सीएम योगी के पिता की अंतिम दर्शन करने जा रहीं मौसी को उत्तराखंड पुलिस ने रोका
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट (89) का सोमवार सुबह दिल्ली एम्स में निधन हो गया. उनके लीवर और किडनी में समस्या के कारण उन्हें 13 मार्च को एम्स में भर्ती कराया गया था. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह का अंतिम संस्कार उत्तराखंड स्थित पैतृक गांव पंचूर में मंगलवार को होगा.
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट (89) का सोमवार सुबह दिल्ली एम्स में निधन हो गया. उनके लीवर और किडनी में समस्या के कारण उन्हें 13 मार्च को एम्स में भर्ती कराया गया था. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह का अंतिम संस्कार उत्तराखंड स्थित पैतृक गांव पंचूर में मंगलवार को होगा. इधर, खबर सुनने के बाद सीएम योगी के पिता की अंतिम दर्शन करने उनकी मौसी जा रही थी. मौसी सरोज देवी को अंत्येष्टि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पौड़ी जाते समय उत्तराखंड सीमा पर पुलिस ने रोक लिया. फिर बाद में जिला प्रशासन के हस्तक्षेप पर उन्हें दूसरा पास जारी किया गया.
सहारनपुर के जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने बताया कि पास होने के बावजूद मुख्यमंत्री योगी की मौसी सरोज देवी को उत्तराखण्ड में दाखिल होने से रोका गया था. इसके बाद सीएम योगी की मौसी को फिर से नया पास जारी किया गया. कुछ देर बाद उत्तराखण्ड के अधिकारियों से बात करके समस्या सुलझा लिया. अब वह वहां जा सकती हैं. इसके पूर्व, सरोज देवी ने सहारनपुर में संवाददाताओं से कहा मैंने जिलाधिकारी की तरफ से जारी पास दिखाया था मगर उन्होंने (उत्तराखण्ड के अधिकारियों) मना कर दिया. हमने गांव में अपने रिश्तेदारों से बात करने को कहा, लेकिन फोन नहीं उठा. अधिकारियों ने मुझसे कहा कि सिर्फ भाई और बहनें ही जा सकती हैं. मुझसे कहा गया कि आप वापस लौट जाएं. उन्होंने भरे गले से कहा कि मुझे दुख तो होना ही है. सरोज सहारनपुर के नवीन नगर इलाके में रहती हैं.
मुख्यमंत्री योगी ने सोमवार को अपनी भावनाएं कुछ यूं व्यक्त कीं… उन्होंने कहा कि अन्तिम क्षणों में उनके दर्शन की हार्दिक इच्छा थी, परन्तु वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के खिलाफ देश की लड़ाई को यूपी की 23 करोड़ जनता के हित में आगे बढ़ाने के कर्तव्यबोध के कारण मैं उनके अंतिम दर्शन न कर सका. कल 21 अप्रैल को अन्तिम संस्कार के कार्यक्रम में लॉकडाउन की सफलता और महामारी कोरोना को परास्त करने की रणनीति के कारण भाग नहीं ले पा रहा हूं. पूजनीया मां, पूर्वाश्रम से जुड़े सभी सदस्यों से भी अपील है कि लॉकडाउन का पालन करते हुए कम से कम लोग अन्तिम संस्कार के कार्यक्रम में रहें. पूज्य पिताजी की स्मृतियों को कोटि-कोटि नमन करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा हूं. सीएम ने कहा कि लॉकडाउन के बाद वह दर्शनार्थ जाएंगे.
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By Radheshyam Kushwaha
राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.
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