बीबीसी के संपादक ने चरमपंथियों की तुलना गांधी, मंडेला से की
Author Prabhat khabar digital desk
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लंदन: बीबीसी के एक संपादक द्वारा महात्मा गांधी, नेल्सन मंडेला और विंस्टन चर्चिल की तुलना कथित तौर पर एक ब्रितानी कट्टरपंथी मुस्लिम धर्म प्रचारक से करने पर बीबीसी को कडी आलोचनाओं का शिकार होना पडा है. ब्रिटेन की सरकार के एक नए आतंकवाद विरोधी विधेयक के विश्लेषण के दौरान बीबीसी के गृह मामलों के संपादक […]
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लंदन: बीबीसी के एक संपादक द्वारा महात्मा गांधी, नेल्सन मंडेला और विंस्टन चर्चिल की तुलना कथित तौर पर एक ब्रितानी कट्टरपंथी मुस्लिम धर्म प्रचारक से करने पर बीबीसी को कडी आलोचनाओं का शिकार होना पडा है.
ब्रिटेन की सरकार के एक नए आतंकवाद विरोधी विधेयक के विश्लेषण के दौरान बीबीसी के गृह मामलों के संपादक मार्क ईस्टन ने ब्रिटेन में ‘‘नफरत फैलाने वाले उद्घोषक’’ के रुप में जाने जाने वाले अंजेम चौधरी और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के नायक की तुलना की जिसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें लोगों की नाराजगी ङोलनी पडी.
बुधवार रात को चैनल के ‘न्यूज एट 10’ शो के दौरान ईस्टन ने यह टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा, ‘‘मैं आज पार्लियामेंट स्क्वेयर पर था, गांधी की एक मूर्ति नीचे मेरी ओर देख रही थी जिन्हें चरमपंथी होने के कारण कारागार में डाल दिया गया, मंडेला को चरमपंथी होने के कारण कारागार भेज दिया गया.
इतिहास हमें बताता है कि कभी कभी चरमपंथी विचारों वाले बहुत सी स्थापित मान्यताओं को चुनौती देते हैं.’’ हालांकि बीबीसी ने इस बात पर जोर दिया कि इस दौरान बडे नेताओं और चौधरी के बीच कोई तुलना नहीं की गई. चौधरी प्रतिबंधित इस्लामवादी समूहों अल मुहाजिरों और इस्लाम4यूके समूह के प्रमुख हैं.बीबीसी ने कहा कि संपादक की टिप्पणी बडे परिप्रेक्ष्य में की गई थी जो यह इंगित करती है कि समय के साथ चरमपंथ की परिभाषा बदल जाती है.
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