Bihar News : टूटी है सरकारी स्कूलों की बेंच, कैसे होगा कोरोना नियमों का पालन ? बिहार में School Reopening से पहले बढ़ी शिक्षा विभाग की टेंशन

Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 02 Jan 2021 3:33 PM

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School Reopening Latest Update in bihar : सरकारी स्कूलों के टूटे बेंच पर छात्रों को छह फुट की दूरी पर बैठाना चुनौती बन रहा है. हाईस्कूलों में करीब छह वर्षों से बेंच के लिए पैसा नहीं मिला है. बेंच टूट गये हैं. शहरी हाईस्कूलों में ज्यादातर सिंगर सीटर बेंच हैं. लेकिन वहां भी छह फूट की दूरी बनाये रखने में परेशानी है. बीबी कॉलेजियट के प्राचार्य सुनील कुमार ने बताया कि स्कूल के बेंच डेस्क को मरम्मत करके चलाया जा रहा है. बेंच डेस्क के लिए पैसे नहीं मिले हैं.

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सरकारी स्कूलों के टूटे बेंच पर छात्रों को छह फुट की दूरी पर बैठाना चुनौती बन रहा है. हाईस्कूलों में करीब छह वर्षों से बेंच के लिए पैसा नहीं मिला है. बेंच टूट गये हैं. शहरी हाईस्कूलों में ज्यादातर सिंगर सीटर बेंच हैं. लेकिन वहां भी छह फूट की दूरी बनाये रखने में परेशानी है. बीबी कॉलेजियट के प्राचार्य सुनील कुमार ने बताया कि स्कूल के बेंच डेस्क को मरम्मत करके चलाया जा रहा है. बेंच डेस्क के लिए पैसे नहीं मिले हैं.

बीबी कॉलेजियट के साथ जिला स्कूल में भी वर्ष 2014 के बाद बेंच के लिए पैसा नहीं मिला है. शहरी के अलावा ग्रामीण हाईस्कूलों में भी बेंच-डेस्क जर्जर हैं. यहां के शिक्षकों ने बताया कि कोरोना नियमों के साथ स्कूल चलाने में काफी मुश्किल है. स्कूल में संसाधन नहीं है. बिहार में सरकारी स्कूलों की कोरोना नियमों का पालन से जुड़ी हर News in Hindi से अपडेट रहने के लिए बने रहें हमारे साथ.

कॉलेजों में भी नहीं है छह फुट के बेंच- बिहार विवि के सरकारी कॉलेजों में भी छह फुट के बेंच नहीं हैं. बिहार सरकार ने निर्देश दिया है कि छात्रों के बीच क्लास मे छह फुट की दूरी हो. एक बेंच पर दो ही छात्र बैठाये जायें. लेकिन बिहार विवि के कई बड़े कॉलेजों में चार फुट के ही बेंच हैं. एक कॉलेज की शिक्षक ने बताया कि हमारे यहां चार फुट के ही बेंच हैं इसलिए एक छात्रा को एक कोना और दूसरे कोने में बैठाने के अलावे कोई चारा नहीं है.

छोटे कमरों में चल रहे शहर के कई कोचिंग- शहर में चलने वाले कई कोचिंग केंद्र छोटे कमरों में चल रहे हैं. गली और मोहल्लों में चलने वाले इन कोचिंग केंद्रों में कोरोना से बचाव के एक भी नियम पालन होने में संदेश है. इन कोचिंग केंद्रों में न तो प्रकाश की पूरी व्यवस्था है और न ही सफाई के लिए कोई सामान रखे गये हैं.

कोचिंग का रजिस्ट्रेशन कराना है अनिवार्य- बिहार सरकार के नियम के तहत कोचिंग का रजिस्ट्रेशन जिला शिक्षा विभाग में कराना अनिवार्य है. कोचिंग रजिस्ट्रेशन में 5500 रुपये लगते हैं. जिला शिक्षा विभाग के अनुसार नये वर्ष में कोचिंग रजिस्ट्रेशन का फार्म जारी किया जायेगा और सभी कोचिंग संस्थानों को निर्देश दिया जायेगा कि वह अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन करायें

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Posted By : Avinish kumar mishra

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