आंध्र प्रदेश में बीते 48 घंटों में 11 छात्रों ने की आत्महत्या, रिजल्ट की टेंशन या नाकामी का डर?

Published by : Pritish Sahay Updated At : 29 Apr 2023 1:42 PM

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आंध्र प्रदेश बोर्ड में इंटरमीडिएट परीक्षा की 11वीं और 12वीं के नतीजे बीते बुधवार को जारी हुए थे. रिजल्ट जारी होने के महज 48 घंटों के अंदर प्रदेश के 9 छात्रों ने खुदकुशी कर ली. वहीं, दो छात्रों के बारे में पुलिस का कहना है कि उन्होंने भी कथित तौर पर खुदकुशी की कोशिश की.

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परीक्षा में खराब रिजल्ट होने या पास नहीं कर पाने की डर के कारण हर साल कई छात्र-छात्राएं खुदकुशी कर लेते हैं. हाल के दिनों में जिस तरह रिजल्ट को लेकर विद्यार्थियों में दबाव बढ़ा है उससे उनकी खुदकुशी करने के मामलों में भी इजाफा हुआ है. ताजा मामला आंध्र प्रदेश का है, जहां एक 9 छात्रों ने आत्महत्या कर ली है. आंध्र प्रदेश में 11वीं और 12वीं का रिजल्ट जारी हुआ इसके महज 48 घंटों के अंदर 9 छात्रों ने खुदकुशी कर ली है. वही, एनडी टीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दो छात्रों के बारे में पुलिस का कहना है कि उन्होंने भी कथित तौर पर खुदकुशी की कोशिश की.

खराब रिजल्ट के डर से दे रहे जान!: गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश बोर्ड में इंटरमीडिएट परीक्षा की 11वीं और 12वीं के नतीजे बीते बुधवार को जारी हुए थे. रिजल्ट जारी होने के महज 48 घंटों के अंदर प्रदेश के 9 छात्रों ने खुदकुशी कर ली. कई लोगों का कहना है कि परीक्षा में असफलता के कारण विद्यार्थियों ने जान दे दी है. बता दें, आंध प्रदेश की बोर्ड परीक्षाओं में इस साल करीब 10 लाख विद्यार्थी शामिल हुए थे. रिजल्ट में कक्षा 11वीं में 61 परीक्षार्थी पास हुए तो वहीं 12वीं में 72 फीसदी छात्र सफल रहे.

छात्राओं ने भी की खुदकुशी: एनडी टीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में एक 17 साल के छात्र ने ट्रेन के सामने कूदकर खुदकुशी कर ली. बताया जा रहा है कि 11वीं में फेल होने के कारण वो काफी निराश हो गया था, इस कारण उसने आत्महत्या कर ली. वहीं, विशाखापट्टनम के मलकापुरम थाना क्षेत्र की रहने वाली एक छात्रा ने भी आत्महत्या कर ली. 11वीं की परीक्षा में वो फेल हो गई थी. विशाखापत्तनम जिले में ही 18 साल के एक छात्र ने फेल होने के बाद खुदकुशी कर ली.

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मुख्य न्यायाधीश भी जता चुके हैं चिंता: गौरतलब है कि विद्यार्थियों के बढ़ते खुदकुशी के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ भी चिंता जता चुके हैं. फरवरी में छात्रों के खुदकुशी पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा था कि शोक संतप्त परिवार के प्रति उनकी गहरी संवेदना है. उन्होंने कहा कि आखिर हमारे संस्थान कहां गलत हो रहे हैं, कि छात्र अपनी जान लेने को मजबूर हो गये हैं. 

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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