सवर्णों को 10 फीसद आरक्षण देने के फैसले पर क्या है राजनीतिक पार्टियों की राय

Updated at : 07 Jan 2019 4:54 PM (IST)
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सवर्णों को 10 फीसद आरक्षण देने के फैसले पर क्या है राजनीतिक पार्टियों की राय

नयी दिल्ली : गरीब सवर्ण को 10 फीसद आरक्षण देने का फैसला मोदी सरकार ने लिया है. कैबिनेट के इस फैसले पर राजनीति प्रतिक्रिया तेज हो गयी है. कांग्रेस , भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी, आरजेडी समेत कई पार्टी के नेताओं ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी. भाजपा सांसद और दलित नेता उदित राज […]

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नयी दिल्ली : गरीब सवर्ण को 10 फीसद आरक्षण देने का फैसला मोदी सरकार ने लिया है. कैबिनेट के इस फैसले पर राजनीति प्रतिक्रिया तेज हो गयी है. कांग्रेस , भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी, आरजेडी समेत कई पार्टी के नेताओं ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी. भाजपा सांसद और दलित नेता उदित राज ने कहा कि सरकार का यह कदम सराहनीय है. भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा, गरीब स्वर्ण को आरक्षण देने की कोशिश की जा रही है. हमने किसी का हक नहीं मारा. अगर स्वर्ण गरीब है उसकी मदद की जा रही है तो गलत क्या है.

शिवसेना ने इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा, हम इसका साथ देंगे. शिवसेना सांसद अनिल देसाई ने कहा, ‘हम इस बिल का पूरा समर्थन करते हैं. यह बाल ठाकरे का विचार था कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को भी आरक्षण मिले. इस मामले पर एआईएएम नेता असदउद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी. ट्वीट कर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘दलितों के साथ ऐतिहासिक अन्याय को सही करना आरक्षण का मतलब है. गरीबी उन्मूलन के लिए कोई भी विभिन्न योजनाएं चला सकता है लेकिन आरक्षण न्याय के लिए है. संविधान आर्थिक आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता है.
आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि भारत सरकार को पहले जातिगण जनगणना के आंकड़े सामने लाने चाहिए जिससे पता चल सकेगा कि कौन सी जातियां क्या काम करती हैं. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी कैबिनेट के इस फैसले पर कहा, ‘चुनाव के पहले भाजपा सरकार संसद में संविधान संशोधन करे. हम सरकार का साथ देंगे. अगर समय से यह संशोध नहीं हुआ तो साफ़ हो जाएगा कि ये मात्र भाजपा का चुनाव के पहले का स्टंट है.
केटीएस तुलसी कांग्रेस नेता और संविधान विशेषज्ञ ने कहा, यह एक चुनावी स्टंट है. यह आरक्षण समाप्त करने की कोशिश है पता है कि 50 फीसद से ज्यादा आरक्षण नहीं हो सकता है. सरकार ट्रिपल तलाक पास नहीं करा सकी यह कैसे पास करायेगी. इससे नाराजगी बढ़ेगी . कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा, बहुत देर कर दी मेहरबां आते – आते और तब जब चुनाव सामने है. इसके कोई फर्क नहीं पड़ता के यह क्या करते हैं कौन सा जुमला देते हैं. कोई भी इस सरकार को बचा नहीं सकता.
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