Shameful : सागर में छात्राआें के उतरवाये गये कपड़े, सैनेटरी नैपकिन लापरवाही से फेंके जाने का आरोप

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सागर (मप्र) : मध्य प्रदेश के सागर शहर के छात्रावास में छात्राआें के कपड़े उतरवाने का मामला प्रकाश में आया है. यहां एक छात्रावास में शौचालय के पास उपयोग कर लापरवाहीपूर्वक फेंका गया एक सैनेटरी नैपकिन मिलने के बाद छात्रावास अधीक्षिका के आदेश पर छात्राओं के कपड़े कथित तौर पर उतरवा कर जांच करने का […]

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सागर (मप्र) : मध्य प्रदेश के सागर शहर के छात्रावास में छात्राआें के कपड़े उतरवाने का मामला प्रकाश में आया है. यहां एक छात्रावास में शौचालय के पास उपयोग कर लापरवाहीपूर्वक फेंका गया एक सैनेटरी नैपकिन मिलने के बाद छात्रावास अधीक्षिका के आदेश पर छात्राओं के कपड़े कथित तौर पर उतरवा कर जांच करने का एक मामला सामने आया है. छात्रावास में रहने वालों ने बताया कि यह घटना छात्रावास अधीक्षिका प्रोफेसर चंदा बेन द्वारा रविवार को निरीक्षण किये जाने के दौरान हुई. इसके बाद डॉ हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के छात्रावास की लड़कियों ने विरोध प्रदर्शन किया.

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छात्राओं के मुताबिक, छात्रावास की गैलरी में शौचालय के पास सैनेटरी नैपकिन मिलने के बाद छात्रावास अधीक्षिका प्रोफेसर चंदा बेन ने नाराजगी जाहिर की. पूछताछ में यह पता नहीं चला कि सैनेटरी नैपकिन किसने फेंका है. तब चंदा बेन ने अधीनस्थ महिला कर्मचारियों से कहा कि वह लड़कियों के कपड़े उतरवाकर जांच करें और पता लगायें कि किन-किन छात्राओं को मासिक धर्म हुआ है. छात्रावास अधीक्षिका के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर 40 से अधिक छात्राओं ने परिसर में स्थित कुलपति आवास के सामने प्रदर्शन किया.

विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस घटना की सत्यता का पता लगाने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर उसे तीन दिन में रिपोर्ट देने के लिए कहा है. कुलपति प्रोफेसर आरपी तिवारी ने सोमवार को बताया कि छात्रावास की करीब 40 छात्राएं यह शिकायत लेकर मेरे आवास पर आयीं. ये छात्राएं मेरी बेटियों के समान है. मैंने उनसे माफी मांगी. यह अत्यंत शर्मनाक, निंदनीय एवं बेहद दुखद है. तिवारी ने बताया कि इस घटना की सत्यता का पता लगाने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गयी है, जो तीन दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.

इस घटना को लेकर छात्र संगठनों ने भी सोमवार को विश्वविद्यालय में प्रदर्शन किया. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेता ज्योतिष पांडे ने बताया कि उन लोगों ने कुलपति से जांच के पूरा होने तक आरोपी छात्रावास अधीक्षिका को कार्य से अलग रखने की मांग की है. वहीं, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के नेता राहुल खरे ने विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच के लिए समिति में विश्वविद्यालय के शिक्षकों की जगह सेवानिवृत्त न्यायाधीश एवं समाज के प्रतिष्ठित लोगों को रखने की मांग की है. उन्होंने यह भी कहा कि जांच में दोषी पाये जाने वालों के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज किया जाना चाहिए.

खरे ने बताया कि हमारे संगठन ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए प्रदर्शन के बाद उन्हें मुफ्त सैनेटरी नैपकिन भी बांटे. इस बीच, सागर संसदीय सीट के भाजपा सांसद लक्ष्मीनारायण यादव ने इस कथित घटना को निंदनीय करार दिया. साथ ही, उन्होंने इसे "छोटी” घटना बताते हुए कहा कि मीडिया को इसे ज्यादा तूल देने की जरूरत नहीं है.

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