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Chaitra Navratri 2023 का पहला दिन आज, जानें पूजा की सही समय, व्रत नियम और कलश स्थापना विधि

Updated at : 22 Mar 2023 6:18 AM (IST)
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Chaitra Navratri 2023 का पहला दिन आज, जानें पूजा की सही समय, व्रत नियम और कलश स्थापना विधि

Chaitra Navratri 2023: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व है. चैत्र नवरात्रि आज से शुरू है और घटस्थापना यानी कलश का शुभ मुहूर्त क्या है. आइए जानते हैं कब है चैत्र नवरात्रि, शुभ मुहूर्त. कलश स्थापना का समय...

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Chaitra Navratri 2023: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व है. नवरात्रि के नौ दिनों को मां दुर्गा का दिन माना गया है. पूरे नौ दिन भक्त सच्ची श्रद्धा से माता रानी की आराधना करते हैं. इस साल चैत्र नवरात्रि कब से शुरू है और घटस्थापना यानी कलश का शुभ मुहूर्त क्या है. इसे लेकर लोग कंफ्यूज हैं. आइए जानते हैं चैत्र नवरात्रि, शुभ मुहूर्त कब है. कलश स्थापना का शुभ समय क्या है.

चैत्र नवरात्रि 2023 कब है

इस बार यानी साल 2023 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत को लेकर लोग उलझे हुए हैं. कुछ  लोगों का कहना है कि चैत्र नवरात्रि 21 मार्च को है तो वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों का कहना है कि 22 मार्च को है. पंडित जितेंद्र शास्त्री ने बताया इस साल चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri Kab Hai) 22 मार्च दिन बुधवार को है.

चैत्र नवरात्रि शुभ मुहूर्त

पंडित जितेंद्र शास्त्री के अनुसार चैत्र नवरात्रि का शुभ मुहूर्त (Chaitra Navratri 2023 Shubh Muhurat)  सभी शहरों में अलग-अलग है. लखनऊ में सुबह 6 बजकर 31 मिनट से उसी दिन 7 बजकर 03 तक है. वहीं दिल्ली में सुबह 6 बजकर 45 मिनट से 7 बजकर 30 तक है. चंडीगढ़ में सुबह 6 बजकर 29 से 7 बजकर 21 मिनट तक है. हैदराबाद में सुबह 6:07 से उसी दिन  सुबह 7:37 तक है. बिहार पटना में सुबह 5:55 से .उसी दिन सुबह 7:03 तक है जबकि कोलकाता में सुबह 5:00 से उसी दिन सुबह 6:00 बजकर 53 मिनट तक शुभ मुहूर्त है.

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घटस्थापना यानी कलश स्थापना की पूजा विधि

पंडित जितेंद्र शास्त्री ने बताया घटस्थापना यानी कलश स्थापना का विशेष महत्व है. नवरात्रि के पहले दिन इस का स्थापना किया जाता है. कलश स्थापना के लिए सबसे पहले मिट्टी का कलश लें और शुभ मुहूर्त में इसे पूजा वाले स्थान पर स्थापित कर लें. इसके बाद कलश के नीचे थोड़ा साफ चालव डालें. इसके बाद कलश के ऊपर एक लाल चुनरी से नारियल को बांध कर रख दें. साथ ही कुछ सिक्का जल में डाल लें. जौ के बीच डाल दें. कलश पर रोली से स्वास्तिक बना लें और ऊपर से गंगाजल डाल दें.

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Shweta Pandey

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By Shweta Pandey

Shweta Pandey is a contributor at Prabhat Khabar.

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