोट चोरी कब हुई?
Amit Shah vs Rahul Gandhi: गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में आरोप लगाया कि देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर झूठ फैलाया गया और जनता को गुमराह करने का प्रयास किया गया. उन्होंने सदन में, चुनाव सुधारों पर चर्चा पर जवाब देते हुए यह भी कहा कि संविधान का अनुच्छेद 327 निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची बनाने का पूर्ण अधिकार देता है. गृह मंत्री ने कहा, मैं सदन और देश की जनता को कहना चाहता हूं कि क्या घुसपैठिए तय करेंगे कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री कौन होगा. शाह ने कहा कि यह एसआईआर मतदाता सूची के शुद्धिकरण की प्रक्रिया है. उन्होंने कहा कि विदेशी नागरिकों को भारत में मतदान करने का अधिकार नहीं दिया जा सकता.
अमित शाह ने राहुल गांधी पर बोला हमला, गृह मंत्री को नेता प्रतिपक्ष ने बीच में रोका
लोकसभा में चुनाव सुधारों पर बोलते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 5 नवंबर 2025 को, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हाइड्रोजन बम को डिफ्यूज किया. उन्होंने कहा कि हरियाणा में सिर्फ एक घर से 501 वोट डाले गए. EC ने सब कुछ साफ कर दिया. न तो घर और न ही वोटर नकली हैं. जब शाह चर्चा कर रहे थे, तब अचानक राहुल गांधी अपनी सीट पर खड़े हुए और शाह को रोकते हुए वोट चोरी पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा- मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बहस करते हैं. अमित शाह जी, मैं आपको 3 PC पर बहस करने का चैलेंज देता हूं, LoP राहुल गांधी ने चुनाव सुधारों पर HM शाह के भाषण में टोका. HM ने जवाब दिया, संसद आपकी मर्जी से नहीं चलेगी. मैं अपने भाषण का क्रम तय करूंगा.
जब आप हारते हैं, तो EC बेकार हो जाता है : शाह
लोकसभा में चुनाव सुधारों पर बोलते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में, LoP ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट ठीक नहीं है और इसे ठीक करने की जरूरत है. तो, SIR, यह वोटर लिस्ट को साफ करने का प्रोसेस है. जब हम प्रोसेस कर रहे हैं, तब भी वह विरोध कर रहे हैं…आपकी हार पक्की है; वोटर लिस्ट का इससे कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा कि BJP को कभी भी एंटी-इनकंबेंसी का सामना नहीं करना पड़ता. एंटी-इनकंबेंसी सिर्फ उनके खिलाफ होती है जो जनता के हित के खिलाफ काम करते हैं. यह सच है कि BJP को बहुत कम ही एंटी-इनकंबेंसी का सामना करना पड़ा…लेकिन ऐसा नहीं है कि हम 2014 के बाद कभी कोई चुनाव नहीं हारे…डेमोक्रेसी में दोहरे मापदंड नहीं चलेंगे. जब आप जीतते हैं, तो EC बढ़िया होता है. जब आप हारते हैं, तो EC बेकार हो जाता है और BJP के कहने पर काम करता है.
नेहरू का पीएम होना पहली वोट चोरी
लोकसभा में चुनाव सुधारों पर बोलते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, मैं आपको वोटर चोरी की 3 घटनाओं के बारे में बताना चाहूंगा. पहली, आजादी के बाद, देश का PM चुना जाना था. सरदार पटेल को 28 वोट मिले और जवाहरलाल नेहरू को 2 वोट मिले. लेकिन जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री बन गए.
BJP-NDA कभी चर्चा से नहीं भागता : शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा- मैं यह साफ करना चाहता हूं कि संसद इस देश में चर्चा के लिए सबसे बड़ी पंचायत है. BJP-NDA कभी चर्चा से नहीं भागता. विषय चाहे जो भी हो, हम संसद के नियमों के अनुसार हमेशा चर्चा के लिए तैयार रहते हैं. दो दिन तक, हमने विपक्ष से कहा कि यह इस पर बाद में, दो सेशन के बाद चर्चा होनी चाहिए. लेकिन वे नहीं माने. हम मान गए. हमने नहीं क्यों कहा? नहीं के दो कारण थे. एक, वे SIR पर चर्चा चाहते थे. मैं बहुत साफ हूं कि इस सदन में SIR पर चर्चा नहीं हो सकती. SIR चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है. भारत का EC और CEC सरकार के तहत काम नहीं करते हैं. अगर चर्चा होती है और सवाल उठते हैं, तो इसका जवाब कौन देगा? जब उन्होंने कहा कि वे चुनाव सुधारों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं, तो हम तुरंत मान गए.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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