लोहरदगा के कैरो में 70% धान रोपनी का कार्य पूरा, नंदनी डैम की वजह से छायी हरियाली

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प्रखंड क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 14383.83 हेक्टयर है, जहां कृषि योग्य भूमि 8100.24 है व सिंचित भूमि 4891.99 हैं. वहीं कैरो पंचायत में कुल 1089.42 हेक्टेयर भूमि है

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जिले के कैरो व भंडरा प्रखंड के सीमा पर स्थित नंदनी डैम दर्जनों गांव के किसानों के लिए हो रही है वरदान साबित हो रही है. नंदनी डैम का निर्माण वर्ष 1957-58 में एक छोटा सा चेक डैम के रूप में किया गया था. जहां से एक मात्र नहर में पानी का बहाव होता था. परंतु समय के साथ क्षेत्र में तीन नहरों का निर्माण हुआ. और वर्ष 1983-84 में 9 करोड़ रुपये की लागत से डैम का विस्तारीकरण हुआ.

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कैरो व कुडू प्रखंड की ओर बहने वाली नहर से आकाशी, खरुमाटू अम्बवा, चरिमा, आकाशी, बंडा, नरौली, उतका, कैरो, बिराजपुर, नगड़ा, सुकरहुटु व कोलसिमरी पंचायत के कुछ गांव के किसान लाभान्वित होते है. प्रखंड क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 14383.83 हेक्टयर है, जहां कृषि योग्य भूमि 8100.24 है व सिंचित भूमि 4891.99 हैं. वहीं कैरो पंचायत का बात करे तो कुल 1089.42 हेक्टेयर भूमि है, जिसमें कृषि योग्य भूमि 783.64 है व सिंचित भूमि 592.73 है.

कैरो पंचायत में नंदनी डैम से पानी छोड़े जाने से लगभग 70 प्रतिशत खेतो में धान रोपनी का कार्य पूर्ण हुआ है. मौसम के बेरुखी से एक ओर किसान चिंतित हैं तो वहीं नंदनी डैम किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है. आज नहर के बल पर आकाशी, खारूमाटू, नरौली, कैरो, उतका, बनड़ा, बिराजपुर के किसान अपने खेतों में धान रोपनी ससमय कर पा रहें हैं

कैरो प्रखण्ड बनने के बाद से लगातार ग्रामीणों व प्रशासनिक अधिकारियों के लगातार प्रयास से कैरो प्रखंड लगातार प्रगति के पथ पर अग्रसर हो रहा है. डैम व नहर के निर्माण से क्षेत्र में खेती किसानी कार्य में काफी वृद्धि हुई है तो वही पलायन पर भी अकुंश लगा है. किसान रामपवित्र सोनी का कहना है 1958 के करीब एक नहर का निर्माण हुआ, ततपश्चात छोटा सा चेक डैम का निर्माण आकाशी खारूमाटू के समीप हुआ.

जब डैम का विस्तारीकरण किया जा रहा था तब लगता था कई लोगों का जमीन बर्बाद हो जायेगा. परंतु आज डैम का लाभ देख ग्रामीणों में काफी खुशी है. युवा किसान नरौली निवासी प्रवीण साहू का कहना है क्षेत्रवासियों के लिए डैम वरदान से कम नहीं है. मौसम की बेरुखी के बावजूद जहां हर तरफ किसान पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रहे हैं. वहीं एक दो दिनों के बारिश व डैम के सहारे क्षेत्र के किसान धान का रोपनी कर रहें है.

कैरो क्षेत्र के पश्चिम दिशा बिराजपुर व पूर्व दिशा की ओर नरौली, खण्डा नहर में पानी छोड़ा जाता. तो क्षेत्र में 90 प्रतिशत धान रोपनी हो सकती है. युवा किसान जीतबहान महतो का कहना है कि मौसम के बेरुखी से मक्का, बादाम, मडुवा जैसे कई फसलों को काफी नुकसान हो रहा है. जिससे किसानों में मायूसी है तो दूसरी ओर डैम से पानी मिलने से धान का खेती लगने से मायूसी थोड़ी काम हुई है. परंतु मौसम का हालात देखते हुए लगाए गए खेती को भी बचाना किसानों के लिए चुनौती साबित हो रही है.

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