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समान काम के बदले सरकार दे समान वेतनजेएसएलपीएस कर्मियों का समाहरणालय के समक्ष धरना25कोडपी3धरना में शामिल कर्मी.प्रतिनिधिकोडरमा. राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के अंतर्गत कार्यरत कर्मियों ने स्थायीकरण सहित अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर राज्यव्यापी आह्वान पर झारखंड राज्य आजीविका कर्मचारी संघ के बैनरतले समाहरणालय पर एक दिवसीय धरना दिया गया. अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अमरजीत कुमार व अनंत कुमार पांडेय ने संयुक्त रूप से की. संचालन जिला सचिव अंजनी कुमार सिंह ने किया. धरना में मुख्य वक्ता सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि समान काम के बदले समान वेतन मिलने का अधिकार सभी कर्मियों को है. जेएसएलपीएस का गठन हुए 16 वर्ष हो गये हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 10 साल तक लगातार काम करनेवाले कर्मियों को स्थायी करना है, लेकिन इन्हें सोसाइटी एक्ट में रखकर राज्यकर्मी होने का अधिकार से वंचित किया जा रहा है. झारखंड के हर गांव में आजीविका महिला समूह है, जो जेएसएलपीएस से संचालित होता है. राज्य में इनकी संख्या लगभग 50 लाख है. झारखंड सरकार इन कर्मियों को नियमित करे. अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी, महामंत्री शशि कुमार पांडेय व संयुक्त सचिव दिनेश रविदास ने कहा कि जेएसएलपीएस के अंतर्गत कार्यरत कर्मी लंबे समय से मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं. राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका संवर्धन एवं महिला सशक्तीकरण हेतु सतत काम कर रहे हैं. जेएसएलपीएस कर्मचारी, राज्यकर्मी न्यूनतम वेतन के हकदार है. धरना में जिला कार्यालय सहित सतगावां, डोमचांच, मरकच्चो, जयनगर, चंदवारा और कोडरमा सदर प्रखंड से सिंटू कुमारी, रितेश कुमार, रंजीत कुमार रजक, साधना कुमारी, ललिता कुमारी, प्रदीप कुमार सिंह, बसंत अग्रवाल, संजय कुमार, संतोष कुमार दास, गौरी यादव सहित सभी जेएसएलपीएस कर्मी मौजूद थे.

Updated at : 25 Sep 2025 9:33 PM (IST)
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समान काम के बदले सरकार दे समान वेतनजेएसएलपीएस कर्मियों का समाहरणालय के समक्ष धरना25कोडपी3धरना में शामिल कर्मी.प्रतिनिधिकोडरमा. राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के अंतर्गत कार्यरत कर्मियों ने स्थायीकरण सहित अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर राज्यव्यापी आह्वान पर झारखंड राज्य आजीविका कर्मचारी संघ के बैनरतले समाहरणालय पर एक दिवसीय धरना दिया गया. अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अमरजीत कुमार व अनंत कुमार पांडेय ने संयुक्त रूप से की. संचालन जिला सचिव अंजनी कुमार सिंह ने किया. धरना में मुख्य वक्ता सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि समान काम के बदले समान वेतन मिलने का अधिकार सभी कर्मियों को है. जेएसएलपीएस का गठन हुए 16 वर्ष हो गये हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 10 साल तक लगातार काम करनेवाले कर्मियों को स्थायी करना है, लेकिन इन्हें सोसाइटी एक्ट में रखकर राज्यकर्मी होने का अधिकार से वंचित किया जा रहा है. झारखंड के हर गांव में आजीविका महिला समूह है, जो जेएसएलपीएस से संचालित होता है. राज्य में इनकी संख्या लगभग 50 लाख है. झारखंड सरकार इन कर्मियों को नियमित करे. अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी, महामंत्री शशि कुमार पांडेय व संयुक्त सचिव दिनेश रविदास ने कहा कि जेएसएलपीएस के अंतर्गत कार्यरत कर्मी लंबे समय से मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं. राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका संवर्धन एवं महिला सशक्तीकरण हेतु सतत काम कर रहे हैं. जेएसएलपीएस कर्मचारी, राज्यकर्मी न्यूनतम वेतन के हकदार है. धरना में जिला कार्यालय सहित सतगावां, डोमचांच, मरकच्चो, जयनगर, चंदवारा और कोडरमा सदर प्रखंड से सिंटू कुमारी, रितेश कुमार, रंजीत कुमार रजक, साधना कुमारी, ललिता कुमारी, प्रदीप कुमार सिंह, बसंत अग्रवाल, संजय कुमार, संतोष कुमार दास, गौरी यादव सहित सभी जेएसएलपीएस कर्मी मौजूद थे.

छह सूत्री मांगों को लेकर राज्यव्यापी आह्वान पर झारखंड राज्य आजीविका कर्मचारी संघ के बैनरतले समाहरणालय पर एक दिवसीय धरना दिया गया.

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कोडरमा. राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के अंतर्गत कार्यरत कर्मियों ने स्थायीकरण सहित अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर राज्यव्यापी आह्वान पर झारखंड राज्य आजीविका कर्मचारी संघ के बैनरतले समाहरणालय पर एक दिवसीय धरना दिया गया. अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अमरजीत कुमार व अनंत कुमार पांडेय ने संयुक्त रूप से की. संचालन जिला सचिव अंजनी कुमार सिंह ने किया. धरना में मुख्य वक्ता सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि समान काम के बदले समान वेतन मिलने का अधिकार सभी कर्मियों को है. जेएसएलपीएस का गठन हुए 16 वर्ष हो गये हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 10 साल तक लगातार काम करनेवाले कर्मियों को स्थायी करना है, लेकिन इन्हें सोसाइटी एक्ट में रखकर राज्यकर्मी होने का अधिकार से वंचित किया जा रहा है. झारखंड के हर गांव में आजीविका महिला समूह है, जो जेएसएलपीएस से संचालित होता है. राज्य में इनकी संख्या लगभग 50 लाख है. झारखंड सरकार इन कर्मियों को नियमित करे. अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी, महामंत्री शशि कुमार पांडेय व संयुक्त सचिव दिनेश रविदास ने कहा कि जेएसएलपीएस के अंतर्गत कार्यरत कर्मी लंबे समय से मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं. राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका संवर्धन एवं महिला सशक्तीकरण हेतु सतत काम कर रहे हैं. जेएसएलपीएस कर्मचारी, राज्यकर्मी न्यूनतम वेतन के हकदार है. धरना में जिला कार्यालय सहित सतगावां, डोमचांच, मरकच्चो, जयनगर, चंदवारा और कोडरमा सदर प्रखंड से सिंटू कुमारी, रितेश कुमार, रंजीत कुमार रजक, साधना कुमारी, ललिता कुमारी, प्रदीप कुमार सिंह, बसंत अग्रवाल, संजय कुमार, संतोष कुमार दास, गौरी यादव सहित सभी जेएसएलपीएस कर्मी मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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