कांग्रेस की चार गुना बढ़ी आमदनी, भाजपा की दोगुने से भी कम
Updated at : 11 Jan 2020 12:48 AM (IST)
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नई दिल्ली : राजनीतिक पार्टियों की ओर से चुनाव आयोग को सौंपी गयी 2018-19 की ऑडिट रिपोर्ट में सभी राष्ट्रीय दलों की इनकम में इजाफा हुआ है. केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की भाजपा की 2018-19 में कुल आय 2,410 करोड़ रुपये हो गयी है, जो 2017-18 के 1,027 करोड़ रुपये से 134% ज्यादा […]
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नई दिल्ली : राजनीतिक पार्टियों की ओर से चुनाव आयोग को सौंपी गयी 2018-19 की ऑडिट रिपोर्ट में सभी राष्ट्रीय दलों की इनकम में इजाफा हुआ है. केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की भाजपा की 2018-19 में कुल आय 2,410 करोड़ रुपये हो गयी है, जो 2017-18 के 1,027 करोड़ रुपये से 134% ज्यादा है. वहीं, देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस की आय में भी बड़ा इजाफा देखने को मिला है.
कांग्रेस को 2018-19 में 918 करोड़ रुपये की आय हुई है, जो पिछले साल की तुलना में 361% ज्यादा है. कांग्रेस की एक साल में 199 करोड़ रुपये से बढ़कर 918 करोड़ रुपये पहुंच गयी. दूसरे शब्दों में कहें तो चार गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है.
चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों पर भी कांग्रेस ने खर्च किये पैसे
कांग्रेस की एनुअल ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, उसे 2018-19 में इलेक्टोरल बॉन्ड से 383 करोड़ रुपये, कंपनियों से 20.62 करोड़ रुपये, इलेक्टोरल ट्रस्टों और फाउंडेशनों से 94.6 करोड़ रुपये जबकि अन्य दानदाताओं से 2.38 करोड़ रुपये प्राप्त हुए. पार्टी ने बताया कि 2018-19 में उसका चुनावी खर्च करीब 309 रुपये रहा जिसमें 57 लाख रुपये चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों पर खर्च हुए.
चुनाव आयोग को सौंपी गयी ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा
918 करोड़ रुपये आय
470 करोड़ रुपये खर्च
383 करोड़ रुपये
इलेक्टोरल बॉन्ड्स
कांग्रेस
2410करोड़ रुपये
आय 1005 करोड़ रुपये
खर्च 1450
1450 करोड़ रुपये
इलेक्टोरल बॉन्ड्स
भाजपा
स्वेच्छा से योगदान में कई मदों से पैसे आये भारतीय जनता पार्टी के खातों में
भाजपा ने एक अप्रैल, 2018 से 31 मार्च, 2019 तक आमदनी और खर्च का जो हिसाब दिया, उसके मुताबिक उसे फी और सब्सक्रिप्शंस से 1.89 करोड़, स्वेच्छा से योगदान के मद में 2,354 करोड़ (इलेक्टोरल बॉन्ड्स से मिली रकम भी शामिल है), बैंकों से मिले ब्याज से 54 करोड़ जबकि अन्य मदों से 24 करोड़ की प्राप्ति हुई.
स्वेच्छा से योगदान में कई मदों से पैसे आये, इनमें आजीवन सहयोग निधि से 24.64 करोड़, मोर्चाओं से योगदान 68 करोड़, बैठकों से हुई आमदनी 93 करोड़, इलेक्टोरल बॉन्ड्स से मिली रकम 1,450.89 करोड़ और अन्य मदों से प्राप्त धन 867.87 करोड़ रुपये है.
भाजपा के खर्च में हुआ 32 % इजाफा, प्रोपेगैंडा पर भी किया खर्च
खर्च की बात करें तो 2018-19 में भाजपा ने 1,005 करोड़ रुपये खर्च किये जो 2017-18 में 758 करोड़ रुपये के खर्च से 32 प्रतिशत अधिक है. ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा ने 2018-19 में 792.4 करोड़ रुपये चुनावी और आम प्रोपेगैंडा पर खर्च किये.
वहीं, 2017-18 में उसने 567 करोड़ रुपये चुनावी और आम प्रोपेगैंडा पर खर्च किये थे. बता दें कि भाजपा को सभी राजनीतिक पार्टियों में सबसे अधिक चंदा मिलता है. भाजपा को 1,450 करोड़ अर्थात करीब 60% आय इलेक्टोरल बॉन्ड्स से मिली है.
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