लोकसभा में मानव अधिकार संरक्षण संशोधन विधेयक 2018 पेश
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 09 Aug 2018 4:57 PM
नयी दिल्ली : लोकसभा में आज मानव अधिकार संरक्षण संशोधन विधेयक 2018 पेश किया गया. सदन में गृह राज्य मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने उक्त विधेयक पेश किया. इसमें प्रावधान किया गया है कि आयोग के अध्यक्ष के रूप में किसी ऐसे व्यक्ति को नियुक्त किया जा सके जो उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश रहा है. […]
नयी दिल्ली : लोकसभा में आज मानव अधिकार संरक्षण संशोधन विधेयक 2018 पेश किया गया. सदन में गृह राज्य मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने उक्त विधेयक पेश किया. इसमें प्रावधान किया गया है कि आयोग के अध्यक्ष के रूप में किसी ऐसे व्यक्ति को नियुक्त किया जा सके जो उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश रहा है. इसमें आयोग के सदस्यों की संख्या दो से बढ़ाकर तीन की जा सके जिसमें एक महिला हो. विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों में कहा गया है कि मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 को मानव अधिकारों के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राज्य मानवाधिकार आयोग और मानव अधिकार न्यायालयों के गठन को लेकर उपबंध करने के लिए अधिनियमित किया गया था.
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उक्त आयोग की पुन: प्रत्यायन संबंधी राष्ट्रीय मानव अधिकार संस्थाओं की वैश्विक संधि की संबद्धता संबंधी उप समिति द्वारा उठाई गई चिंताओं का समाधान करने के लिए अधिनियम में कुछ संशोधनों का प्रस्ताव किया है. इसके अलावा, कुछ राज्य सरकारों ने भी अधिनियम में संशोधन के लिए प्रस्ताव किए हैं क्योंकि उन्हें संबंधित राज्य आयोगों के अध्यक्ष के पद पर उक्त पद के लिए विद्यमान पात्रता मानदंडों के कारण उचित अभ्यर्थियों को ढूंढने में कठिनाइयां आ रही हैं. उपरोक्त को ध्यान में रखते हुए उक्त अधिनियम के कुछ उपबंधों का संशोधन करना आवश्यक हो गया है.
प्रस्तावित संशोधन आयोग और साथ ही राज्य आयोगों को भी उनकी स्वायत्तता, स्वतंत्रता, बहुलवाद और मानव अधिकारों के प्रभावी संरक्षण तथा उनका संवर्धन करने के लिए व्यापक कार्यों के संबंध में पेरिस सिद्धांत से और अधिक सुसंगत करने में समर्थ बनाएंगे. इसमें प्रस्ताव किया गया है कि आयोग और राज्य आयोगों के अध्यक्षों एवं सदस्यों की पदावधि को पांच वर्ष से कम करके तीन वर्ष किया जा सके, साथ ही वे पुनर्नियुक्ति के पात्र होंगे. इसमें उपबंध किया गया है कि ऐसे व्यक्ति जो उच्च न्यायालय के न्यायाधीश रहे हों, उन्हें राज्य आयोग के अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति हेतु पात्र बनाया जा सके.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










