एके एंटनी के बेटे अनिल एंटनी ने कांग्रेस से दिया इस्तीफा, बीबीसी डॉक्यूमेंट्री का किया था विरोध
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 25 Jan 2023 11:09 AM
एके एंटनी के बेटे अनिल एंटनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात दंगों पर बनी बीबीसी डॉक्यूमेंट्री का विरोध किया था. साथ ही उन्होंने मोदी सरकार का समर्थन किया था. उन्होंने अपने इस्तीफे में खुलासा किया कि उनपर ट्वीट हटाने के लिए दबाव डाला जा रहा था.
गुजरात दंगों पर बनी बीबीसी डॉक्यूमेंट्री को लेकर देशभर में हंगामा जारी है. दिल्ली जेएनयू में इसी मामले को लेकर छात्रों के बीच भारी बवाल हुआ, तो दूसरी ओर डॉक्यूमेंट्री के विरोध में पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटनी के बेटे अनिल एंटनी ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कहा, मैं पूरे जीवन कांग्रेस से जुड़ा रहा और मेरे पिता पिछले 6 दशकों से पार्टी के साथ हैं. ऐसे पृष्ठभूमि से आने के बाद भी पिछले 24 घंटों में जो कुछ हुआ, खासकर कांग्रेस के कुछ विशेष कोनों से, उसने मुझे बहुत आहत किया है. मुझे लगता है कि ये एक सही निर्णय है.
एके एंटनी के बेटे अनिल एंटनी ने बीबीसी डॉक्यूमेंट्री का किया था विरोध
एके एंटनी के बेटे अनिल एंटनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात दंगों पर बनी बीबीसी डॉक्यूमेंट्री का विरोध किया था. साथ ही उन्होंने मोदी सरकार का समर्थन किया था. उन्होंने अपने इस्तीफे में खुलासा किया कि उनपर ट्वीट हटाने के लिए दबाव डाला जा रहा था. उन्होंने लिखा, मुझपर ट्वीट को वापस लेने का दबाव बनाया गया. अनिल एंटनी ने कहा था कि भारतीय संस्थानों के मुकाबले ब्रिटिश प्रसारक के विचार को महत्व देने से देश की संप्रभुता प्रभावित होगी.
अनिल एंटनी ने भाजपा के समर्थन और बीबीसी डॉक्यूमेंट्री का विरोध करते हुए किया था ऐसा ट्वीट
पूर्व मुख्यमंत्री एके एंटनी के बेटे अनिल ने केरल में जारी राजनीतिक तूफान में स्पष्ट रूप से भाजपा का समर्थन करते हुए कहा कि ब्रिटिश प्रसारक बीबीसी के विचारों को भारतीय संस्थानों पर तरजीह देना, देश की संप्रभुता को कमजोर करेगा. उन्होंने ट्वीट किया था और लिखा था. भाजपा के साथ बड़े मतभेदों के बावजूद मुझे लगता है कि (भारत में) वे उस बीबीसी के विचारों को थोप रहे हैं जिस सरकार प्रायोजित चैनल का (कथित भारत विरोधी) पूर्वाग्रहों का लंबा इतिहास रहा है, वे इराक युद्ध के पीछे का दिमाग रहे जैक स्ट्रॉ का समर्थन कर (भारतीय) संस्थानों पर एक खतरनाक मिसाल कायम कर रहे हैं, हमारी संप्रभुता को कमजोर कर रहे हैं. स्ट्रॉ 2002 में तत्कालीन ब्रिटिश विदेश मंत्री थे.
Congress leader AK Antony's son, Anil K Antony quits Congress party. pic.twitter.com/T8MoiKhquS
— ANI (@ANI) January 25, 2023
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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