...तो इसलिए भाजपा को अपनी मां का दर्जा देते हैं वेंकैया नायडू

नयी दिल्ली : सत्तर के दशक में जब भाजपा का पूर्ववर्ती संगठन जनसंघ अपनी पहचान बना ही रहा था और दक्षिण में उसका कोई आधार नहीं था, तब आंध्र प्रदेश का एक युवा पार्टी कार्यकर्ता अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी जैसे दिग्गजों के पोस्टर लगाने में व्यस्त रहता था. ‘जी हां’ वो कोई और […]
नयी दिल्ली : सत्तर के दशक में जब भाजपा का पूर्ववर्ती संगठन जनसंघ अपनी पहचान बना ही रहा था और दक्षिण में उसका कोई आधार नहीं था, तब आंध्र प्रदेश का एक युवा पार्टी कार्यकर्ता अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी जैसे दिग्गजों के पोस्टर लगाने में व्यस्त रहता था. ‘जी हां’ वो कोई और नहीं था उसका नाम मुप्पावरापू वेंकैया नायडू था जिसे एनडीए ने उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है.
भावुक हुए वेंकैया नायडू, कहा- मां की मृत्यु के बाद मैंने पार्टी को अपनी मां समझा
उपराष्ट्रपति चुनाव: आडवाणी और जोशी से आशीर्वाद लेने के बाद वेंकैया नायडू ने दाखिल किया नामांकन
बीफ बैन पर वेंकैया नायडू बोले – मैं खुद मांसाहारी, भाजपा किसी को शाकाहारी नहीं बनाना चाहती
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




