गणतंत्र दिवस पर जम्मू कश्मीर और सीमावर्ती क्षेत्रों में बहुस्तरीय सुरक्षा इंतजाम
Updated at : 25 Jan 2015 3:10 PM (IST)
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जम्मू/श्रीनगर: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की ऐतिहासिक भारत यात्र के दौरान जम्मू कश्मीर में आतंकवादी हमलों की आशंका के बीच गणतंत्र दिवस पर बहुस्तरीय सुरक्षा इंतजाम किया गया है. राज्यपाल एन एन वोहरा कल जम्मू के मौलाना आजाद मेमोरियल स्टेडियम में सलामी लेंगे. स्टेडियम और उसके इर्दगिर्द बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गयी है और लोगों […]
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जम्मू/श्रीनगर: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की ऐतिहासिक भारत यात्र के दौरान जम्मू कश्मीर में आतंकवादी हमलों की आशंका के बीच गणतंत्र दिवस पर बहुस्तरीय सुरक्षा इंतजाम किया गया है. राज्यपाल एन एन वोहरा कल जम्मू के मौलाना आजाद मेमोरियल स्टेडियम में सलामी लेंगे. स्टेडियम और उसके इर्दगिर्द बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गयी है और लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गयी है.
पुलिस महानिदेशक के राजेंद्र कुमार ने कहा, ‘‘खतरा बिल्कुल है लेकिन हम किसी भी आपातस्थिति से निबटने को तैयार हैं. ’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने घाटी में अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में सुरक्षा तैनाती बढा दी है. सीमा पर सुरक्षा कडी कर दी गयी है, घुसपैठ के सभी मार्गों पर अवरोध खडे कर दिए गए हैं और हर संवेदनशील जगह पर सुरक्षा चौकियां लगा दी गयी हैं. ’’ राज्य की सुरक्षा एजेंसियां कल नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह में ओबामा के बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने के मद्देनजर कडी चौकसी रख रही हैं. ऐसी आशंका है कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादी राज्य में छत्तीससिंहपुरा नरसंहार जैसा कांड दोहराने का प्रयास कर सकते हैं.
उल्लेखसनीय है कि लश्कर ए तैयबा ने 20 मार्च, 2000 को दक्षिण कश्मीर के छत्तीससिंहपुरा गांव में 36 सिखों को मार डाला था. तब तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन भारत यात्रा पर आए थे. श्रीनगर और घाटी के सभी बडे शहरों में आने जाने के रास्तों पर विशेष सुरक्षा जांच चौकियां बनायी गयी हैं. पैदलयात्रियों एवं वाहनों की जांच की जा रही है.
इसके अलावा घाटी में गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह स्थल बख्शी स्टेडियम और उसके आसपास अचूक निशानेबाज तैनात किए गए हैं. हुर्रियत समेत करीब करीब सभी अलगाववादियों ने कश्मीर मुद्दे के शीघ्र समाधान के लिए 26 जनवरी को काला दिवस मनाने का आह्वान किया है.
अल उमर मुजाहिदीन के प्रमुख मुश्ताक अहमद जरगर उर्फ लतराम ने भी हडताल का आह्वान किया है. वह उन तीन आतंकवादियों में एक है जिन्हें 1999 में अपहृत किए गए भारतीय विमान के यात्रियों को मुक्त करने के बदले रिहा किया गया था. वर्ष 1995 में जम्मू में एमएएम स्टेडियम में सिलसिलेवार धमाके हुए थे जिनमें 15 लोगों की जान चली गयी थी और तत्कालीन राज्यपाल के वी कृष्ण राव बाल बाल बचे थे. 1993 में गणतंत्र दिवस के दिन बख्शी स्टेडियम पर भी रॉकेट हमला किया गया था.
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