नेपाली महिला बलात्कार मामला : भारत की विभिन्न विकल्पों पर नजर
Updated at : 17 Sep 2015 9:39 PM (IST)
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नयी दिल्ली: भारत एक सउदी राजनयिक द्वारा दो नेपाली महिलाओं के साथ अपने गुडगांव स्थित आवास में कथित बलात्कार के मामले से निपटने में विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहा है. इस बीच मामले में आरोपी सउदी राजनयिक कल देश छोडकर चला गया और गुडगांव पुलिस का कहना है कि वह अन्य आरोपियों को पकडने […]
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नयी दिल्ली: भारत एक सउदी राजनयिक द्वारा दो नेपाली महिलाओं के साथ अपने गुडगांव स्थित आवास में कथित बलात्कार के मामले से निपटने में विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहा है. इस बीच मामले में आरोपी सउदी राजनयिक कल देश छोडकर चला गया और गुडगांव पुलिस का कहना है कि वह अन्य आरोपियों को पकडने के लिए जांच जारी रखेगी.
एक ओर नेपाल सरकार जहां मामले के दोषियों को सजा दिए जाने पर जोर दे रही है वहीं उसने ऐसे संकेत भी दिए हैं कि वह मामले को आगे बढाएगी.अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सरकार विभिन्न उपलब्ध विकल्पों पर विचार कर रही है, लेकिन इस बारे में विस्तार से कुछ बताने से इंकार किया.गुडगांव पुलिस आयुक्त नवदीप सिंह विर्क ने कहा कि राजनयिक माजिद हसन अशूर भले ही कल रात भारत से चला गया है, लेकिन मामले की जांच जारी है.
जांच की अगुवाई कर रहे विर्क ने कहा, ‘‘जांच जारी रहेगी जिसका ब्यौरा इस मौके पर साझा नहीं किया जा सकता।” पीडित महिलाओं के लिए इंसाफ की मांग करते हुए नेपाल के दूत दीप उपाध्याय ने संकेत दिया कि उनका देश मामले को आगे बढाएगा क्योंकि अपराधियों को सजा मिलनी चाहिए.उन्होंने कहा, ‘‘पीडिताओं को न्याय सुनिश्चित कराना हमारा कर्तव्य है. यह बहुत अमानवीय मामला है. नेपाल के सउदी अरब और भारत के साथ बहुत दोस्ताना रिश्ते हैं…अगर अपराध होता है तो अपराधियों को सजा दी जानी चाहिए और पीडितों को न्याय मिलना चाहिए.”
नेपाली दूतावास के एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें भारत सरकार की तरफ से जबर्दस्त सहयोग और समर्थन मिल रहा है. उन्होंनेउम्मीद जताई कि इस मामले में तफ्तीश जारी रहेगी. गत 7 सितंबर को गुडगांव पुलिस ने यह शिकायत मिलने के बाद राजनयिक के आवास पर छापा मारा था कि वहां नेपाल की दो लडकियों को बंधक बनाकर रखा गया है और राजनयिक और उसके ‘‘मेहमान” उनके साथ लगातार बलात्कार कर रहे हैं. सउदी दूतावास ने आरोपों को ‘‘झूठ” बताया और राजनयिक के आवास में पुलिस की ‘‘घुसपैठ” का विरोध करते हुए कहा कि यह तमाम राजनयिक संधियों के खिलाफ है.विदेश मंत्रालय में प्रवक्ता विकास स्वरुप ने बुधवार रात कहा था, ‘‘हमें पता चला है कि प्रथम सचिव माजिद हसन अशूर, जो दो नेपाली महिलाओं के बलात्कार का आरोपी है, भारत से जा चुका है.” इधर विर्क ने बताया कि गुडगांव पुलिस ने विदेश मंत्रालय को 9 और 10 सितंबर को पत्र लिखकर पूछताछ के उद्देश्य से राजनयिक तक पहुंच के लिए अनुरोध किया था.
पता चला है कि विदेश मंत्रालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सउदी दूतावास पर राजनयिक से पूछताछ की इजाजत देने के लिए दबाव बनाया था, जिसका नतीजा है कि सउदी अरब ने राजनयिक को वापस भेज दिया.इस बीच काठमांडो से मिली खबर के मुताबिक नेपाल पुलिस ने दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक गुडगांव में सउदी राजनयिक के आवास से बचाई गई दो नेपाली महिलाओं में से एक की बहू है. आरोप है कि यह महिला मानव तस्करी का रैकेट चलाती है और महिलाओं को नौकरी का लालच देकर भारतीय एजेंटों को बेचा जाता है.
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