बालाकोट पर बोले पीएम मोदी, आतंकवाद जहां से कंट्रोल होता है खेल वहीं खेला जाना चाहिये

Updated at : 31 Mar 2019 6:29 PM (IST)
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बालाकोट पर बोले पीएम मोदी, आतंकवाद जहां से कंट्रोल होता है खेल वहीं खेला जाना चाहिये

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि बालाकोट में हवाई हमला करने का फैसला उन्होंने इसलिए किया कि आतंकवाद जहां से कंट्रोल होता है, ‘खेल’ वहीं खेला जाना चाहिये और मैदान उन्हीं (आतंकवादियों) का हो. मोदी ने ‘मैं भी चौकीदार’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान बड़ी मुसीबत में […]

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नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि बालाकोट में हवाई हमला करने का फैसला उन्होंने इसलिए किया कि आतंकवाद जहां से कंट्रोल होता है, ‘खेल’ वहीं खेला जाना चाहिये और मैदान उन्हीं (आतंकवादियों) का हो. मोदी ने ‘मैं भी चौकीदार’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान बड़ी मुसीबत में है क्योंकि यदि वह (पाकिस्तान) कहता है कि बालाकोट में कुछ हुआ था तो उसे स्वीकार करना पड़ेगा कि वहां आतंकवादियों का शिविर चलता था.

उन्होंने कहा, वे लोग कह रहे हैं कि कोई आतंकवादी शिविर नहीं था. अब उन्हें इसे छिपाना पड़ रहा है. वे अब किसी को वहां नहीं जाने दे रहे हैं. हमे बताया गया है कि पाकिस्तान बालाकोट इलाके का पुनर्निर्माण कर रहा है ताकि वह यह दिखाया जा सके कि वहां एक स्कूल चल रहा है और लोगों को वहां ले जाया जा सके तथा दिखाया जा सके कि वहां कोई आतंकी शिविर नहीं है.

उन्होंने कहा कि जो लोग बालाकोट हवाई हमले पर मोदी को गाली दे रहे हैं वे अपने बयानों से पाकिस्तान की मदद कर रहे हैं. यह कार्यक्रम देशभर में 500 स्थानों पर प्रसारित किया गया जहां भाजपा कार्यकर्ता, चौकीदार, व्यापारी, किसान सहित अन्य ने मोदी का संबोधन सुना और वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उनसे बातचीत की.

गौरतलब है कि 26 फरवरी को पाकिस्तान के अंदर घुस कर बालाकोट के पास जैश ए मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविर पर भारतीय वायु सेना के बम गिराने के बाद दोनों देशों में तनाव बढ़ गया था. पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अगले दिन भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की नाकाम कोशिश की थी.

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के एक काफिले पर हुए आतंकी हमले में 40 जवानों के शहीद होने के बाद भारत ने जैश के शिविर पर हमला किया था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मैं भी चौकीदार’ कार्यक्रम में बालाकोट एयरस्‍ट्राइक की चर्चा करते हुए कहा, बालाकोट मैंने नहीं किया बल्कि देश के जवानों ने किया. हमारे सुरक्षाबलों ने किया है. हम सब की तरफ से उन्हें नमन.

जहां तक निर्णय का सवाल है आपने देश में ढेर सारे पीएम देखे हैं, आज लाइन थोड़ी लंबी हो गई है. अगर मोदी अपने राजनीतिक भविष्य का सोचता तो मोदी नहीं होता. मेरे लिए देश सबसे ऊपर होता है. सवा सौ करोड़ देशवासी मेरे लिए सबसे ऊपर होते हैं. हर व्यक्ति के अपने सपने, अपनी इच्छाएं होती हैं. वह होनी भी चाहिए, लेकिन हम तय करें कि सबसे ऊपर देश हो. इससे हम सारी समस्याओं का समाधान निकाल लेंगे.

