नयी दिल्ली : केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधते हुए कहा है कि अगले साल लोकसभा चुनाव में पहली बार कांग्रेस और संघ आमने-सामने होंगे. रमेश ने आज यहां उर्दू पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा, ‘‘आगामी चुनाव (लोकसभा) कांग्रेस बनाम आरएसएस होने वाला है. पहली बार आरएसएस सक्रिय रुप से चुनाव में हिस्सा ले रहा है. जब आरएसएस सक्रिय होती है कि चुनाव अभियान अफवाहों के आधार चलाए जाते हैं. यही देश में नजर आ रहा है.’’ दिल्ली के इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में आयोजित इस संवाददाता सम्मेलन में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री के. रहमान खान और संसदीय कार्य राज्य मंत्री राजीव शुक्ला भी मौजूद थे.
कांग्रेस के थिंकटैंक में गिने जाने वाले रमेश ने मोदी पर निशाना साधते हुए और राहुल की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘वह (मोदी) खुद को ऐसे पेश कर रहे हैं, जैसे उनके हाथ में जादू की छड़ी है. उनके मुंह से सिर्फ ‘मैं-मैं’ निलकता है. परंतु हमारे उपाध्यक्ष (राहुल गांधी) काम के जरिए अपना अपनी पहचान को बढ़ाना चाहते हैं.’’ उन्होंने राहुल गांधी के विचार और नजरिए को लेकर किए जा रहे सवालों पर कहा, ‘‘हमारे उपाध्यक्ष मीडिया से ज्यादा बात नहीं करते हैं. उनका व्यक्तित्व आक्रामक नहीं है. वह काम में लगे रहते है और आम लोगों तक पहुंच रखना चाहते हैं. उन्होंने उत्तर प्रदेश में राजीव गांधी महिला विकास परियोजना के जरिए इस बात को साबित किया है. राज्य की 11 लाख महिलाओं को इसका फायदा हुआ है.’’
अल्पसंख्यक कार्य मंत्री रहमान खान ने भी रमेश के बयान का समर्थन करते हुए कहा, ‘‘2014 का चुनाव देश के लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता के लिए एक चुनौती होगा. यह चुनाव 2009 की तरह नहीं होगा. पहली बार यह चुनाव कांग्रेस बनाम आरएसएस होगा.’’ उन्होंने संघ और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘सभी जानते हैं कि आरएसएस की विचारधारा क्या है. यह संगठन धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ है. अगर भाजपा धर्मनिरपेक्ष होती तो मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं बनाया जाता.’’ खान ने दावा किया, ‘‘देश में कांग्रेस ही सबसे बड़ी धर्मनिरपेक्ष पार्टी है.
कांग्रेस ही सांप्रदायिकता के खिलाफ मजबूती से लड़ सकती है.’’ मुजफ्फरनगर दंगों के पीड़ितों के पुनर्वास को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘मैं मुजफ्फरनगर गया था. वहां पुनर्वास सबसे बड़ा मुद्दा है. राहत शिविरों में दंगा पीड़ित भी हैं और बहुत सारे ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने डर से अपने घर-बार छोड़ दिए हैं. इन दो पहलुओं पर गौर करके हमें पुनर्वास से जुड़े कार्य करने होंगे. केंद्र सरकार लोगों के पुनर्वास में राज्य सरकार की पूरी मदद कर रही है और आगे भी करती रहेगी.’’ सच्चर कमेटी की सिफारिशों के बारे में खान ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार ने सच्चर कमिटी की लगभग सभी सिफारिशों को लागू कर दिया है. कुछ चीजें अगर छूटी हैं तो उन पर भी कदम उठाने का प्रयास किया जाएगा.’’

