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सेना की वर्दी में आये थे आतंकी : गृह सचिव

Updated at : 03 Jan 2016 5:41 PM (IST)
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सेना की वर्दी में आये थे आतंकी : गृह सचिव

नयी दिल्ली : ऐसे में जब पंजाब में पठानकोट वायुसेना ठिकाने पर दो बचे आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई आज लगातार दूसरे दिन भी जारी है, केंद्र सरकार ने कहा कि वह इसे लेकर अनिश्चित है कि क्या वहां और आतंकवादी छुपे हुए हैं. केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि की ओर से यह टिप्पणी गृह मंत्री […]

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नयी दिल्ली : ऐसे में जब पंजाब में पठानकोट वायुसेना ठिकाने पर दो बचे आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई आज लगातार दूसरे दिन भी जारी है, केंद्र सरकार ने कहा कि वह इसे लेकर अनिश्चित है कि क्या वहां और आतंकवादी छुपे हुए हैं.

केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि की ओर से यह टिप्पणी गृह मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा ट्वीट करके यह कहने के एक दिन बाद आयी है कि पांच आतंकवादियों को मार गिराने के साथ ही अभियान पूरा हो गया है. सिंह ने बाद में अपना ट्वीट हटा लिया था.

महर्षि ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हम इसको लेकर आश्वस्त हैं कि वहां कम से कम दो और आतंकवादी हैं क्योंकि दो अलग..अलग स्थानों से अभी भी गोलीबारी की जा रही है. लेकिन हम इसको लेकर आश्वस्त नहीं कि क्या कुछ और भी हैं. हमें अभियान के पूरा होने और शवों की गिनती के बाद ही आतंकवादियों की संख्या का पता चलेगा.” उन्होंने कहा कि कल मुठभेड़ में चार आतंकवादी मारे गए थे जबकि वायुसेना ठिकाने में आज दोपहर दो जगह गोलीबारी फिर से शुरू हो गई.

गृह मंत्री के ट्वीट के बारे में पूछे जाने पर महर्षि ने कहा कि वह प्रामाणिक जानकारी दे रहे हैं और उन्हें ‘‘पता नहीं कि अन्य लोग क्या कह रहे हैं.” उन्होंने कहा कि पंजाब के एक पुलिस अधीक्षक जिन्हें गत शुक्रवार को दो अन्य के साथ अपहृत कर लिया गया था और बाद में छोड़ दिया गया था, ने कहा है कि केवल चार ही आतंकवादी थे.

यह पूछे जाने पर कि आतंकवादियों से निपटने में क्या कोई चूक हुई क्योंकि आतंकवादियों के बारे में पूर्व सूचना होने के बावजूद अभी तक सात सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए हैं, महर्षि ने इससे इनकार किया कि कोई कोई चूक हुई.

उन्होंने कहा, ‘‘कोई चूक नहीं हुई. जब इस पैमाने पर अभियान होता है तो कुछ का हताहत होना स्वभाविक है.” महर्षि ने कहा कि अभी तक सात सुरक्षाकर्मी शहीद हुए हैं जिसमें छह भारतीय वायुसेना कर्मी पांच डिफेंस सिक्युरिटी कोर (डीएससी) कर्मी और एक गरुड़ कमांडो शामिल है: और एक एनएसजी अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल निरंजन शामिल हैं. अभी तक वायुसेना के आठ कर्मी और 12 एनएसजी कमांडो घायल हुए हैं. आतंकवादी के शव में लगे एक ग्रेनेड को निष्क्रिय करने के प्रयास में एनएसजी अधिकारी शहीद हो गए. इस घटना में एनएसजी के पांच जवान भी घायल हो गए.

तलाशी अभियान के दौरान अन्य घटनाओं में एनएसजी के सात अन्य कमांडो घायल हो गए. यह पूछे जाने पर कि आतंकवादियों के खिलाफ अभियान कब समाप्त होगा, वायुसेना के महानिदेशक (वायु आपरेशन) एयर मार्शल अनिल खोसला ने कहा कि वे उसे लेकर निश्चित नहीं हैं क्योंकि आतंकवादियों के खिलाफ अभियान अभी भी जारी है.

उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी तरह से मैं पूर्वानुमान नहीं लगा सकता. यद्यपि हमें उम्मीद है कि यह आज शाम तक समाप्त हो जाएगा.” यह पूछे जाने पर कि बड़ी संख्या में एनएसजी कमांडो तैनात करने के बावजूद आतंकवादी हमले को विफल क्यों नहीं किया जा सका, केंद्रीय गृह सचिव ने कहा कि विशेष बल की टीम पठानकोट में इंतजार कर रही थी क्योंकि संभावित हमले के सटीक स्थल का पता नहीं था. उन्होंने कहा, ‘‘जब उन्होंने (आतंकवादियों) हवाई ठिकाने पर हमला किया एनएसजी टीम वहां पर तत्काल पहुंची.”

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