मनीष तिवारी का उद्धव ठाकरे पर हमला : कहा – NPR और NRC ढंग से समझने के लिए ठाकरे को ब्रीफिंग की जरूरत

नयी दिल्ली : कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को यह समझने के लिए संशोधित नागरिकता नियम-2003 पर जानकारी दिये जाने की जरूरत है कि कैसे राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) का आधार है. तिवारी ने यह भी कहा कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) […]
नयी दिल्ली : कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को यह समझने के लिए संशोधित नागरिकता नियम-2003 पर जानकारी दिये जाने की जरूरत है कि कैसे राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) का आधार है.
तिवारी ने यह भी कहा कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) पर ठाकरे को संविधान के स्वरूप से फिर से परिचित होने की जरूरत है, जिसके मुताबिक धर्म नागरिकता का आधार नहीं हो सकता. ठाकरे के एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री तिवारी की तरफ से यह बयान आया है.
महाराष्ट्र में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस की गठबंधन सरकार है. मोदी से मुलाकात के बाद ठाकरे ने कहा था कि सीएए को लेकर किसी को डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह किसी को देश से बाहर निकालने के संबंध में नहीं है. कांग्रेस प्रवक्ता तिवारी ने कहा, “महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को संशोधित नागरिकता नियम-2003 के बारे में फिर से जानकारी लेने की जरूरत है, जिससे वह यह समझ पाएं कि कैसे एनपीआर ही एनआरसी की बुनियाद है.
उन्होंने कहा कि एक बार जब आप एनपीआर करते हैं, तो फिर एनआरसी को नहीं रोक सकते. सीएए पर (भारतीय संविधान के स्वरूप) फिर से अवगत होने की जरूरत है कि धर्म नागरिकता का आधार नहीं हो सकता.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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