बोले जेटली,फायरिंग और वार्ता एक साथ नहीं

Updated at : 16 Jun 2014 7:39 AM (IST)
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बोले जेटली,फायरिंग और वार्ता एक साथ नहीं

श्रीनगर : रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने मंत्रालय संभालने के बाद जम्मू-कश्मीर की अपनी पहली यात्रा के दूसरे दिन रविवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि अगर नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर संघर्ष विराम उल्लंघन और घुसपैठ की घटनाएं जारी रहती हैं, तो पाकिस्तान के साथ वार्ता नहीं चल सकती. उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि […]

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श्रीनगर : रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने मंत्रालय संभालने के बाद जम्मू-कश्मीर की अपनी पहली यात्रा के दूसरे दिन रविवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि अगर नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर संघर्ष विराम उल्लंघन और घुसपैठ की घटनाएं जारी रहती हैं, तो पाकिस्तान के साथ वार्ता नहीं चल सकती. उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि हालात सामान्य करने के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि नियंत्रण रेखा पर हो रहे इस तरह के उल्लंघन रुकने चाहिए.

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किसी देश के आगे बढ़ने के लिए यह अपने आप में विश्वास बहाली कदम है. जब जेटली से पूछा गया कि क्या नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम उल्लंघन और जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ जारी रहने पर पाकिस्तान के साथ वार्ता जारी रहेगी, तो उन्होंने नहीं में जवाब दिया. भारत ने कहा कि वह पाकिस्तान समेत सभी पड़ोसी देशों के साथ शांतिपूर्ण और दोस्ताना रिश्ते स्थापित करना चाहता है. भारत ने पाकिस्तान को याद दिलाया कि दोनों देशों के बीच सामान्य रिश्ते के लिए सीमा पर अमन चैन बनाये रखना पूर्व शर्त है.

* उचित जवाब दे रही सेना : जेटली ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल एनएन वोहरा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा हालात पर चर्चा की. कहा, ह्यसीमापार से आनेवाले उग्रवादियों या घुसपैठियों के बारे में मैंने सेना और जवानों से विचार-विमर्श किया. इन क्षेत्रों में हमारी सेना ने वर्चस्व स्थापित किया है और इन घुसपैठ की घटनाओं को रोकने में उसकी क्षमता बढ़ी है. रक्षा मंत्री ने कहा कि नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम उल्लंघन हो रहा है, लेकिन सेना इन घटनाओं पर उचित जवाब दे रही है.

* कश्मीरी पंडितों के लिए नीतिगत उपाय शीघ्र: रक्षा मंत्री जेटली ने कहा कि केंद्र कश्मीरी पंडितों की घाटी में वापसी के नीतिगत उपायों की अगले कुछ दिनों में घोषणा करेगा. उन्होंने वादा किया कि मोदी सरकार राज्य के विकास के लिए खास कोशिश करेगी. जेटली ने कहा, घाटी के सभी राजनीतिक संगठन वापसी और पुनर्वास के विचार के समर्थक हैं. इसलिए आपको इस पर आगे के नीतिगत उपाय की घोषणा के लिए अगले कुछ दिनों तक इंतजार करना होगा.

* मुझे विश्वास है कि हम पूरी तरह तैयार हैं और मैं संतोष के भाव के साथ वापस जा रहा हूं. भारत की विरोधी ताकतें शांति बरकरार नहीं रहने देना चाहेंगी. इसलिए हालात की चर्चा करते समय हम इन सभी पर ध्यान देंगे.

अरुण जेटली, रक्षा मंत्री

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* इस बात को लेकर हमें खुशी है कि जेटली हालात एवं चुनौतियों के मूल्यांकन के साथ दिल्ली लौट

रहे हैं.

उमर अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री, जम्मू-कश्मीर

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