ePaper

कुंदा में 76 वर्ष पुराना है दुर्गा पूजा का इतिहास

Updated at : 25 Sep 2025 9:09 PM (IST)
विज्ञापन
कुंदा में 76 वर्ष पुराना है दुर्गा पूजा का इतिहास

कुंदा में दुर्गा पूजा का इतिहास 76 वर्ष पुराना है. पूजा की शुरुआत महाराजा के समय हुई थी.

विज्ञापन

कुंदा. कुंदा में दुर्गा पूजा का इतिहास 76 वर्ष पुराना है. पूजा की शुरुआत महाराजा के समय हुई थी. राजघराने के लोग जब गांव छोड़कर चले गये, तब ग्रामीणों ने पूजा की पीड़ा उठायी. पूजा की शुरुआत तीन हजार रुपये से गांव के रामप्रसाद गुप्ता, वासुदेव राम, रामकेवल प्रसाद, दुर्गा साव, बजरंगी साव, जुगल राम (सभी अब स्वर्गीय), लोचन साव आदि ने की. अब यहां वृहद रूप से पूजा का आयोजन होने लगा. पहले एक पेड़ के नीचे पुआल की कुटिया बनाकर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की जाती थी, बारिश की परेशानी को देख ग्रामीणों के सहयोग से मंडप का निर्माण किया गया. जहां प्रतिमा स्थापित कर कुछ वर्षों तक पूजा-अर्चना की गयी. नवयुवक संघ दुर्गा पूजा समिति की ओर से 10 वर्षो से पूजा का आयोजन होता आ रहा है. इस बार 100 फीट ऊंचा पूजा पंडाल बनाया जा रहा है. समिति के अध्यक्ष अनुज गुप्ता, सचिव जितेंद्र कुमार सोनिक, कोषाध्यक्ष सौरभ कुमार ने बताया कि इस बार पंडाल को पांच मंजिला मंदिर का स्वरूप दिया जा रहा है. बंगाल से आये कारीगर पंडाल को अंतिम रूप देने में जुटे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
ANUJ SINGH

लेखक के बारे में

By ANUJ SINGH

ANUJ SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola