ePaper

ओडिशा में बाढ़ की स्थिति में मामूली सुधार, मृतकों की संख्या 24 तक पहुंची

Updated at : 15 Oct 2018 8:13 AM (IST)
विज्ञापन
ओडिशा में बाढ़ की स्थिति में मामूली सुधार, मृतकों की संख्या 24 तक पहुंची

भुवनेश्वर : ओडिशा में चक्रवात ‘तितली’ के बाद आई बाढ़ की स्थिति में रविवार को मामूली सुधार हुआ लेकिन गजपति जिले में भूस्खलन के मलबे से दो और शवों को निकाले जाने से मृतकों की संख्या 24 पर पहुंच गई. राज्य में दक्षिण पश्चिम हिस्से के गोपालपुर में चक्रवात ‘तितली’ के चलते पिछले तीन दिनों […]

विज्ञापन

भुवनेश्वर : ओडिशा में चक्रवात ‘तितली’ के बाद आई बाढ़ की स्थिति में रविवार को मामूली सुधार हुआ लेकिन गजपति जिले में भूस्खलन के मलबे से दो और शवों को निकाले जाने से मृतकों की संख्या 24 पर पहुंच गई. राज्य में दक्षिण पश्चिम हिस्से के गोपालपुर में चक्रवात ‘तितली’ के चलते पिछले तीन दिनों में भारी बारिश हुई. चक्रवाती तूफान के कारण गजपति इलाके के बारगढ़ में भूस्खलन में 15 लोगों के मारे जाने के बाद मृतकों की संख्या रविवार को 24 पर पहुंच गई. परालाखेमुंडी के उप मंडल पुलिस अधिकारी टी पी पात्रा ने बताया कि मलबे से शनिवार रात को 13 शव निकाले गए जबकि रविवार सुबह को दो और शव निकाले गए.

अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन में मारे गए लोगों के अलावा बाढ़ और बारिश से संबंधित घटनाओं में गजपति में तीन लोग और गंजम में चार तथा कंधमाल जिले में दो लोग मारे गए. विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) बी पी सेठ ने बताया कि गंजम और गजपति जिलों में स्थिति में थोड़ा सुधार आया है. निचले इलाके से पानी कम हो रहा है और पेड़ तथा बिजली के खंभे उखड़ने से अवरुद्ध हुई सड़कों को साफ किया जा रहा है.

उन्होंने मुख्य सचिव ए पी पाधी के साथ समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘राज्य में सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में से एक गंजम में कई स्थानों पर बिजली की आपूर्ति बहाल की गई. गजपति में भी ओडिशा वन विकास निगम (ओएफडीसी) के कर्मचारियों को उखड़े हुए पेड़ों को हटाकर सड़कें साफ करने के काम में लगा दिया गया है.’

एसआरसी ने बताया कि चक्रवात ने कई प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान पहुंचाया. अगले कुछ दिनों में नुकसान का आकलन किया जाएगा और इसके अनुसार प्रभावित किसानों को मदद दी जाएगी.

जिलाधीश विजय अमृत कुलांगे ने बताया कि गंजम में पिछले दो दिनों में अस्का और पुरुषोत्तमपुर डूब गए. उन्होंने बताया कि राहत दल को इन इलाकों में फंसे लोगों के लिए विमान के जरिए भोजन के पैकेट गिराने पड़े. एसआरसी ने बताया कि पिछले 24 घंटे में गंजम, गजपति और रायगडा जिलों में बाढ़ का पानी कम हुआ है. उन्होंने कहा, ‘मौसम में सुधार के बाद लोग घर लौट रहे हैं तो अब इन जिलों में राहत शिविरों में भोजन उपलब्ध नहीं कराया जाएगा.’

गजपति में भूस्खलन की घटना के बारे में सेठी ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिवार को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का फैसला किया है. उन्होंने बताया कि पुनर्वास के काम में तेजी लाने के लिए गजपति में ओडीआरएएफ की तीन अतिरिक्त और एनडीआरएफ की दो अतिरिक्त टीमों को भेजा जाएगा. सेठी ने कहा, ‘‘बाढ़ से प्रभावित इलाकों में पुनर्वास में वक्त लगेगा लेकिन प्रमुख नदियों में जल स्तर घटने से लोगों को राहत मिली है. बरनीघाट के समीप बुढ़ाबलंगा नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है.’

एसआरसी ने कहा कि मयूरभंज जिले में स्थिति में अभी बदलाव नहीं आया है. यहां गांववाले अब भी बाढ़ जैसी स्थिति से जूझ रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘बुढ़ाबलंगा और गंगहरा नदियों के उफान पर होने के कारण मयूरभंज के बाड़ासही मंडल के करीब 14 गांव डूब गए. जलाका नदी के उफान पर होने के कारण बासता और बलियापाल के बीच सड़क संपर्क अब भी बाधित है.’ इस बीच, राज्य के राजस्व मंत्री महेश्वर मोहंती के नेतृत्व वाले तीन सदस्यीय दल ने रविवार को राज्य के प्रभावित इलाकों में पुनर्वास के काम की समीक्षा की.

दो दिन पहले गठित मंत्री स्तरीय दल को नुकसान का आकलन करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई. मोहंती ने सुबह गजपति जिले का दौरा किया जबकि वित्त मंत्री शशि भूषण बेहरा और एससी-एसटी विकास मंत्री रमेश माझी ने कंधमाल जिले में राहत कार्य का जायजा लिया. मोहंती ने कहा, ‘प्रभावित इलाकों में जिला मुख्यालयों तथा मंडल मुख्यालयों तक सड़क संपर्क बहाल कर लिया गया है. जनजीवन पटरी पर लाने के लिए तेजी से काम चल रहा है.’

दूसरी ओर, विपक्षी दल भाजपा और कांग्रेस ने बीजद सरकार पर चक्रवात तितली और उसके बाद आई बाढ़ से निपटने के लिए उचित बंदोबस्त करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है. केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता धर्मेंद्र प्रधान ने एक बयान में कहा कि राज्य सरकार ने जिस तरीके से इस आपदा का जवाब दिया वह इससे निपटने में उसकी ‘खराब तैयारियों’ को दिखाती है. उन्होंने कहा कि राज्य के एक वरिष्ठ मंत्री ने गजपति जिले में भूस्खलन में लोगों की मौत के संबंध में ‘‘गैर जिम्मेदाराना बयान’ दिया है.

प्रधान ने कहा कि ओडिशा के मंत्री ने कहा कि चक्रवात तितली से राज्य में जितने लोग मारे गए हैं वह अमेरिका में इसी आपदा में मारे गए 170 लोगों की तुलना में कम है. उन्होंने कहा कि यह बयान ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीकांत जेना ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए उस पर प्राकृतिक आपदा के दौरान उचित तरीके से अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहने का आरोप लगाया. विपक्ष के आरोप को खारिज करते हुए बीजद प्रवक्ता सस्मित पात्रा ने कहा कि राजनीतिक दल एक त्रासदी से राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola