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मोदी के खिलाफ महामोरचा

Updated at : 07 Nov 2014 8:28 AM (IST)
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मोदी के खिलाफ महामोरचा

2019 की तैयारी. दिल्ली में मुलायम के घर मिले छह क्षेत्रीय दलों के नेता अंजनी कुमार सिंह नयी दिल्ली : आम चुनाव और उसके बाद दो विधानसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए ‘जनता परिवार’ के छह क्षेत्रीय दल गुरुवार को एकजुट हुए. समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख मुलायम सिंह यादव […]

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2019 की तैयारी. दिल्ली में मुलायम के घर मिले छह क्षेत्रीय दलों के नेता
अंजनी कुमार सिंह
नयी दिल्ली : आम चुनाव और उसके बाद दो विधानसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए ‘जनता परिवार’ के छह क्षेत्रीय दल गुरुवार को एकजुट हुए. समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख मुलायम सिंह यादव के घर गुरुवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद), जनता दल यूनाइटेड (जदयू), जनता दल सेक्युलर (जेडीएस), इनेलोद और सजपा नेताओं की बैठक हुई. इसमें भाजपा सरकार के विरुद्ध महामोरचा बनाने और सरकार को एकजुट होकर घेरने का निर्णय हुआ.
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अभी एकजुट होने का फैसला हुआ है. सब कुछ ठीक रहा, तो एकीकरण का फैसला भी हो सकता है.
नीतीश ने कहा कि सशक्त विपक्ष के रूप में ये सभी दल दोनों सदनों में मोदी सरकार को काला धन, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दे पर घेरा जायेगा. उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान काला धन पर बड़ी-बड़ी बातें कही गयीं थीं, अब मुंह मोड़ा जा रहा है. युवाओं को रोजगार के हसीन सपने दिखाये गये और अब रिपोर्ट है कि नियुक्ति पर रोक लगायी जा रही है. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का जो वादा किया गया था, उसे भी पूरा नहीं किया गया.
राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने कहा कि मोदी सरकार अभिमान में चकनाचूर है. चुनाव से पहले मोदी की ओर से कहा गया था कि चुनाव जीते, तो काला धन लायेंगे. अब सरकार रंग बदल रही है. हमलोग इकट्ठे हुए हैं, क्योंकि सरकार गलत दिशा में जा रही है. यूपीए के कार्यक्रम को ही डेंटिंग-पेंटिंग कर आगे बढ़ा रही है. अब सिर्फ इससे काम नहीं चलेगा. यह पूछने पर कि आप लोग एक ही पार्टी की छत के नीचे आने की तैयारी में हैं, लालू ने कहा कि सभी विकल्प खुले हैं. सरकार के विरोध में एकजुट होकर काम करेंगे.
बैठक में सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव, प्रो रामगोपाल यादव, शिवपाल यादव, जदयू अध्यक्ष शरद यादव, बिहार के भूतपूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जदयू के महासचिव सह प्रवक्ता केसी त्यागी, राजद प्रमुख लालू प्रसाद तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री व राजद सांसद प्रेमचंद गुप्ता, भूतपूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस नेता एचडी देवेगौड़ा, इंडियन नेशनल लोकदल के सांसद दुष्यंत चौटाला तथा समाजवादी जनता पार्टी की ओर से कमल मोरारका आदि ने हिस्सा लिया.
आम चुनाव में भाजपा की शानदार जीत के बाद से ही शरद यादव गैरभाजपा, गैर कांग्रेस गंठबंधन की वकालत कर रहे हैं. नीतीश से लंबी अदावत के बाद लालू प्रसाद उनके साथ हैं. यूपी में भाजपा को रोकने के लिए मायावती और मुलायम को हाथ मिलाने की सलाह दी थी, लेकिन बसपा ने इससे मना कर दिया.
क्यों एकजुट हो रहे?
आम चुनाव में जनता परिवार से अलग हुई पार्टियों को करारी हार का सामना करना पड़ा था. यूपी व बिहार में सपा व जदयू को लोकसभा में पांच और दो सीटों पर जीत मिलीं. राजद के भी चार ही सांसद हैं. उपचुनाव में इन्होंने बेहतर प्रदर्शन किया, पर हरियाणा व महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में मोदी का जादू सिर चढ़ कर बोला. इससे ये दल परेशान हैं.
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