राफेल डील पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, एक दूसरे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्‍ताव की तैयारी

Updated at : 23 Jul 2018 10:35 PM (IST)
विज्ञापन
राफेल डील पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, एक दूसरे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्‍ताव की तैयारी

नयी दिल्ली : भाजपा ने राफेल सौदे पर कांग्रेस द्वारा सोमवार को उठाये गये सवालों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्षी दल राहुल गांधी को बचाने के लिए झूठा राग अलाप रहा है. भाजपा ने साथ ही कहा कि राहुल गांधी लोकसभा को ‘गुमराह करने के लिए प्रथम दृष्टया विशेषाधिकार हनन के दोषी हैं.’ […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : भाजपा ने राफेल सौदे पर कांग्रेस द्वारा सोमवार को उठाये गये सवालों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्षी दल राहुल गांधी को बचाने के लिए झूठा राग अलाप रहा है. भाजपा ने साथ ही कहा कि राहुल गांधी लोकसभा को ‘गुमराह करने के लिए प्रथम दृष्टया विशेषाधिकार हनन के दोषी हैं.’ जबकि कांग्रेस की ओर से रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया जा रहा है. कांग्रेस दोनों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्‍ताव लाना चाहती है.

भाजपा की ओर से विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस के सवालों को खारिज करने के साथ ही तत्कालीन संप्रग सरकार द्वारा रक्षा खरीद एवं अन्य मुद्दों पर संसद में दिये गये जवाबों का भी उल्लेख किया जहां तत्कालीन रक्षा मंत्रियों, पहले प्रणव मुखर्जी और बाद में ए के एंटनी ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए सौदों से जुड़ी कीमतों को साझा करने से इंकार कर दिया था. प्रसाद ने कहा कि तत्कालीन संप्रग सरकार का रवैया सही था.

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर राफेल सौदे पर संसद में ‘झूठ’ बोलने का आरोप लगाते हुए सोमवार को कहा कि 2008 में इस लड़ाकू विमान के संदर्भ में भारत और फ्रांस के बीच हुए समझौते में ऐसा कोई प्रावधान नहीं था जिस वजह से इस सौदे की कीमत का खुलासा नहीं किया जा सकता है. कांग्रेस द्वारा इस मुद्दे पर सरकार पर जोरदार हमला बोलने और लोकसभा को ‘गुमराह’ करने के लिए प्रधानमंत्री और सीतारमण के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाने की संभावना है.

राफेल सौदे को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा संसद में मोदी सरकार पर निशाना साधने के कुछ दिन बाद पूर्व रक्षा मंत्री ए के एंटनी, पार्टी के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा और प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की. इन नेताओं ने विमानों की कीमतों का खुलासा करने की मांग की. नेताओं ने संप्रंग के शासनकाल में जनवरी, 2008 में फ्रांस के साथ हुए गोपनीय समझौते की प्रति भी जारी की.

रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वह अपने राजनीतिक हितों के लिए भारत की सुरक्षा को दांव पर लगाने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘राफेल सौदे पर कांग्रेस का रूख देश हित में कतई नहीं है.’ कांग्रेस लगातार यह मांग कर रही है कि सरकार राफेल लड़ाकू विमान की कीमतों संबंधी ब्यौरा साझा करे. विपक्षी पार्टी ने साथ ही मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि वह इन विमानों को इनकी समझौते के समय की कीमतों के बजाय अधिक कीमत पर खरीद रही है.

उन्होंने कहा, ‘वंशवादी पार्टियां एक परिवार के आसपास जमा भीड़ है. कांग्रेस के बारे में यह सच है. चूंकि इस परिवार के एक सदस्य ने झूठ बोला है, तो परिवार के आसपास जमा भीड़ के पास एक सुर में झूठ का राग अलापने के अलावा कोई विकल्प नहीं है. और आज यही हुआ है.’ प्रसाद ने आरोप लगाया कि संप्रग सरकार ‘भ्रष्टाचार का पर्याय थी और कांग्रेस एक मनगढंत मुद्दा उठाकर ऐसा प्रभाव पैदा करना चाहती है, मानो बाकी भी उसी की तरह से भ्रष्ट हैं.

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘यह एक दुखद दिन है कि खुलासा करने में अक्षम होने की बात करके वे देश के संविधान का भी सम्मान नहीं कर रहे हैं और संसद को गुमराह कर रहे हैं. फ्रांस के कानून के अनुसार संबंधित कंपनियों के लिए भी सालाना जानकारी देना अनिवार्य है.’ शर्मा ने कहा, ‘सरकार के रिकॉर्ड, विरोधाभासी बयानों और इंकार के आधार पर मैं बेहिचक कह सकता हूं कि निश्चित तौर पर इसमें कुछ घोटाला हुआ है.’ उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री भी समान रूप से जवाबदेह हैं. वह बराबर रूप से जिम्मेदार भी हैं.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola