Aarogya Setu ने किया साफ- ऐप से किसी भी यूजर की प्राइवेसी खतरे में नहीं, राहुल गांधी ने उठाए थे सवाल

Author : Utpal Kant Published by : Prabhat Khabar Updated At : 06 May 2020 2:37 PM

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Aarogya Setu India COVID-19 Live Status Tracker: कोरोना ट्रैकिंग मोबाइल ऐप Aarogya Setu में किसी भी प्रकार के डेटा या सुरक्षा उल्लंघन की पहचान नहीं की गयी है. आरोग्य सेतु ऐप के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से मंगलवार देर रात जानकारी दी गयी है. आरोग्य सेतु की टीम की ओर से ये बयान जवाब तब आया है, जब एक फ्रांसीसी सिक्योरिटी रिसर्चर और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस ऐप की प्राइवेसी पर सवाल उठाए थे.

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कोरोना ट्रैकिंग मोबाइल ऐप Aarogya Setu में किसी भी प्रकार के डेटा या सुरक्षा उल्लंघन की पहचान नहीं की गयी है. आरोग्य सेतु ऐप के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से मंगलवार देर रात जानकारी दी गयी है. आरोग्य सेतु की टीम की ओर से ये बयान जवाब तब आया है, जब एक फ्रांसीसी सिक्योरिटी रिसर्चर और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस ऐप की प्राइवेसी पर सवाल उठाए थे.

फ्रांस के सिक्योरिटी रिसर्चर इलियट एल्डरसन ने ट्वीट कर दावा किया कि आयोग्य सेतु ऐप में खामी पाई गई है, इसमें सुरक्षा की समस्या है. 90 मिलियन भारतीयों की गोपनीयता दांव पर है. क्या आप मुझसे निजी संपर्क कर सकते हैं? इसके बाद आरोग्य सेतु टीम की ओर जारी बयान में कहा गया, हमें ऐप में संभावित सुरक्षा के मुद्दे पर हैकर द्वारा सतर्क किया गया था, जिसके बारे में हमने हैकर के साथ चर्चा की. लेकिन हैकर के द्वारा किसी भी यूजर की कोई भी व्यक्तिगत जानकारी खत्म में नहीं पाई गई है.

कोरोनो वायरस के संक्रमण के प्रति लोगों को आगाह करने के लिए बनाये गए इस सरकारी ऐप को अब तक करीब 9 करोड़ बार डाउनलोड किया जा चुका है. कई जगह इसे डाउनलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है. यह ऐप यूजर्स को यह जानने में मदद करता है कि उन्हें कोरोना वायरस से संक्रमण का खतरा है या नहीं.

राहुल गांधी ने क्या कहा था?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि आरोग्य सेतु ऐप एक अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली है जिससे निजता एवं डेटा सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो रही हैं. उन्होंने ट्वीट किया, ‘आरोग्य सेतु एक अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली है जिसे एक निजी ऑपरेटर को आउटसोर्स किया गया है तथा इसमें कोई संस्थागत जांच-परख नहीं है. इससे डेटा सुरक्षा और निजता को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो रही हैं. प्रौद्योगिकी हमें सुरक्षित रहने में मदद कर सकती है, लेकिन नागरिकों की सहमति के बिना उन पर नजर रखने का डर नहीं होना चाहिए. एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने एप की प्राइवेसी पर भी सवाल उठाए थे. तब प्रकाश जावड़ेकर और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पलटवार किया था.


आरोग्य सेतु एप एक नजर में 

आरोग्य सेतु एप कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के जरिए काम करता है. कोरोना कंटेनमेंट जोन में आने वाले सभी लोगों के लिए ये ऐप डाउनलोड करना अनिवार्य है. इससे पहले केंद्रीय कर्मचारियों के लिए ये अनिवार्य किया गया था. पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में देश के सभी नागरिकों से आरोग्य सेतु एप को डाउनलोड करने का आग्रह किया था. एप को डाउनलोड करने के बाद कुछ बेसिक जानकारियां मांगी जाती हैं.

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