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भारत में रह रहे अफगानी नागरिकों का छलका दर्द, अपने परिवार और दोस्तों के प्रति जाहिर की चिंता

Updated at : 15 Aug 2021 8:15 PM (IST)
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भारत में रह रहे अफगानी नागरिकों का छलका दर्द, अपने परिवार और दोस्तों के प्रति जाहिर की चिंता

Kabul: The U.S. Embassy buildings are seen in Kabul, Afghanistan, Saturday, Aug. 14, 2021. The last-minute decision to send 3,000 U.S. troops to Afghanistan to help partially evacuate the U.S. Embassy is calling into question whether President Joe Biden will meet his Aug. 31 deadline for fully withdrawing combat forces. The vanguard of a Marine contingent arrived in Kabul on Friday and most of the rest of the 3,000 are due by Sunday. AP/PTI(AP08_14_2021_000058B)

Afghanistan News अफगानिस्तान सरकार ने तालिबान के आगे घुटने टेक दिए है. तालिबान ने रविवार को काबुल के बाहर अंतिम बड़े शहर पर कब्जा कर लिया है और इसी के साथ अफगानिस्तान में तालिबान युग की वापसी हो गई है. टोलो न्यूज के मुताबिक, सत्ता हस्तांतरण के बाद देश के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने मुल्क छोड़ दिया है.

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Afghanistan Taliban News अफगानिस्तान सरकार ने तालिबान के आगे घुटने टेक दिए है. तालिबान ने रविवार को काबुल के बाहर अंतिम बड़े शहर पर कब्जा कर लिया है और इसी के साथ अफगानिस्तान में तालिबान युग की वापसी हो गई है. टोलो न्यूज के मुताबिक, सत्ता हस्तांतरण के बाद देश के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने मुल्क छोड़ दिया है और ताजिकिस्तान के लिए रवाना हो गए हैं.

काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद भारत में रहने वाले अफगानी नागरिक अपने परिवार और दोस्तों के प्रति चिंतित है. न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लाजपत नगर स्थित एक दुकान के मालिक अहमद ने बताया कि अफगानिस्तान में हालात दिनों दिन खराब होते जा रहे हैं. उन्हें अफगानिस्तान में रह रहे अपने परिवार के सदस्यों की चिंता सता रही है. अल्लाह उन्हें सुरक्षित रखे.

वहीं, दिल्ली में रहने वाले अफगानी नागरिक नदीम ने कहा कि वे दिसंबर 2015 में दिल्ली आए थे. नदीम ने कहा कि तालिबान ने अफगानिस्तान के ज्यादातर प्रांतों पर कब्जा कर लिया है और मेरे परिवार ने सुबह मुझे बताया कि काबुल में कोई गोलीबारी नहीं हुई है. इससे पहले लाजपत नगर में ही रहने वाले अफगानी नागिरक हसीबुल्लाह सिद्दीकी ने अपनी बात रखते हुए कहा था कि उन्हें यह पता नहीं चल पा रहा है कि अफगानिस्तान में रह रहे उनके माता-पिता और भाई कहां हैं.

बीते 4 वर्षों से भारत में रह रहे हसीबुल्लाह ने कहा कि माता-पिता और भाई से उनकी बातचीत 3-4 महीने से नहीं हुई है और उनके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं मिल पाई है. उन्होंने कहा कि उसके माता-पिता एक गांव में रहते हैं और वहां नेटवर्क कनेक्टिविटी खराब है. हसीबुल्लाह ने कहा कि अफगानिस्तान की मौजूदा स्थिति बेहद चिंताजनक है. तालिबान युवाओं का अपहरण कर रहा है और उन्हें पाकिस्तान भेजा जा रहा है. वहां की युवतियों से शादी करा रहा है और उन्हें हिजाब पहनने के लिए मजबूर कर रहा है. लड़कियां अब वहां खुलकर नहीं घूम सकती हैं.

गौरतलब हो कि सौ से अधिक दिनों से जारी संघर्ष के बाद तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा जमाया है. इससे पहले तालिबान की ओर से कहा गया कि वो शांतिपूर्ण ढंग से बातचीत के जरिए हल चाहते हैं. देश की जनता को डरने की जरूरत है. बताया जा रहा है कि अली अहमद जलाली अफगानिस्तान के अगले राष्ट्रपति हो सकते हैं.

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