कर्नाटक में हार के बाद बीजेपी ने राजस्थान और मध्य प्रदेश के लिए बदलेगी रणनीति? पार्टी इसपर करेगी काम
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 15 May 2023 10:32 PM
**EDS: TWITTER IMAGE VIA @BJP4Karnataka** Dakshina Kannada: Prime Minister and senior BJP leader Narendra Modi felicitated during a public meeting ahead of upcoming Karnataka Assembly elections, in Dakshina Kannada district, Wednesday, May 3, 2023. (PTI Photo)(PTI05_03_2023_000118B)
इस साल के आखिर में चार राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होना है. इनमें से केवल मध्य प्रदेश में भाजपा का शासन है. बीजेपी अन्य तीन राज्यों में सत्ता वापस पाने के लिए रिवॉल्विंग डोर नीति और सत्ता विरोधी लहर को अपने पक्ष में करने के लिए काम करेगी.
कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 में भारतीय जनता पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा. 2018 में 104 सीट लाने वाली बीजेपी को मौजूदा चुनाव में केवल 66 सीटों पर ही जीत मिली. जबकि कांग्रेस ने राज्य में धमाकेदार जीत दर्ज करते हुए 135 सीटें हासिल की. कर्नाटक में हार के बाद बीजेपी राजस्थान और मध्य प्रदेश में होने वाली विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति में बदलाव किया है.
सत्ता विरोधी लहर और इस नीति पर काम करेगी बीजेपी
इस साल के आखिर में चार राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होना है. इनमें से केवल मध्य प्रदेश में भाजपा का शासन है. बीजेपी अन्य तीन राज्यों में सत्ता वापस पाने के लिए रिवॉल्विंग डोर नीति और सत्ता विरोधी लहर को अपने पक्ष में करने के लिए काम करेगी.
टिकट बंटवारे पर भी काम करेगी बीजेपी
कर्नाटक चुनाव में करारी हार के बाद बीजेपी आगामी चार राज्यों में होने वाले चुनाव को लेकर अधिक सतर्क हो गयी है. पार्टी सभी चार राज्यों में नेतृत्व के मुद्दे और उम्मीदवारों को तय करते समय जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखने का फैसला किया है. कर्नाटक में बीजेपी की हार के लिए उम्मीदवार के चयन को बड़ी वजह बताया जा रहा है. कर्नाटक चुनाव से पहले बीजेपी ने बीएस येदियुरप्पा को शीर्ष पद से हटा दिया. टिकट नहीं मिलने से जगदीश शेट्टार और लक्ष्मण सदावी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और कांग्रेस में शामिल हो गये. दोनों नेता लिंगायत समुदाय के सबसे बड़े नेता माने जाते हैं. ऐसा माना जा रहा है कि दोनों के कांग्रेस में जाने से इस समुदाय का वोट कांग्रेस को चली गयी.
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छोटे दलों से गठबंधन करने से परहेज नहीं करेगी बीजेपी
कर्नाटक में करारी हार के बाद बीजेपी ने अपनी रणनीति में बदलाव करने का फैसला किया है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि पार्टी ने तय किया है कि जरूरत पड़ने पर छोटे दलों के साथ चुनावी गठबंधन भी किया जा सकता है.
बीजेपी को स्थानीय नेताओं पर करना होगा फोकस
कर्नाटक में कांग्रेस की सबसे बड़ी जीत की वजह है, केंद्रीय नेताओं के साथ-साथ स्थानीय नेताओं पर भ्ररोसा करना. वहीं बीजेपी की बात करें, तो पार्टी यहीं पर पिछड़ गयी. कर्नाटक चुनाव में स्टार प्रचारकों की सूची में अधिकतर केंद्रीय नेता शामिल रहे. बीजेपी को कर्नाटक में हार के बाद अब स्थानीय नेताओं पर अधिक फोकस करना होगा. ऐसी उम्मीद की जा रही है कि मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पार्टी का चेहरा बने रहेंगे लेकिन उन्हें ज्योतिरादित्य सिंधिया, नरेंद्र सिंह तोमर और बीडी शर्मा जैसे अन्य नेताओं को अपने साथ लेने के लिए कहा जाएगा. वहीं राजस्थान में, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को वरीयता दी जाएगी. इसके अलावा किरोड़ी लाल मीणा, गजेंद्र सिंह शेखावत, सतीश पूनिया और अन्य जैसे विभिन्न जाति समूहों से संबंधित राज्य के नेताओं को भी महत्व दिया जाएगा.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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