ePaper

''चाय वाला'' बना तमिलनाडु का नया मुख्‍यमंत्री

Updated at : 06 Dec 2016 4:20 PM (IST)
विज्ञापन
''चाय वाला'' बना तमिलनाडु का नया मुख्‍यमंत्री

जयललिता के असामयिक निधन के बाद अम्‍मा के बेहद खास ओ पन्नीरसेल्वम को तलिमनाडु का नया मुख्‍यमंत्री बनाया गया है. कल आधी रात को उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली. चेन्‍नई के अपोलो अस्‍पताल में कल 11:30 में जय‍ललिता ने आखिरी बार शांस ली. जयललिता के नहीं बचने की उम्‍मीद के बाद कल रात में […]

विज्ञापन

जयललिता के असामयिक निधन के बाद अम्‍मा के बेहद खास ओ पन्नीरसेल्वम को तलिमनाडु का नया मुख्‍यमंत्री बनाया गया है. कल आधी रात को उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली. चेन्‍नई के अपोलो अस्‍पताल में कल 11:30 में जय‍ललिता ने आखिरी बार शांस ली. जयललिता के नहीं बचने की उम्‍मीद के बाद कल रात में ही एआइएडीएमके पार्टी की बैठक हुई और बैठक में ही पन्नीरसेल्वम के नाम का प्रस्‍ताव पास हुआ और उन्‍हें मुख्‍यमंत्री बनाया गया.

पन्‍नीरसेल्‍वम का राजनीतिक यात्रा काफी अहम रहा है वो आरंभ में अपने गृहनगर परियाकुलम में चाय की दुकान चलाते थे, आज भी उनकी दु‍कान चल रही है. हालांकि राजनीति में आने के बाद उनकी दुकान उनके परिवार वाले चला रहे हैं.

पन्‍नीरसेल्‍वम को जयललिता का करीबी माना जाता है. वो अम्‍मा के वफादारों में सबसे आगे थे. हालांकि एआईएडीएमके पार्टी का मुखिया ‘अम्‍मा’ के खास शशिकला को सौंपा जाएगा, लेकिन सरकार पन्‍नीर की चलाएंगे. अपने साथियों के बीच ओपीएस के नाम से मशहूर पन्‍नीर तमिलनाडु के पहली बार मुख्‍यमंत्री नहीं बने हैं बल्कि इससे पहले भी वो दो बार तमिलनाडु के सीएम रह चुके हैं. भ्रष्टाचार के मामलों में जयललिता को दोषी करार दिये जाने पर वह ‘मेन फ्राइडे’ की भूमिका निभाते हुए दो बार राज्य की कमान संभाले थे.
जयललिता के निधन के कुछ ही समय बाद पन्नीरसेल्वम ने देर रात एक बजकर 15 मिनट पर राजभवन में बेहद दुखी मन से शपथ ली. उन्हें राज्यपाल सी. विद्यासागर राव ने शपथ दिलाई. शोकाकुल माहौल में पन्नीरसेल्वम ने जब मुख्यमंत्री पद की शपथ ली तब उनकी जेब में जयललिता की तस्वीर रखी थी.
* जयललिता को देवी मानते थे पन्‍नीर
जयललिता को देवी के समान मानने वाले पन्नीरसेल्वम उनके प्रति समर्पण भाव रखते थे, उनकी हर बात मानते थे और उनके लिए रोते थे. उनके आदेशों का पालन पूरी निष्ठा के साथ करने वाले पन्नीरसेल्वम ने नौकरशाहों के साथ समन्वय करते हुए खुद को एक परिपक्व नेता और नेतृत्वकर्ता साबित किया. उनके इन गुणों के चलते ही उन्हें सितंबर 2011 और सितंबर 2014 में कार्यवाहक मुख्यमंत्री बनाया गया था. पन्नीरसेल्वम प्रभावशाली मुदुकुलाथोर समुदाय से हैं और बेहद मामूली पृष्ठभूमि से आते हैं.
* पन्‍नीर के पिता भी रहे हैं पार्टी के बफादार
पन्‍नीर अम्‍मा के प्रति काफी बफादार रहे हैं. हालांकि पार्टी के लिए वफादारी का सिलसिला काफी पुराना रहा है. उनके पिता अन्‍नाद्रमुक के संस्‍थापक एमजी रामचंद्रन के काफी वफादार सिपाही रहे हैं. उसी तरह से पन्‍नीर भी जयललिता के वफादार रहे हैं. इससे पहले दो बार जब वो मुख्‍यमंत्री रहे थे तो वो मुख्‍यमंत्री के उस आसन पर कभी नहीं बैठा जहां जयललिता बैठा करती थी.
* शशिकला के रिश्‍तेदार ने जयललिता के साथ पन्‍नीर की पहचान करायी
बताया जाता है कि जयललिता के साथ पन्‍नीर की भेंट शशिकला के करीबी रिश्‍तेदार ने कराया था. शशिकला के रिश्‍तेदार टीटीके दिनाकरन के जरिये पन्‍नीर जयललिता की नजर में आये और उसके बाद से पन्‍नीर अम्‍मा के काफी खास हो गये.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola