ePaper

कैबिनेट ने 58 अनावश्यक कानूनों को खत्म करने के विधेयक को दी मंजूरी

Updated at : 17 Jul 2019 8:03 PM (IST)
विज्ञापन
कैबिनेट ने 58 अनावश्यक कानूनों को खत्म करने के विधेयक को दी मंजूरी

नयी दिल्ली : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को उस विधेयक को मंजूरी दे दी जिसमें प्रासंगिकता खो चुके 58 कानूनों को खत्म करने की बात कही गयी है. राजग सरकार ने अपने दो कार्यकाल में अनावश्यक हो चुके 1824 पुराने कानूनों को खत्म करने के लिए कवायद की है. निरसन और संशोधन विधेयक 2019 को […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को उस विधेयक को मंजूरी दे दी जिसमें प्रासंगिकता खो चुके 58 कानूनों को खत्म करने की बात कही गयी है. राजग सरकार ने अपने दो कार्यकाल में अनावश्यक हो चुके 1824 पुराने कानूनों को खत्म करने के लिए कवायद की है.

निरसन और संशोधन विधेयक 2019 को संसदीय मंजूरी मिलने के बाद अगले हिस्से में 137 कानूनों को खत्म किया जायेगा. सरकार के अनुसार ये कानून अपनी प्रासंगिकता खो चुके हैं. जिन 58 कानूनों को खत्म किया जायेगा, तत्काल उनकी सूची उपलब्ध नहीं हो पायी है, लेकिन सरकार के सूत्रों ने कहा कि अधिकतर ऐसे कानून हैं जो प्रमुख और मुख्य कानूनों में संशोधन के लिए लागू किये गये थे. सरकार के एक पदाधिकारी ने कहा, एक बार जब प्रमुख कानून संशोधित हो गया तो ये संशोधन कानून अपनी प्रासंगिकता खो चुके हैं. कानूनी किताबों में स्वतंत्र कानून के रूप में इनकी मौजूदगी अनावश्यक है और ये केवल व्यवस्था को बाधित कर रहे हैं.

खत्म किये गये कुछ पुराने कानूनों में घोड़ा गाड़ियों के नियमन और नियंत्रण के लिए बनाये गये हैकनी कैरिज एक्ट 1879 और ब्रिटिश शासन के खिलाफ नाटकों के जरिये होने वाले विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए बनाये गये ड्रामैटिक परफॉर्मेंस एक्ट 1876 शामिल हैं. लोकसभा द्वारा इसी तरह का खत्म किया गया एक अन्य कानून गंगा चुंगी कानून 1867 है जो गंगा में चलने वाली नौकाओं और स्टीमरों पर चुंगी (12 आना से अधिक नहीं) वसूलने के लिए था.

वर्ष 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद पुराने कानूनों को खत्म करने के मामले को देखने के लिए दो सदस्यीय एक समिति गठित की गयी थी. समिति ने खत्म किये जाने वाले कानूनों की सिफारिश करते समय केंद्र और राज्य सरकारों से भी बात की थी. वर्ष 1950 से लेकर 2001 के बीच 100 से अधिक कानूनों को खत्म किया गया है. एक बार इस तरह के 100 कानूनों को एक झटके में खत्म कर दिया गया. सितंबर 2014 में विधि आयोग ने मुद्दे का अध्ययन करते हुए कहा था कि विगत कई वर्षों में पारित हुए अनेक विनियोग कानून असल में अपनी प्रासंगिकता खो चुके हैं, लेकिन वे कानूनी किताबों में लगातार बने हुए हैं.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola