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ऊंची जाति के गरीबों को आरक्षण के समर्थन का भाजपा ने दिया संकेत

Updated at : 23 Sep 2015 9:41 PM (IST)
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ऊंची जाति के गरीबों को आरक्षण के समर्थन का भाजपा ने दिया संकेत

नयी दिल्ली: सामान्य वर्ग में गरीबों को आरक्षण देने के लिए राजस्थान विधानसभा में विधेयक पारित होने के एक दिन बाद भाजपा ने उंची जातियों में आर्थिक रुप से पिछडे वर्ग के लिए आरक्षण के प्रति अपने समर्थन का संकेत दिया.हालांकि पार्टी ने जोर दिया कि वह वर्तमान आरक्षण नीति में किसी भी बदलाव का […]

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नयी दिल्ली: सामान्य वर्ग में गरीबों को आरक्षण देने के लिए राजस्थान विधानसभा में विधेयक पारित होने के एक दिन बाद भाजपा ने उंची जातियों में आर्थिक रुप से पिछडे वर्ग के लिए आरक्षण के प्रति अपने समर्थन का संकेत दिया.हालांकि पार्टी ने जोर दिया कि वह वर्तमान आरक्षण नीति में किसी भी बदलाव का समर्थन नहीं करती और अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों एवं पिछडे वर्गों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण पर ‘कोई पुर्विचार नहीं हो सकता. ‘ केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘50 प्रतिशत आरक्षण को कायम रखते हुए दलितों और पिछडोें के अलावा आरक्षण के फायदे हासिल ना करने वाले गरीबों का विकास हमारी चिंताओं और कार्यक्रमों का एक महत्वपूर्ण पहलू रहा है.’
उन्होंने कहा, ‘‘आज 50 प्रतिशत आरक्षण पर समझौता नहीं हो सकता. आगे क्या सकारात्मक कार्रवाई की जा सकती है, यह एक अलग मुद्दा है.’ यह पूछे जाने पर कि क्या पार्टी संविधान में संशोधन करना चाहती है ताकि आर्थिक पिछडेपन के आधार पर उंची जातियों को भी आरक्षण दिया जा सके, उन्होंने कहा, ‘‘यह इस समय मुद्दा नहीं है.’ एक दूसरे सवाल कि और आरक्षण दिए जाने से सामान्य श्रेणी के लिए वर्तमान हिस्से पर क्या असर नहीं पडेगा, जावडेकर ने कहा कि वसुंधरा राजे सरकार द्वारा दिया गया 14 प्रतिशत आरक्षण इन समूहों के गरीबों के लिए है.
जावडेकर ने याद किया कि वसुंधरा ने मुख्यमंत्री के तौर पर अपने पिछले कार्यकाल में इसी तरह का एक कदम उठाया था लेकिन न्यायपालिका ने उसे रद्द कर दिया था. उन्होंने कहा कि पार्टी को ‘विश्वास’ है कि इस बार यह कार्यान्वित हो जाएगा. हाल में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा का सुझाव दिया था जिसे लेकर बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एक राजनीतिक विवाद शुरु हो गया. इसके बाद भाजपा और केंद्र ने भागवत के बयानों से किनारा कर लिया और आरएसएस ने भी साफ किया कि भागवत की टिप्पणी वर्तमान आरक्षण को लेकर नहीं थी. राजस्थान विधानसभा ने विशेष पिछडा वर्ग :एसबीसी: के तहत गुज्जरों एवं अन्य समुदायों को पांच प्रतिशत और अनारक्षित वर्गों के आर्थिक रुप से पिछडे वर्गों :ईबीसी: के लिए 14 प्रतिशत आरक्षण उपलब्ध कराने के लिए कल अलग अलग विधेयक पारित किए.
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