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Agriculture: आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से खेती को बेहतर बनाने की हो रही कोशिश

Updated at : 10 Jul 2025 6:41 PM (IST)
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Agriculture: आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से खेती को बेहतर बनाने की हो रही कोशिश

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 16वें एग्रीकल्चर लीडरशिप सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने कृषि क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी है. किसानों की आय बढ़ाने के लिए पीएम किसान सम्मान निधि योजना से बड़ी संख्या में किसान परिवारों को लाभ पहुंचाने का काम किया गया है.

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Agriculture: देश में खेती में अत्यधिक उवर्रक को प्रयोग को रोकने के लिए केंद्र सरकार आर्गेनिक खेती को बढ़ावा दे रही है. उवर्रक और कीटनाशक के अत्यधिक उपयोग के कारण खेताें की उर्वरा शक्ति पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. ऐसे में खेतों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार मृदा के स्वास्थ्य की जांच को विशेष प्राथमिकता दे रही है. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 16वें एग्रीकल्चर लीडरशिप सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए किसानों को 25 करोड़ मृदा हेल्थ कार्ड वितरित किए गए हैं. साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड के जरिये किसानों काे कम ब्याज पर कर्ज मुहैया कराया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने कृषि क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी है. किसानों की आय बढ़ाने के लिए 

पीएम किसान सम्मान निधि योजना से बड़ी संख्या में किसान परिवारों को लाभ पहुंचाने का काम किया गया है. इसके अतिरिक्त 1400 मंडियों को ई-नाम प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है, जिससे देश भर के किसानों को फसल की कीमतों की वास्तविक समय पर जानकारी हासिल करने और बाजार पर पहुंच सुनिश्चित करने में मदद मिली है. केंद्र सरकार ने किसानों को किफायती दामों पर उर्वरक मुहैया कराने के लिए सब्सिडी देने का काम किया है. कोविड-19 महामारी के दौरान भी किसानों को समय पर उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए गए. 


वैश्विक स्तर पर प्रतिकूल असर के बावजूद कृषि क्षेत्र का विकास बना रहा


केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वैश्विक बाजार में उथल-पुथल और निर्यात में गिरावट के बावजूद भारत के कृषि क्षेत्र का विकास जारी रहा. देश के  किसानों के अथक प्रयास और मेहनत के कारण कृषि-निर्यात बढ़ा. कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन निर्यात 4 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया. कृषक समुदाय ने आत्मनिर्भर भारत के निर्माण और लोकल से ग्लोबल के विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है.  किसान बासमती और चावल की अन्य किस्मों, मसालों, ताजे फलों और सब्जियों, बागवानी और पुष्प उत्पादन के साथ ही मत्स्य पालन और मुर्गी पालन जैसे क्षेत्रों में भी वैश्विक सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. 


सरकार की नीतियों, वित्तीय मदद और ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, ईएफटीए देशों और ब्रिटेन सहित विकसित देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों के जरिये किसानों की बाजार तक पहुंच बढ़ी है. उन्होंने कहा कि भविष्य के लिए बीज उत्पादन, गुणवत्ता, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, सिंचाई के क्षेत्र में और अधिक काम करने की जरूरत है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, भू-स्थानिक औद्योगिकी, मौसम पूर्वानुमान प्रणाली, ऊर्ध्वाधर खेती और एआई सक्षम उपकरणों के उपयोग द्वारा डिजिटल कृषि को बढ़ावा देने पर सरकार का विशेष जोर है. डिज़ाइन, ब्रांडिंग और पैकेजिंग में सुधार के साथ साथ खाद्य प्रसंस्करण के जरिये मूल्य संवर्धन, अर्थव्यवस्था में कृषि के योगदान को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है. 

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Vinay Tiwari

लेखक के बारे में

By Vinay Tiwari

Vinay Tiwari is a contributor at Prabhat Khabar.

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