कर्नाटक में हार के बाद बीजेपी ने राजस्थान और मध्य प्रदेश के लिए बदलेगी रणनीति? पार्टी इसपर करेगी काम

Updated:
विज्ञापन
कर्नाटक में हार के बाद बीजेपी ने राजस्थान और मध्य प्रदेश के लिए बदलेगी रणनीति? पार्टी इसपर करेगी काम

**EDS: TWITTER IMAGE VIA @BJP4Karnataka** Dakshina Kannada: Prime Minister and senior BJP leader Narendra Modi felicitated during a public meeting ahead of upcoming Karnataka Assembly elections, in Dakshina Kannada district, Wednesday, May 3, 2023. (PTI Photo)(PTI05_03_2023_000118B)

इस साल के आखिर में चार राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होना है. इनमें से केवल मध्य प्रदेश में भाजपा का शासन है. बीजेपी अन्य तीन राज्यों में सत्ता वापस पाने के लिए रिवॉल्विंग डोर नीति और सत्ता विरोधी लहर को अपने पक्ष में करने के लिए काम करेगी.

विज्ञापन

कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 में भारतीय जनता पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा. 2018 में 104 सीट लाने वाली बीजेपी को मौजूदा चुनाव में केवल 66 सीटों पर ही जीत मिली. जबकि कांग्रेस ने राज्य में धमाकेदार जीत दर्ज करते हुए 135 सीटें हासिल की. कर्नाटक में हार के बाद बीजेपी राजस्थान और मध्य प्रदेश में होने वाली विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति में बदलाव किया है.

सत्ता विरोधी लहर और इस नीति पर काम करेगी बीजेपी

इस साल के आखिर में चार राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होना है. इनमें से केवल मध्य प्रदेश में भाजपा का शासन है. बीजेपी अन्य तीन राज्यों में सत्ता वापस पाने के लिए रिवॉल्विंग डोर नीति और सत्ता विरोधी लहर को अपने पक्ष में करने के लिए काम करेगी.

टिकट बंटवारे पर भी काम करेगी बीजेपी

कर्नाटक चुनाव में करारी हार के बाद बीजेपी आगामी चार राज्यों में होने वाले चुनाव को लेकर अधिक सतर्क हो गयी है. पार्टी सभी चार राज्यों में नेतृत्व के मुद्दे और उम्मीदवारों को तय करते समय जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखने का फैसला किया है. कर्नाटक में बीजेपी की हार के लिए उम्मीदवार के चयन को बड़ी वजह बताया जा रहा है. कर्नाटक चुनाव से पहले बीजेपी ने बीएस येदियुरप्पा को शीर्ष पद से हटा दिया. टिकट नहीं मिलने से जगदीश शेट्टार और लक्ष्मण सदावी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और कांग्रेस में शामिल हो गये. दोनों नेता लिंगायत समुदाय के सबसे बड़े नेता माने जाते हैं. ऐसा माना जा रहा है कि दोनों के कांग्रेस में जाने से इस समुदाय का वोट कांग्रेस को चली गयी.

Also Read: विपक्ष की एकता से आगे भी मिलेगी जीत, कर्नाटक चुनाव परिणाम पर बोले बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव

छोटे दलों से गठबंधन करने से परहेज नहीं करेगी बीजेपी

कर्नाटक में करारी हार के बाद बीजेपी ने अपनी रणनीति में बदलाव करने का फैसला किया है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि पार्टी ने तय किया है कि जरूरत पड़ने पर छोटे दलों के साथ चुनावी गठबंधन भी किया जा सकता है.

बीजेपी को स्थानीय नेताओं पर करना होगा फोकस

कर्नाटक में कांग्रेस की सबसे बड़ी जीत की वजह है, केंद्रीय नेताओं के साथ-साथ स्थानीय नेताओं पर भ्ररोसा करना. वहीं बीजेपी की बात करें, तो पार्टी यहीं पर पिछड़ गयी. कर्नाटक चुनाव में स्टार प्रचारकों की सूची में अधिकतर केंद्रीय नेता शामिल रहे. बीजेपी को कर्नाटक में हार के बाद अब स्थानीय नेताओं पर अधिक फोकस करना होगा. ऐसी उम्मीद की जा रही है कि मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पार्टी का चेहरा बने रहेंगे लेकिन उन्हें ज्योतिरादित्य सिंधिया, नरेंद्र सिंह तोमर और बीडी शर्मा जैसे अन्य नेताओं को अपने साथ लेने के लिए कहा जाएगा. वहीं राजस्थान में, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को वरीयता दी जाएगी. इसके अलावा किरोड़ी लाल मीणा, गजेंद्र सिंह शेखावत, सतीश पूनिया और अन्य जैसे विभिन्न जाति समूहों से संबंधित राज्य के नेताओं को भी महत्व दिया जाएगा.

विज्ञापन
अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola