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बुराड़ी कांड: तो क्या इसलिए घर की दीवार पर लगाये गये थे 11 पाइप

Updated at : 03 Jul 2018 7:47 AM (IST)
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बुराड़ी कांड: तो क्या इसलिए घर की दीवार पर लगाये गये थे 11 पाइप

-मृतक की बहन बोली, परिवार की हत्या हुई तंत्र-मंत्र व तांत्रिक साधना से किया इनकार नयी दिल्ली : उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी के जिस घर में एक ही परिवार के 11 लोग मृत मिले उसके आस पास रहने वालों ने दावा किया है कि इस घर की एक तरफ की दीवार पर लगे 11 पाइपों […]

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-मृतक की बहन बोली, परिवार की हत्या हुई तंत्र-मंत्र व तांत्रिक साधना से किया इनकार

नयी दिल्ली : उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी के जिस घर में एक ही परिवार के 11 लोग मृत मिले उसके आस पास रहने वालों ने दावा किया है कि इस घर की एक तरफ की दीवार पर लगे 11 पाइपों का ‘‘ गुप्त अर्थ ‘ है. हालांकि पुलिस ने पाइपों और मौतों के बीच किसी तरह के संबंध से इनकार किया है. स्थानीय लोगों का दावा है कि ‘‘ मृतकों की आत्माओं के लिये ‘ 11 पाइप लगाये गये थे. हालांकि एक पडोसी ने कहा कि लकड़ी के सामान का कारोबार करने वाले परिवार ने पाइप इसलिये लगाये थे ताकि प्लाईवुड पर लगाये गये रसायन से उठने वाला जहरीला धुआं इन पाइपों से होकर निकल सके.

इधर, आत्महत्या मामले में पुलिस अबतक ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है. 11 लोगों में से आठ के पोस्टमार्टम में संघर्ष और जोर जबरदस्ती के कोई संकेत नहीं मिले हैं. पुलिस ने बताया कि उन सभी की मौत फांसी पर लटकने से हुई. दो बच्चों और बुजुर्ग महिला नारायण देवी समेत आठ लोगों का पोस्टमार्टम किया गया है. अब तक पुलिस को गला घोंटे जाने या हाथापाई के कोई संकेत नहीं मिले हैं. वहीं, परिजन और रिश्तेदारों का मानना है आत्महत्या का मामला नहीं है हत्या हुई है. मृतक भाइयों ललित और भूपी की बहन सुजाता ने कहा कि उनके परिवार में कोई परेशानी नहीं थी. यह सरासर हत्या का मामला है. कुछ ही दिन में ही घर में उनकी भतीजी की शादी होनेवाली थी. पूरा परिवार इसे लेकर उत्साहित था. सुजाता ने कहा कि लोग अंधविश्वास की बात कह रहे हैं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं था. परिवार के लोग धार्मिक थे. किसी बाबा, तंत्र-मंत्र के चक्कर में शामिल नहीं थे. घर का दरवाजा खुला है. पुलिस कह रही है कि आत्महत्या हुई है. ऐसा नहीं है. जांच ठीक से होनी चाहिए. वे किसी बाबा को नहीं मानते थे. सिर्फ हनुमान जी को मानते थे. फेसबुक पर तंत्र मंत्र से संबंधित कुछ पोस्ट लिखने की भी बात पता चली है.

स्वयंभू बाबा की तलाश

बुराड़ी में रहस्यमय मौत मामले में एक और खुलासा हुआ है. पुलिस सूत्रों के अनुसार मृतक परिवार एक स्वयंभू बाबा को मानता था. पुलिस इस मामले में एक बाबा जानेगदी को तलाश कर रही है. पुलिस को मृतकों के मोबाइल फोन से बाबा का क्लू मिला है और उसकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है. मृतकों के कॉल डिटेल खंगाले जा रहे हैं. पुलिस की एक थ्योरी के मुताबिक शायद किसी तांत्रिक ने ही परिवार को आत्महत्या के लिए उकसाया है.

रस्सी किसने निकाली, जांच कर रहे : पुलिस

बुराड़ी में मृत पाये गये लोगों में संघर्ष के कोई संकेत नहीं मिले हैं. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन सभी की मौत फांसी पर लटकने के कारण हुई. अधिकारी के मुताबिक दो बच्चों और बुजुर्ग महिला नारायण देवी समेत आठ लोगों का पोस्टमार्टम किया गया है और अब तक पुलिस को गला घोंटे जाने या हाथापाई के कोई संकेत नहीं मिले हैं. पुलिस ने बताया कि दस लोग लोहे के जाल में फांसी से लटके थे जबकि 77 वर्षीय महिला घर के एक अन्य कमरे में मृत मिली थीं. पहले यह आशंका जताई जा रही थी कि नारायण देवी की मौत गला घोंटे जाने से हुई है लेकिन चिकित्सकों का कहना है उनकी मौत भी फांसी लगने के कारण ही हुई है क्योंकि रस्सी उनके शव के निकट लटकी हुई पायी गयी. पुलिस अधिकारी ने बताया कि अब यह जांच का विषय है कि उनके गले से रस्सी को निकाला किसने होगा.

हाथ से लिख कर पूरी योजना बनायी, मोक्ष का मार्ग बताया

खुदकुशी के स्थल से मिले हाथ से लिखे नोट्स पर पुलिस को संदेह है कि यह मामला सोच-समझकर की गयी आत्महत्या का है जो किसी धार्मिक अनुष्ठान के लिए की गयी है. पुलिस के मुताबिक नोट्स पर लिखा है कि ‘कोई मरेगा नहीं’ बल्कि कुछ ‘महान’ हासिल कर लेगा. जिस घर से शव मिले हैं वहां से एक एक रजिस्टर भी मिला है जिसमें मोक्ष प्राप्ति का रास्ता बताया गया है. रजिस्टर में लिखा है, ‘पट्टियां अच्छे से बंधनी चाहिए, शून्य के अलावा कुछ नहीं दिखना चाहिए. रस्सी के साथ सूती चुन्नियों या साड़ी का प्रयोग करना है. सात दिन बाद पूजा लगातार करनी है, थोड़ी लगन और श्रद्धा से. कोई घर में आ जाये, तो अगले दिन गुरुवार या रविवार को चुनिये. रात 12 से एक बीच क्रिया करनी है, इससे पहले हवन करना है. बेब्बे खड़ी नहीं हो सकतीं, तो अलग कमरे में लेट सकती हैं. सबकी सोच एक जैसी होनी चाहिए. पहले से दृढ़ता के साथ, ये करते ही तुम्हारे आगे के काम दृढ़ता से शुरू हो जायेंगे. मद्धम रोशनी रखनी है. हाथों की पट्टियां बच जायें, तो उन्हें आंखों पर डबल कर लेना. मंुह की पट्टी को भी रूमाल से डबल कर लेना. जितनी दृढ़ता और श्रद्धा दिखाओगे उतना ही उचित फल मिलेगा.’ फांसी से लटके मिले लोगों के चेहरे पर टेप लगे थे और उनके चेहरे जिन कपड़ों के टुकड़ों से ढके हुए थे वह एक ही चादर में से काटे गये थे. बुजुर्ग महिला का चेहरा ढका नहीं था.

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