प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि पड़ोसी देश को लगता होगा कि मोदी चुनाव में बिजी होगा तो शायद कुछ करेगा नहीं. मेरे लिए चुनाव प्राथमिकता नहीं है, देश प्राथमिकता है. पीएम मोदी ने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों को घेरते हुए कहा, मुझ जैसे राष्ट्रीय राजनीति में अनजान व्यक्ति को देश की जनता ने 30 साल बाद पूर्ण बहुमत दिया. हमारे देश के राजनीतिक दलों को भी नहीं पता है कि पूर्ण बहुमत वाली सरकार अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण होती है.

कांग्रेस के झूठ सीजनल होते हैं. सीजन के हिसाब से वो झूठ बोलते हैं, फिर मैदान में छोड़ते हैं और इनका ईको सिस्टम इसे उठाता है. अगर उनकी बात में सच्चाई होती तो उन्हें बार-बार आंकड़ें बदलने नहीं पड़ते. जिन्होंने देश को लूटा है उन्हें पाई-पाई लौटानी पड़ेगी. 2014 से आपकी मदद से मैं भ्रष्टाचारियों को जेल के दरवाजे तक ले गया, कुछ जमानत पर हैं और कुछ डेट मांग रहे हैं. दुनिया के किसी कोने में भी उनकी प्रॉपर्टी होगी वह जब्त होगी.

‘मिशन शक्ति’ पर कांग्रेस की टिप्पणी पर पीएम मोदी ने कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा-कुछ लोगों को साबू का इस्तेमाल करने की जरूरत है. साबू मतलब सामान्य बुद्धि. क्या हिंदुस्तान को इस बात के लिए इंतजार करना चाहिए था जबकि हमारे वैज्ञानिकों के पास इसे प्राप्त करने की क्षमता है तो किसी को हिम्मत करके इसपर निर्णय करना ही था. हमारे एक बुद्धिमान नेता कहते हैं कि इसे सीक्रेट रखना चाहिए था. जब अमेरिका, चीन और रूस ने डंके कि चोट पर किया तो हम गुपचुप क्यों करें.

कुछ लोग यह मानकर बैठे हैं कि ये देश, सरकार, राजघराने उनकी पैतृक संपत्ति है. एक चायवाला पीएम की कुर्सी पर बैठ गया, ये लोग पचा नहीं पा रहे हैं. 2013-14 में जब लोकसभा का चुनाव चल रहा था, मैं देश के लिए नया था. आलोचकों ने मेरी प्रसिद्धी ज्यादा की थी, मैं उनका तहेदिल से आभार व्यक्त करता हूं क्योंकि उनके कारण ही जनता में जिझासा पैदा हुई.

आज देशभर में करीब 500 से अधिक स्थानों पर इसी प्रकार से देश के लिए कुछ कर गुजरने वाले, देश के सम्मान में ही अपना गर्व अनुभव करने वाले लाखों लोगों से तकनीक के माध्यम से मुझे मिलने का सौभाग्य मिला है. 2014 में बीजेपी ने मुझे दायित्व दिया उसके बाद मुझे देश के कोने-कोने में जाने की नौबत आयी. तब मैंने देश के लोगों से कहा थी कि आप दिल्ली का दायित्व जो मुझे दे रहे हैं उसका मतलब है कि आप एक चौकीदार बैठा रहे हैं.

मैंने तब कहा था कि मेरी ये कोशिश रहेगी कि मैं जनता के पैसे पर पंजा नहीं पड़ने दूंगा. एक चौकीदार के रूप में मैं अपनी जिम्मेदारी निभाऊंगा. देश की जनता फिर से एक बार हमें देश की सेवा करने का मौका देने वाली है. मुझे खुशी है कि देश का युवा दूर का देखते हैं. चौकीदार न कोई व्यवस्था है, न कोई यूनिफॉर्म की पहचान है न कोई चौखट में बंधा है. चौकीदार एक स्पिरिट है, एक भावना है.

मुझे विश्वास है कि देश की जनता चौकादार पसंद करती है. देश की जनता को राजा-महाराजाओं की जरूरत नहीं है और इसलिए मुझे खुशी है कि चौकादार का भाव निरंतर विस्तार होता जा रहा है.

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