ePaper

पीएम नरेंद्र मोदी के लिए हर परिस्थिति में भरोसे का नाम हैं वित्तमंत्री अरुण जेटली

Updated at : 01 Feb 2018 11:01 AM (IST)
विज्ञापन
पीएम नरेंद्र मोदी के लिए हर परिस्थिति में भरोसे का नाम हैं वित्तमंत्री अरुण जेटली

नयी दिल्ली : नरेंद्र मोदी सरकार के वित्तमंत्री के रूप में अरुण जेटली लगातार चौथावआखिरी पूर्ण बजट पेश करने जा रहे वित्तमंत्री अरुण जेटली एक तरह से आज इतिहास रचने जा रहे हैं. इतिहास इस मायने में कि पिछले दो दशक में अटल बिहारी वाजपेयी हों या डॉ मनमोहन सिंह उन्होंने अपनी सरकार में वित्तमंत्रियों […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : नरेंद्र मोदी सरकार के वित्तमंत्री के रूप में अरुण जेटली लगातार चौथावआखिरी पूर्ण बजट पेश करने जा रहे वित्तमंत्री अरुण जेटली एक तरह से आज इतिहास रचने जा रहे हैं. इतिहास इस मायने में कि पिछले दो दशक में अटल बिहारी वाजपेयी हों या डॉ मनमोहन सिंह उन्होंने अपनी सरकार में वित्तमंत्रियों को बदला, लेकिन नरेंद्र मोदी का भरोसा वित्तमंत्री के रूप में अरुण जेटली पर कायम रहा. भाजपा व संघ परिवार के लोगों की तीखी आलाेचना के बाद भी मोदी का जेटली पर से विश्वास डिगा नहीं. सरकार में एक अहम सहयोगी के रूप में ही नहीं बल्कि एक राजनीतिक सहयोगी व मित्र के रूप में भी जेटली पर मोदी का मजबूत भरोसा सालों से कायम है. भारतीय राजनीति में अमित शाह के बाद अरुण जेटली को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे करीब माना जाता है. उन्हें मोदी सरकार का मास्टर माइंड या मुख्ययोजनाकार-शिल्पकार भी माना जाता है. अरुण जेटली ने पिछले सवा साल में मोदी सरकार के दो महत्वाकांक्षी सुधारों को बड़े सलीके से सफल किया – एक नोटबंदी या विमुद्रीकरण और दूसरा जीएसटी.

मोदी बन गये थे जेटली की ढाल

बजट से ठीक पहले साल 2016 के शुरुआती दिनों में बिजनेस न्यूज केलिए दुनिया भर में मशहूर एजेंसी रायटर्स ने खबर दी थी कि प्रधानमंत्री मोदी अपना वित्तमंत्री बदल सकते हैं और उनकी जगह यह जिम्मेवारी पीयूष गोयल को सौंपी जा सकती है. लेकिन, ऐसा कुछ हुआ नहीं. जेटली अपने पद पर बने रहे. पिछले साल जब जीडीपी ग्रोथ रेट गिर कर 6.7 प्रतिशत तक पहुंच गयी, तब यशवंत सिन्हा, सुब्रमण्यन स्वामी व अरुण शौरी जैसे संघ-भाजपा के आर्थिक जानकारों ने हमला शुरू किया था, लेकिन बाद में एक कार्यक्रम के दौरान नरेंद्र मोदी खुद अरुण जेटली की ढाल बन गये और उन्होंने आंकड़े देकर बताया कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में कब-कब जीडीपी ग्रोथ में गिरावट आयी थी.

अरुण जेटली : दिल्ली वाला दोस्त

नरेंद्र माेदी के लिए अरुण जेटली दिल्ली वाले दोस्त हैं. अरुण जेटली दिल्ली के हैं और दिल्ली व वहां की स्थानीय राजनीति-चीजों पर उनकी गहरी पकड़ रही है. जब अटल बिहारी वाजपेयी ने नरेंद्र मोदी को दिल्ली से वापस गांधीनगर बतौर मुख्यमंत्री भेजा था, तब दिल्ली दरबार में जेटली मोदी के सबसे भरोसमंद दोस्त थे, जो हर परिस्थिति में उनके साथ रहते थे. गुजरात दंगों के बाद व्यापक आलोचनाओं के बीच भी जेटली मोदी के साथ खड़े रहे. वे मोदी के लिए राजनीतिक मित्र के साथ-साथ एक बड़े वकील के रूप में कानूनी सलाहकार भी थे. जेटली ने गुजरात के चुनाव प्रभारी के रूप में मोदी के साथ खुद की दोस्ती निभाई और पार्टी के शानदार प्रदर्शन में सहयोग किया.

लोकसभा चुनाव में हार

2014 के लोकसभा चुनाव में जब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी पहली बार स्पष्ट बहुमत हासिल कर रही थी, तब अरुण जेटली अमृतसर से चुनाव हार गये थे. जेटली ने मोदी लहर में तब पहला चुनाव लड़ा थाऔर वे इस हार से वे बेहद आहत थे. जब जीत का जश्न मनाने पूरी भाजपा सड़कों पर आ रही थी, तब जेटली अपने कमरे में बंद थे. ऐसे में मोदी की सलाह पर राजनाथ सिंह जेटली से मिलने उनके घर गये और उन्हें इस हार से प्रभावित न होने की सलाह दी.

इसके साथ ही पार्टी की ओर से यह बयान आया कि अरुण जेटली भले ही चुनाव हार गये हों, लेकिन वे हमारे लिए मूल्यवान हैं और पार्टी उनका प्रतिभा का उपयोग करेगी. इस बयान में यह संकेत था कि नरेंद्र मोदी सरकार में जेटली बड़ी भूमिका निभाने जा रहे हैं. ऐसा ही हुआ भी जेटली को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्तमंत्री बनाया, इतना ही नहीं लंबे समय तक वे रक्षामंत्री का पद भार भी संभालते रहे.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola